
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार मायादेवी मंदिर पार्किंग क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या की वारदात का पुलिस ने महज 8 घंटों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। नगर कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उत्तर प्रदेश के संभल निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने पत्थर से वार कर अपने ही साथी को मौत के घाट उतार दिया था। हत्या की इस खौफनाक वारदात के पीछे की जो वजह सामने आई है, उसने पुलिस और स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है।
वारदात का घटनाक्रम: पार्किंग में मचा हड़कंप
घटना 25 मार्च की है, जब हरिद्वार की मायादेवी मंदिर पार्किंग में अचानक चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने देखा कि दो व्यक्तियों के बीच किसी बात को लेकर हिंसक झड़प हो रही है। चश्मदीदों के मुताबिक, एक युवक दूसरे व्यक्ति के सिर पर भारी पत्थर से ताबड़तोड़ वार कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जहां एक अज्ञात व्यक्ति लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा मिला। पुलिस ने बिना समय गंवाए घायल को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि चिकित्सकों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।
एसएसपी के निर्देश और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
धर्मनगरी में इस तरह की सरेआम हत्या की खबर से हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने तत्काल आरोपी की गिरफ्तारी के आदेश दिए। उनके निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
मृतक की पहचान तत्काल नहीं हो सकी, जिस पर पुलिस ने खुद वादी बनते हुए अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने मुखबिरों के जाल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से घेराबंदी शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप ललतारा पुल के पास से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया।
आरोपी का कबूलनामा: शराब, विवाद और ‘गलत काम’ की जिद
पुलिस की सख्ती के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं पाया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 20 वर्षीय संजीव (पुत्र नरेश) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के जनपद संभल के थाना मैनाढेर अंतर्गत सिरसी रहमतपुर का निवासी है।
संजीव ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले 15 दिनों से मृतक के साथ कूड़ा बीनने का काम कर रहा था। घटना वाले दिन दोनों ने साथ बैठकर शराब पी थी। संजीव के मुताबिक, जब वे पेड़ के नीचे सो रहे थे, तब मृतक ने उसके साथ ‘अप्राकृतिक संबंध’ (गलत काम) बनाने की जिद शुरू कर दी। संजीव ने दावा किया कि उसने 3-4 बार मना किया, लेकिन मृतक नहीं माना और लगातार दबाव बनाने लगा। इसी बात से गुस्से में आकर संजीव ने पास पड़ा एक भारी पत्थर उठाया और सो रहे व्यक्ति के सिर पर दे मारा, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस की सफलता और कानूनी प्रक्रिया
नगर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना पत्थर भी बरामद कर लिया है। उन्होंने कहा, “पुलिस ने महज 8 घंटे के भीतर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसे माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।“
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतक की शिनाख्त करना है। पुलिस आसपास के जिलों और राज्यों की पुलिस से भी संपर्क साध रही है ताकि मृतक के परिजनों का पता लगाया जा सके।
धर्मनगरी में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल?
मायादेवी मंदिर जैसे महत्वपूर्ण और आस्था से जुड़े क्षेत्र के पास हुई इस वारदात ने सुरक्षा को लेकर भी चर्चाएं छेड़ दी हैं। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को यह कड़ा संदेश दिया है कि कानून की नजरों से बच पाना नामुमकिन है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने पुलिस टीम की इस सफलता की सराहना की है।
यह मामला एक बार फिर नशे और अनियंत्रित व्यवहार के घातक परिणामों को उजागर करता है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी संजीव का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।



