By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: Uttarakhand: कांग्रेस पार्टी ने गैस संकट पर दी अपनी प्रतिक्रिया, गणेश गोदियाल ने कहा-सरकार का विभागों के साथ तालमेल की कमी 
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > Uttarakhand: कांग्रेस पार्टी ने गैस संकट पर दी अपनी प्रतिक्रिया, गणेश गोदियाल ने कहा-सरकार का विभागों के साथ तालमेल की कमी 
उत्तराखंडफीचर्ड

Uttarakhand: कांग्रेस पार्टी ने गैस संकट पर दी अपनी प्रतिक्रिया, गणेश गोदियाल ने कहा-सरकार का विभागों के साथ तालमेल की कमी 

The Hill India News
Last updated: March 13, 2026 2:33 am
The Hill India News
Published: March 13, 2026
Share
SHARE

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में इन दिनों रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की संभावित किल्लत को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। राज्य के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के दिग्गजों ने इस मुद्दे पर एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जहां कांग्रेस इसे केंद्र सरकार की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की विफलता बता रही है, वहीं भाजपा ने इसे विपक्ष द्वारा फैलाया गया ‘भ्रम’ करार दिया है।

Contents
कूटनीति के मोर्चे पर विफल रही सरकार: गणेश गोदियालविपक्ष फैला रहा है भ्रम, देश में नहीं है कोई किल्लत: महेंद्र भट्टअंतरराष्ट्रीय संकट और घरेलू सियासतक्या है जमीनी हकीकत?जनता के बीच सस्पेंस बरकरार

कूटनीति के मोर्चे पर विफल रही सरकार: गणेश गोदियाल

उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गैस संकट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश और केंद्र सरकार को घेरा है। पार्टी मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब होते हुए गोदियाल ने कहा कि वर्तमान में सरकारी विभागों के बीच तालमेल का घोर अभाव दिख रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “सरकार के भीतर ‘अपनी डफली अपना राग’ वाली स्थिति बनी हुई है। कोई भी विभाग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।”

गोदियाल ने आने वाले समय के लिए चेतावनी देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत और अधिक गहरा सकती है। उन्होंने भारत सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “ईरान जैसे देशों ने अन्य राष्ट्रों को अपने पैसेज (मार्ग) से जो सहूलियतें दी हैं, वैसी कूटनीतिक सफलता भारत हासिल नहीं कर पाया। हमारी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति अब उतनी प्रभावी नहीं रही जितनी पहले हुआ करती थी। यदि सरकार ने समय रहते वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार किया होता, तो आज देश को इस संकट के मुहाने पर खड़ा न होना पड़ता।”

विपक्ष फैला रहा है भ्रम, देश में नहीं है कोई किल्लत: महेंद्र भट्ट

दूसरी ओर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भट्ट ने विपक्ष पर जनता के बीच डर और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण पूरा विश्व एक अभूतपूर्व ऊर्जा संकट से गुजर रहा है। अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देश भी पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति में कमी और कीमतों में उछाल का सामना कर रहे हैं।

महेंद्र भट्ट ने मोदी सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा, “यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी रणनीतिक तैयारी का ही परिणाम है कि दुनिया भर में मचे हाहाकार के बावजूद भारत में पेट्रोलियम पदार्थों की वैसी किल्लत नहीं है जैसी पड़ोसी देशों में देखी जा रही है। कांग्रेस और विपक्ष के नेता इस वैश्विक संकट का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से महंगाई और कमी की झूठी खबरें फैलाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।”


अंतरराष्ट्रीय संकट और घरेलू सियासत

वर्तमान में जारी गैस संकट और तेल की कीमतों को लेकर हो रही यह राजनीति दरअसल आने वाले समय की चुनौतियों का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी देशों में अस्थिरता ने वैश्विक सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में भारत जैसे देश के लिए, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना अनिवार्य हो गया है।

क्या है जमीनी हकीकत?

