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टिहरी में इतिहास रचेंगे PM मोदी: 1000 मेगावाट के ‘पंप स्टोरेज प्लांट’ का करेंगे लोकार्पण, पहली बार जिले को मिलेगा प्रधानमंत्री का सानिध्य

देहरादून (उत्तराखंड): उत्तराखंड की राजनीति और विकास के मानचित्र पर टिहरी जिला एक नया इतिहास लिखने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिनका देवभूमि उत्तराखंड से एक अटूट और आध्यात्मिक नाता रहा है, जल्द ही टिहरी जिले के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर पहुंचने वाले हैं। अब तक उत्तराखंड के 13 में से 10 जिलों की यात्रा कर चुके प्रधानमंत्री के लिए टिहरी अब तक ‘अछूता’ रहा था, लेकिन मई के अंत या जून की शुरुआत में होने वाला यह प्रस्तावित दौरा न केवल जिले के लिए ऐतिहासिक होगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी मील का पत्थर साबित होगा।

ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति: 1000 मेगावाट का पंप स्टोरेज प्लांट

प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे का मुख्य केंद्र 1000 मेगावाट क्षमता वाली टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट (PSP) परियोजना का लोकार्पण है। यह परियोजना भारत की सबसे महत्वाकांक्षी ऊर्जा परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। टिहरी बांध की विशाल जलराशि का उपयोग करते हुए यह प्लांट न केवल बिजली उत्पादन करेगा, बल्कि ग्रिड बैलेंसिंग और पीक ऑवर में ऊर्जा की मांग को पूरा करने के लिए एक ‘जायंट बैटरी’ की तरह काम करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उत्तराखंड को ‘ऊर्जा प्रदेश’ के रूप में वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक होगी। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और उत्तराखंड शासन इस परियोजना को लेकर लगातार समन्वय कर रहे हैं, क्योंकि यह आत्मनिर्भर भारत और ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम है।

आध्यात्मिक और राजनीतिक दौरों से इतर विकास का एजेंडा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले कार्यकाल और वर्तमान समय में दो दर्जन से अधिक बार उत्तराखंड का दौरा किया है। उनके अधिकांश दौरे केदारनाथ, बदरीनाथ, जागेश्वर धाम और आदि कैलाश जैसे धार्मिक स्थलों या देहरादून, हल्द्वानी जैसी चुनावी रैलियों तक केंद्रित रहे हैं। रुद्रप्रयाग जिला उनके आध्यात्मिक जुड़ाव के कारण सर्वाधिक दौरों का गवाह बना है।

हालांकि, टिहरी का यह दौरा विशेष है क्योंकि यह विशुद्ध रूप से विकास आधारित है। टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय के अनुसार, पहले यह लोकार्पण दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ वर्चुअल माध्यम से होना था, लेकिन टिहरी की जनता की भावनाओं और परियोजना की विशालता को देखते हुए प्रधानमंत्री ने स्वयं यहां आने का निर्णय लिया है।

लोकार्पण के साथ सौगातों की बौछार: मेडिकल कॉलेज की रखी जाएगी नींव

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल एक रिबन काटने तक सीमित नहीं रहेगा। इस दौरान टिहरी को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री टिहरी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रखेंगे, जो पहाड़ की दुर्गम स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संजीवनी साबित होगा। इसके अलावा, टिहरी झील के चारों ओर पर्यटन विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की प्रबल संभावना है।

प्रशासनिक अमला सक्रिय: मुख्य सचिव ने संभाली कमान

प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए उत्तराखंड शासन ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने हाल ही में सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल (Venue) और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की। टिहरी के कोटेश्वर और बांध क्षेत्र में सुरक्षा ऑडिट शुरू हो चुका है और शासन स्तर पर अधिकारियों को समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्थानीय जनता में भारी उत्साह

टिहरी के स्थानीय निवासियों के लिए यह पल भावुक और गर्व करने वाला है। अब तक टिहरी की जनता ने प्रधानमंत्री को टेलीविजन या पड़ोसी जिलों की रैलियों में ही देखा था। यह पहली बार होगा जब विश्व के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शुमार नरेंद्र मोदी टिहरी की धरती से जनसभा को संबोधित करेंगे। स्थानीय व्यापारियों, युवाओं और महिलाओं में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह है, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि इस यात्रा से टिहरी की विश्व स्तर पर ब्रांडिंग होगी।

विकास और राजनीति का संगम

राजनीतिक पंडितों की मानें तो आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और प्रदेश की भावी राजनीति के लिहाज से भी यह दौरा भाजपा के लिए एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है। टिहरी जैसे महत्वपूर्ण पर्वतीय जिले में प्रधानमंत्री की मौजूदगी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेगी और सरकार के विकासपरक कार्यों को जनता के बीच मजबूती से रखेगी।

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