By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: नर्सों को मिली राहत, वेतन पुनर्निर्धारण का शासनादेश रद्द, 6 माह में लौटेगी रिकवरी
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: नर्सों को मिली राहत, वेतन पुनर्निर्धारण का शासनादेश रद्द, 6 माह में लौटेगी रिकवरी
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: नर्सों को मिली राहत, वेतन पुनर्निर्धारण का शासनादेश रद्द, 6 माह में लौटेगी रिकवरी

The Hill India News
Last updated: April 28, 2026 11:47 am
The Hill India News
Published: April 28, 2026
Share
SHARE

उत्तराखंड से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है, जिसमें राज्य के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत और सेवानिवृत्त स्टाफ नर्सों को बड़ी राहत मिली है। नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नर्सों के वेतन पुनर्निर्धारण से जुड़े शासनादेश को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि नर्सों से की गई वेतन रिकवरी की राशि छह माह के भीतर वापस की जाए।

यह मामला उस समय शुरू हुआ जब राज्य सरकार ने पहले दिए गए उच्चीकृत वेतन को संशोधित करते हुए नर्सों के वेतन का पुनर्निर्धारण किया और इसके आधार पर उनसे अतिरिक्त भुगतान की रिकवरी शुरू कर दी। इस फैसले के खिलाफ कई नर्सों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं में सुनीता सिंह और अन्य स्टाफ नर्स शामिल थीं, जिन्होंने इस शासनादेश को नियमों के विरुद्ध बताया।

मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में हुई। विस्तृत सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि सरकार द्वारा जारी वेतन पुनर्निर्धारण का आदेश नियमों के अनुरूप नहीं था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब नर्सों को पूर्व में उच्चीकृत वेतन वैधानिक रूप से दिया गया था, तो बाद में उसे बदलकर रिकवरी करना उचित नहीं है। इसी आधार पर न्यायालय ने संबंधित शासनादेश को रद्द कर दिया।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनकी नियुक्ति के समय वेतनमान 5000 से 8000 रुपये के बीच निर्धारित किया गया था। वर्ष 2011 में सरकार ने एक शासनादेश जारी कर उनके वेतन में वृद्धि की थी, जिससे उन्हें उच्चीकृत वेतनमान का लाभ मिला। लेकिन बाद में एक और शासनादेश जारी कर इस वेतन को पुनः निर्धारित कर दिया गया और पहले दिए गए अतिरिक्त वेतन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

नर्सों ने अदालत में दलील दी कि वेतन पुनर्निर्धारण का यह कदम न केवल अनुचित है बल्कि इससे उन्हें आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई सेवानिवृत्त नर्सों के लिए यह रिकवरी और भी कठिनाई भरी साबित हो रही थी, क्योंकि उनकी आय का मुख्य स्रोत पेंशन ही है। ऐसे में पहले से प्राप्त वेतन की वापसी करना उनके लिए संभव नहीं था।

कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार को निर्देश दिया कि जिन नर्सों से रिकवरी की गई है, उन्हें छह महीने के भीतर पूरी राशि वापस की जाए। इसके अलावा यदि वेतन पुनर्निर्धारण से संबंधित कोई अन्य लंबित मामला है, तो उसे तीन महीने के भीतर निपटाया जाए।

इस फैसले के बाद राज्यभर की नर्सों में खुशी की लहर है। इसे कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के रूप में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से कार्यरत नर्सों ने इस निर्णय को न्याय की जीत बताया है। उनका कहना है कि यह फैसला न केवल आर्थिक राहत देगा बल्कि भविष्य में इस तरह के एकतरफा निर्णयों पर भी रोक लगाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय अन्य राज्यों के कर्मचारियों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है, जहां वेतन पुनर्निर्धारण और रिकवरी जैसे मुद्दे अक्सर सामने आते रहते हैं। कोर्ट का यह फैसला यह भी दर्शाता है कि कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का वित्तीय अन्याय न्यायिक समीक्षा के दायरे में आता है और उसे चुनौती दी जा सकती है।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड हाईकोर्ट का यह फैसला नर्सों के लिए बड़ी जीत साबित हुआ है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके मनोबल में भी वृद्धि होगी।

You Might Also Like

विशाखापत्तनम में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात — पति-पत्नी के झगड़े में हस्तक्षेप कर रही सास को बहू ने जलाया जिन्दा 
छत्तीसगढ़ लोक सभा रिजल्ट: 10 सीटों पर BJP आगे, एक सीट पर कौन
Rajasthan: भजनलाल सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार, जानें किस-किसको मिली है केबिनेट में जिम्मेदारी
Uttarakhand: बद्रीनाथ नेशनल हाईवे में ड्रिलिंग मशीन पर गिरा बोल्डर, रास्ता बंद होने से फंसे हजारों ऋद्धालु
Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की पहली ‘लैब ऑन व्हील्स’ मोबाइल साइंस लैब को दिखाई हरी झंडी
TAGGED:Legal UpdateNurses ReliefNurses VictorySalary RevisionUttarakhand High Court
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

राहुल गांधी के रद्द उत्तराखंड दौरे पर सियासी घमासान: सीएम धामी और कांग्रेस में ‘सुरक्षा प्रोटोकॉल’ बनाम ‘चुनावी पर्यटन’ की जंग

The Hill India News
The Hill India News
June 13, 2026
उत्तराखंड में लागू हुई ‘महक क्रांति नीति 2026’, चंपावत-नैनीताल में बनेगी देश की पहली ‘सिनेमन वैली’; 91,000 किसानों की बदलेगी किस्मत
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम, अगले 5 दिन उत्तर भारत में आंधी-तूफान का तांडव; जानें यूपी में कब आएगा मॉनसून
आज से पीएम मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा; राफेल जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी पर टिकीं दुनिया की नजरें
लक्सर में दरिंदगी की हदें पार; मायके में घुसकर पत्नी पर कांच की बोतल से हमला, फिर सरेआम दे दिया ‘तीन तलाक’
IMA की 158वीं पासिंग आउट परेड आज, पहली बार 9 महिला कैडेट्स ‘अंतिम पग’ पार कर रचेंगी इतिहास; राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी गवाह
अचानक ठप हुए फेसबुक और इंस्टाग्राम, ‘मेटा का सर्वर डाउन’ होने से दुनिया भर में मची खलबली, करोड़ों यूजर्स परेशान
‘पीएम मोदी कलयुग में भगवान का अवतार’ उत्तराखंड में धामी सरकार के मंत्री का अजीबो-गरीब  बयान
जिला प्रशासन की अनूठी पहल: देहरादून में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को मिलेगा निःशुल्क उपचार; डीएम डॉ. आशीष चौहान ने शुरू किया महा-अभियान
UKSSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा 2026: चारधाम यात्रा, मौसम का अलर्ट और भारी जाम का संकट; आयोग की अपील— ‘एक दिन पहले पहुंचें परीक्षा केंद्र’
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?