देहरादून समेत उत्तराखंड के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से गैस सिलेंडरों की बुकिंग और डिलीवरी में देरी की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, प्रशासन इसे तकनीकी कारणों और मांग-आपूर्ति के बीच का मामूली अंतर बता रहा है, लेकिन विपक्ष ने इसे ‘गैस संकट’ का नाम देकर सरकार को बैकफुट पर धकेलने की रणनीति अपनाई है।

गणेश गोदियाल का कहना है कि सरकार को पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने के लिए तत्काल ठोस वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू करना चाहिए। वहीं, भाजपा का तर्क है कि सरकार पहले से ही सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसे विकल्पों पर तेजी से काम कर रही है और वर्तमान संकट केवल क्षणिक है।

जनता के बीच सस्पेंस बरकरार

इस राजनीतिक खींचतान के बीच आम जनता असमंजस में है। महंगाई की मार झेल रहे मध्यम और निम्न वर्ग के लिए रसोई गैस की उपलब्धता एक संवेदनशील मुद्दा है। जहां कांग्रेस कूटनीतिक मोर्चे पर सरकार को घेरकर अपनी खोई हुई जमीन तलाश रही है, वहीं भाजपा ‘वैश्विक संकट’ का हवाला देकर अपनी ढाल तैयार कर रही है।

अब देखना यह होगा कि क्या आने वाले दिनों में आपूर्ति सामान्य होती है या फिर यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा चुनावी हथियार बनेगा।

You Might Also Like

Smoke attack in Parliament: स्मोक बम से हमले के मामले में अब तक पकड़े गए 5 आरोपी, छठे की तलाशी जारी, UAPA के तहत होगी कार्रवाई
इस्लामाबाद में अमेरिका–ईरान शांति वार्ता की नई पहल, पाकिस्तान निभा सकता है अहम मध्यस्थ की भूमिका
चुनाव आयोग ने लिया बड़ा फैसला, मणिपुर के बाद अब अरुणाचल प्रदेश की आठ सीटों पर होगा दोबारा मतदान
बड़ी ख़बर : सुबह-सुबह मोदी जी को थैंक्यू बोलने सड़क पर उतरे लोग
भारत को चीन से जोड़ने वाला पुल बह गया, ITBP फ़ोर्स को हो रही परेशानी
TAGGED:Ganesh GodiyalGas crisisinternational diplomacyMahendra Bhattshortage of petroleum productsUttarakhand BJPUttarakhand Congress
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

बिहार में परीक्षा से पहले ‘रणक्षेत्र’ बने दानापुर और पाटलिपुत्र स्टेशन: ट्रेन लेट होने पर छात्रों का भारी पथराव, IG समेत कई पुलिसकर्मी घायल, इंजन तोड़ा

The Hill India News
The Hill India News
June 14, 2026
कैंचीधाम स्थापना दिवस से पहले भारी बवाल: ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों पर छेड़खानी का आरोप, उग्र भीड़ ने की पिटाई, पुलिस चौकी घेरी
‘मोदी सरकार के 12 साल: विश्वास, विकास और जनकल्याण की मिसाल’, खटीमा में सीएम धामी ने गिनाईं उपलब्धियां, कहा- विश्व पटल पर मजबूत हुआ भारत
आस्था का सैलाब और मौसम की चुनौती: तुंगनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम, चंद्रशिला ट्रैक पर दोपहर 12 बजे के बाद नो-एंट्री
राहुल गांधी के रद्द उत्तराखंड दौरे पर सियासी घमासान: सीएम धामी और कांग्रेस में ‘सुरक्षा प्रोटोकॉल’ बनाम ‘चुनावी पर्यटन’ की जंग
उत्तराखंड में लागू हुई ‘महक क्रांति नीति 2026’, चंपावत-नैनीताल में बनेगी देश की पहली ‘सिनेमन वैली’; 91,000 किसानों की बदलेगी किस्मत
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम, अगले 5 दिन उत्तर भारत में आंधी-तूफान का तांडव; जानें यूपी में कब आएगा मॉनसून
आज से पीएम मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा; राफेल जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी पर टिकीं दुनिया की नजरें
लक्सर में दरिंदगी की हदें पार; मायके में घुसकर पत्नी पर कांच की बोतल से हमला, फिर सरेआम दे दिया ‘तीन तलाक’
IMA की 158वीं पासिंग आउट परेड आज, पहली बार 9 महिला कैडेट्स ‘अंतिम पग’ पार कर रचेंगी इतिहास; राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी गवाह
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?