नई दिल्ली: टेक जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी ‘मेटा’ के दो सबसे प्रमुख प्लेटफॉर्म, फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram), अचानक एक बड़े तकनीकी आउटेज (Technical Outage) यानी सर्वर क्रैश का शिकार हो गए हैं. शुक्रवार की शाम दुनिया भर के करोड़ों डिजिटल नागरिकों के लिए उस वक्त ठहर सी गई, जब अचानक इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने काम करना बंद कर दिया.
इस वैश्विक तकनीकी समस्या के कारण भारत समेत दुनिया के तमाम बड़े देशों में हड़कंप मच गया है. दोपहर बाद से ही शुरू हुई इस समस्या ने शाम होते-होते एक बड़े संकट का रूप ले लिया, जिसके बाद यूजर्स को स्क्रॉलिंग करने, नई पोस्ट साझा करने और अपने दोस्तों से संवाद करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. डिजिटल दुनिया के इस अचानक ठप होने से न केवल आम यूजर्स, बल्कि सोशल मीडिया पर निर्भर रहने वाले वैश्विक व्यवसायों और इन्फ्लुएंसर्स को भी बड़ा झटका लगा है।
लॉग-आउट हुए अकाउंट, गायब हुए पेज: यूजर्स को झेलनी पड़ रही हैं ये बड़ी परेशानियां
जैसे ही मेटा का सर्वर डाउन हुआ, वैसे ही इसके तकनीकी दुष्परिणाम यूजर्स की स्क्रीन पर दिखाई देने लगे. इस आउटेज की प्रकृति इतनी अजीब और गंभीर है कि यूजर्स को कई तरह की समस्याओं से एक साथ दो-चार होना पड़ रहा है:
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ऑटोमैटिक लॉग-आउट (Auto Logout): फेसबुक यूजर्स के सामने सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि उनका चालू अकाउंट अचानक अपने आप लॉग-आउट हो जा रहा है। जब यूजर्स दोबारा लॉग-इन करने का प्रयास कर रहे हैं, तो स्क्रीन पर ‘एरर’ दिखाई दे रहा है।
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इंस्टाग्राम फीड फ्रीज (Instagram Feed Freeze): इंस्टाग्राम पर रील्स और पोस्ट देखने के शौकीन यूजर्स की फीड पूरी तरह फ्रीज हो चुकी है। स्क्रीन को नीचे खींचने पर भी ‘फीड रिफ्रेश नहीं हो सकी’ (Could not refresh feed) का मैसेज आ रहा है, जिससे नया कंटेंट, रील्स या स्टोरीज लोड होना बंद हो गई हैं।
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मैसेंजर ठप (Messenger Down): केवल टाइमलाइन ही नहीं, बल्कि मेटा के इन प्लेटफॉर्म्स पर इनबॉक्स सेवाएं भी पूरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे लोग एक-दूसरे को मैसेज भेजने में असमर्थ हैं।
माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘एक्स’ (ट्विटर) पर आया मीम्स का सैलाब, यूजर्स ने बयां किया दर्द
हमेशा की तरह, जब भी मेटा के ऐप्स बंद होते हैं, दुनिया भर के यूजर्स का रुख माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) की तरफ हो जाता है। देखते ही देखते ‘एक्स’ पर #FacebookDown और #InstagramDown जैसे हैशटैग टॉप ट्रेंड करने लगे।
यूजर्स के रिएक्शंस: ‘एक्स’ पर अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए एक यूजर ने लिखा, “इंस्टाग्राम पूरी तरह डाउन है और मैं अपने फोन पर रील नहीं देख पा रहा हूं, मुझे लगा मेरा इंटरनेट खत्म हो गया है।” वहीं, एक अन्य फेसबुक यूजर ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए लिखा, “मेरा आधिकारिक फेसबुक पेज अचानक गायब हो गया है और मैं दोबारा लॉग-इन नहीं कर पा रहा हूं। क्या मेरा अकाउंट हैक हो गया है?”
घबराहट के इस माहौल में डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी कयास लगाए जाने लगे, लेकिन विशेषज्ञों ने साफ किया कि यह मेटा के मुख्य सर्वर में आई कोई तकनीकी गड़बड़ी है, न कि व्यक्तिगत अकाउंट्स की हैकिंग।
भारत से अमेरिका तक हाहाकार: वैश्विक स्तर पर फैला तकनीकी संकट
यह कोई स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि इसने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लिया है। डिजिटल आउटेज पर नजर रखने वाली वेबसाइट्स के मुताबिक, भारत के महानगरों (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता) के अलावा अमेरिका (US), यूनाइटेड किंगडम (UK), ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों के लाखों यूजर्स ने मेटा के इन तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में आ रही दिक्कतों को बड़े पैमाने पर रिपोर्ट किया है।
चूंकि मेटा के ये ऐप्स अलग-अलग महाद्वीपों में फैले विशाल डेटा सेंटर्स से संचालित होते हैं, इसलिए इस स्तर का आउटेज यह दर्शाता है कि गड़बड़ी मेटा के केंद्रीय नेटवर्क आर्किटेक्चर या डीएनएस (DNS) कॉन्फ़िगरेशन में आई है। हालांकि, इस बेहद संवेदनशील तकनीकी खराबी को लेकर मेटा प्रबंधन या मार्क जुकरबर्ग की टीम की तरफ से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
4 अरब की डिजिटल आबादी पर असर: मेटा के साम्राज्य का अंदाजा
इस आउटेज ने दुनिया को एक बार फिर यह अहसास करा दिया है कि हमारा दैनिक जीवन इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कितना अधिक निर्भर हो चुका है। रिपोर्ट्स और हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो मेटा इस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी और अजेय सोशल मीडिया कंपनी बन चुकी है:
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फेसबुक (Facebook): इसके मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं (Monthly Active Users) की संख्या 3.1 अरब से अधिक हो चुकी है, जो इसे दुनिया का निर्विवाद रूप से सबसे बड़ा सोशल नेटवर्क बनाए हुए है।
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इंस्टाग्राम (Instagram): फोटो और वीडियो शेयरिंग का यह सबसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म भी 3 अरब यूजर्स के जादुई आंकड़े के करीब पहुंच चुका है।
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मैसेंजर (Messenger): मेटा के इस चैटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल हर महीने 1 अरब से अधिक लोग अपनी रोजमर्रा की बातचीत के लिए करते हैं।
यदि मेटा के सभी ऐप्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैसेंजर और व्हाट्सऐप) को मिला दिया जाए, तो इनका कुल मासिक उपयोगकर्ता आधार लगभग 4 अरब तक पहुंच जाता है[cite: 1]। यानी दुनिया की लगभग आधी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मेटा के सर्वर से जुड़ी हुई है[cite: 1]। यही कारण है कि जब भी मेटा का सर्वर डाउन होता है, तो आधी दुनिया का संचार तंत्र एक झटके में पंगु नजर आने लगता है[cite: 1]।
फिलहाल, मेटा के इंजीनियरों की टीम बैकएंड पर इस तकनीकी खामी को दुरुस्त करने में जुटी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ घंटों में सर्वर को पूरी तरह पैच कर लिया जाएगा और सेवाएं सामान्य हो सकेंगी। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर टेक जगत के सेंट्रलाइजेशन (केंद्रीकरण) और उसके खतरों पर बहस छेड़ दी है।
