
भराड़ीसैंण (गैरसैंण): उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन राज्य के युवाओं और पशुपालकों के लिए नई उम्मीदें लेकर आया। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में प्रश्नकाल के दौरान कौशल विकास, विदेशी रोजगार और दुग्ध उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तीखी लेकिन सार्थक चर्चा हुई। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सरकार का पक्ष रखते हुए न केवल उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि भविष्य की योजनाओं का रोडमैप भी सदन के पटल पर रखा।
विदेशी धरती पर उत्तराखंड का कौशल: 92 युवाओं को मिला रोजगार
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक सुरेश गढ़िया ने “मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना” (Chief Minister Skill Upgradation and Global Employment Scheme) की प्रगति पर सवाल दागा। इसका जवाब देते हुए कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि यह योजना प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसरों के द्वार खोल रही है।
मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक 143 युवाओं को विभिन्न विदेशी भाषाओं का गहन प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि इस योजना के माध्यम से अब तक 92 युवाओं को विदेशों में प्रतिष्ठित संस्थानों में सेवायोजित (Placement) किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड का युवा केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार की मांग के अनुसार खुद को तैयार करे।
कुमाऊं को सौगात: अल्मोड़ा में खुलेगा नया प्रशिक्षण केंद्र
कौशल प्रशिक्षण के बुनियादी ढांचे पर विधायक सुमित हृदयेश के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री बहुगुणा ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देहरादून में एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र संचालित हो रहा है, लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों और युवाओं की सुविधा को देखते हुए जल्द ही कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा में भी एक नया प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। इससे पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी कौशल सीखने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
धोखाधड़ी पर नकेल: विदेश मंत्रालय से सत्यापित हैं एजेंसियां
विदेशों में नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी एक गंभीर मुद्दा है, जिसे विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने सदन में उठाया। इस पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि युवाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। सौरभ बहुगुणा ने स्पष्ट किया कि:
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कौशल विकास विभाग के साथ वर्तमान में 16 एजेंसियां पंजीकृत हैं।
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ये सभी एजेंसियां भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा पूरी तरह सत्यापित हैं।
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सरकार प्रत्येक स्तर पर निगरानी रख रही है ताकि प्रदेश का कोई भी युवा फर्जीवाड़ा का शिकार न हो।
सफेद क्रांति की ओर उत्तराखंड: दुग्ध उत्पादन में 3.13% की वृद्धि
पशुपालन और डेयरी विकास विभाग से जुड़े सवालों पर विधायक बृजभूषण गैरोला ने सरकार को घेरा। इसके जवाब में जो आंकड़े सामने आए, वे प्रदेश की आर्थिक सेहत के लिए सुखद संकेत हैं।
दुग्ध उत्पादन के मुख्य आंकड़े:
| विवरण | वर्तमान आँकड़े (2024-25) | पिछला वर्ष (2023-24) | वृद्धि दर / तुलना |
| कुल दुग्ध उत्पादन | 1957.25 हजार टन | 1897.84 हजार टन | 3.13% की वृद्धि |
| प्रति व्यक्ति उपलब्धता | 456 ग्राम / प्रतिदिन | — | राष्ट्रीय औसत: 485 ग्राम |
| दैनिक औसत उत्पादन | 53.62 लाख किलोग्राम | — | — |
| दैनिक औसत खपत | 50.34 लाख किलोग्राम | — | — |
मंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 2830 दुग्ध सहकारी समितियां सक्रिय हैं। उन्होंने गंगा गाय महिला डेरी, साईलेज प्रोत्साहन और राज्य पशुधन मिशन जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन प्रयासों से न केवल उत्पादन बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं।
‘आंचल’ का बढ़ता बाजार: 444 करोड़ के टर्नओवर का लक्ष्य
उत्तराखंड के अपने ब्रांड ‘आंचल’ (Aanchal Dairy) की सफलता पर चर्चा करते हुए सदन को बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में आंचल ने 399.58 करोड़ रुपये का प्रभावशाली व्यापार किया है। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए 444 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह वृद्धि दर्शाती है कि बाजार में स्थानीय उत्पादों की स्वीकार्यता बढ़ रही है और इससे सीधे तौर पर पशुपालकों की आय में इजाफा हो रहा है।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा का विजन
सत्र के बाद मीडिया से बातचीत में सौरभ बहुगुणा ने कहा, “हमारा मूल मंत्र ‘युवा शक्ति और किसान शक्ति’ है। जहां एक ओर हम विदेशी भाषाओं के जरिए युवाओं को ग्लोबल प्लेटफॉर्म दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पशुपालकों को पशु पोषण और उचित मूल्य दिलाकर उनकी आर्थिक स्थिति सुधार रहे हैं।“



