
देहरादून (उत्तराखंड): देवभूमि उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग ने विशेष रूप से झोंकेदार हवाओं को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जहां एक ओर बारिश से बढ़ते तापमान पर लगाम लगेगी और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर पर्वतीय क्षेत्रों में ओलावृष्टि किसानों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में बौछारें
मौसम विज्ञान केंद्र के बुलेटिन के अनुसार, आज राज्य के पांच पर्वतीय जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़—में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों, विशेषकर 3600 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी का अंदेशा जताया गया है।
राज्य के शेष पर्वतीय जनपदों में भी कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जनपदों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन छिटपुट बादल छाए रह सकते हैं।
तेज हवाओं का ‘येलो अलर्ट’ और सुरक्षा की अपील
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। साथ ही, आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है और यात्रियों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
राजधानी देहरादून की बात करें तो यहाँ आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। शहर के कुछ हिस्सों में गरज वाले बादल विकसित होने और हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। राजधानी का अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान 18°C के आसपास रहने का अनुमान है।
तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को फिलहाल गर्मी का अहसास कम हो रहा है। हालांकि, यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आगामी 3-4 दिनों के भीतर राज्य के अधिकतम तापमान में 3-5°C की वृद्धि देखी जा सकती है, जिससे मैदानी इलाकों में एक बार फिर गर्मी अपने तेवर दिखाएगी।
किसानों पर प्रकृति की मार: ओलावृष्टि ने तोड़ी कमर
उत्तराखंड के बागवानों और किसानों के लिए यह मौसम संकट की घड़ी बनकर आया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई भारी ओलावृष्टि ने कृषि और बागवानी क्षेत्र को गहरा जख्म दिया है। ओलावृष्टि के कारण सेब, आड़ू, और खुबानी जैसे फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है। ओलों की मार से फूल झड़ गए हैं और फलों के आकार लेने से पहले ही फसल बर्बाद हो गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में खेती ही आर्थिकी का मुख्य आधार है, ऐसे में फसलों की बर्बादी ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने राज्य प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द कृषि और उद्यान विभाग की टीमों को भेजकर क्षति का आकलन कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
सावधानी ही बचाव है
चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चलते उत्तराखंड में पर्यटकों की भारी आमद हो रही है। मौसम में अचानक आए इस बदलाव और येलो अलर्ट के बीच यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना मौसम के अपडेट को देखकर ही बनाएं। विशेष रूप से केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे ऊंचे क्षेत्रों में जा रहे श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े और बरसाती साथ रखने का सुझाव दिया गया है।



