उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में सामने आए चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले ने मंगलवार को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब पुलिस अभिरक्षा में मौजूद दो आरोपियों ने भागने की कोशिश कर दी। क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के बाद पुलिस जब आरोपियों को वापस कोतवाली लेकर लौट रही थी, तभी रास्ते में भारी भीड़ का फायदा उठाकर दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से निकल भागे। हालांकि पुलिसकर्मियों ने तुरंत पीछा किया और फिल्मी अंदाज में दौड़ाकर कुछ ही दूरी पर दोनों को फिर से पकड़ लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद आक्रोशित लोगों ने भी आरोपियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट कर दी। पूरे घटनाक्रम ने न केवल इलाके में सनसनी फैला दी, बल्कि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और अभिरक्षा प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्राइम सीन रिक्रिएट के बाद हुआ घटनाक्रम
पुलिस मंगलवार को गैंगरेप मामले की जांच के तहत आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर गई थी, जहां वारदात से जुड़े तथ्यों की पुष्टि और घटनाक्रम को समझने के लिए क्राइम सीन रिक्रिएट कराया गया। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस टीम दोनों आरोपियों को वापस रुद्रपुर कोतवाली ला रही थी।
बताया जा रहा है कि रास्ते में बड़ी संख्या में लोग पहले से मौजूद थे। इसी भीड़ और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर दोनों आरोपियों ने अचानक पुलिस की पकड़ से निकलकर भागने का प्रयास किया। कुछ क्षणों के लिए पुलिसकर्मियों में भी हड़कंप मच गया, लेकिन उन्होंने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए आरोपियों का पीछा शुरू कर दिया।
फिल्मी अंदाज में पीछा, कुछ ही दूरी पर दबोचे गए आरोपी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी तेजी से भागने लगे, लेकिन पुलिसकर्मी भी उनके पीछे दौड़ पड़े। कुछ ही देर की दौड़भाग के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को फिर से पकड़ लिया। यह पूरा घटनाक्रम इतनी तेजी से हुआ कि आसपास मौजूद लोगों की भीड़ भी मौके पर इकट्ठा हो गई।
पुलिस द्वारा आरोपियों को दोबारा पकड़े जाने के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों में पहले से ही मामले को लेकर भारी नाराजगी थी, जो इस घटना के बाद खुलकर सामने आ गई।
आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों की कर दी पिटाई
आरोपियों के पकड़े जाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ ने दोनों आरोपियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। कई लोग आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और फांसी की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे।
कुछ लोगों ने आरोपियों पर लात-घूंसों से हमला किया, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। पुलिसकर्मियों ने पहले अपने स्तर पर लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती चली गई।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तत्काल अतिरिक्त बल को मौके पर बुलाया। अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। इसके बाद किसी तरह आरोपियों को भीड़ के बीच से निकालकर पुलिस वाहन तक पहुंचाया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच वापस कोतवाली पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते हस्तक्षेप नहीं करती तो आरोपियों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अभिरक्षा में मौजूद आरोपी आखिर किस तरह भागने में सफल हुए, यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी संवेदनशील और चर्चित मामले के आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाया जाता है, तो उनकी सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। ऐसे में आरोपियों का पुलिस की पकड़ से निकल जाना सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की ओर इशारा करता है।
इसके अलावा यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि आरोपी कुछ देर तक और भागने में सफल हो जाते तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी।
पुलिस का आधिकारिक बयान अब भी बाकी
घटना के कई घंटे बाद तक पुलिस की ओर से इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि आरोपी किस परिस्थिति में पुलिस की गिरफ्त से निकले और उन्हें रोकने के लिए तत्काल कौन-कौन से कदम उठाए गए।
उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति से भी इस मामले में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है और आवश्यक रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
गैंगरेप मामले ने पहले ही मचा रखी है सनसनी
रुद्रपुर का यह सामूहिक दुष्कर्म मामला पहले से ही पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 25 जुलाई की रात उसके साथ तीन युवकों ने अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया।
शिकायत के अनुसार पीड़िता अपनी सहेली और दो परिचित युवकों के साथ भूरारानी रोड पर गई थी। इसी दौरान बाइक पर आए तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया और जबरन अपने साथ ले जाने लगे।
दो लोग भाग निकले, पीड़िता आरोपियों के कब्जे में रही
पीड़िता के अनुसार रास्ते में मौका मिलने पर एक युवक और एक युवती चलती बाइक से कूदकर किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भाग निकले। लेकिन दूसरी युवती और उसके साथ मौजूद युवक आरोपियों के कब्जे में ही रहे।
आरोप है कि आरोपी दोनों को गदरपुर क्षेत्र की ओर ले गए। वहां पहुंचने के बाद युवक को रास्ते में छोड़ दिया गया, जबकि युवती को अपने साथ ले जाया गया।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद तीनों आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और पूरी रात उसे अपने कब्जे में रखा। अगले दिन सुबह उसे मेट्रोपोलिस अंडरपास के पास छोड़कर आरोपी फरार हो गए।
शिकायत के बाद शुरू हुई पुलिस कार्रवाई
घटना के बाद पीड़िता ने किसी तरह अपने परिचितों और पुलिस को पूरी जानकारी दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
लगातार दबिश और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने 27 और 28 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर फायरिंग
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लग गई।
इसके बाद घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि दो अन्य आरोपियों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया।
मंगलवार को इन्हीं दो आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट कराया गया था, जहां से लौटते समय उन्होंने भागने की कोशिश की।
विवेचना जारी, कई पहलुओं की जांच
पुलिस फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। गैंगरेप के आरोपों, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अभिरक्षा से भागने के प्रयास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
कानून अपना काम करेगा, जांच पूरी होने का इंतजार
यह मामला पूरे प्रदेश में संवेदनशील और चर्चित बना हुआ है। एक ओर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग तेज है, वहीं दूसरी ओर पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश और उसके बाद हुई भीड़ की हिंसा ने कानून-व्यवस्था पर भी बहस छेड़ दी है।
फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनके खिलाफ विधिक प्रक्रिया जारी है। मामले की सच्चाई और सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि जांच, न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस के आधिकारिक बयानों के आधार पर ही होगी। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, मजबूत साक्ष्य और कानून के अनुसार कार्रवाई ही न्याय सुनिश्चित करने का सबसे महत्वपूर्ण आधार मानी जाती है।
