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अमेरिका का रणनीतिक तेल भंडार 43 साल के निचले स्तर पर: ईरान युद्ध और वैश्विक संकट ने कैसे खाली किया “तेल का खजाना”?

The Hill India News
Last updated: June 16, 2026 12:10 pm
The Hill India News
Published: June 16, 2026
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वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserve – SPR) को दुनिया का सबसे बड़ा “आपातकालीन तेल भंडार” माना जाता है, लेकिन ताज़ा आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार देश का तेल भंडार 43 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। स्थिति इतनी गंभीर बताई जा रही है कि इसमें अब लगभग 34 करोड़ बैरल कच्चा तेल ही बचा है, जबकि इसकी कुल क्षमता 71.35 करोड़ बैरल से अधिक है।

Contents
1973 के तेल संकट से लेकर SPR की शुरुआत तकअमेरिका का तेल भंडार कैसे काम करता है?ईरान संकट और तेल भंडार पर दबावकितना गिरा अमेरिका का तेल भंडार?क्या यह सिर्फ आर्थिक मुद्दा है या बड़ा खतरा?आने वाले समय में क्या हो सकता है?

यह गिरावट केवल एक आर्थिक आंकड़ा नहीं है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, भू-राजनीति और युद्ध जैसे हालातों से जुड़ी एक बड़ी कहानी को दर्शाती है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के दौरान तेल आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका को अपने रिजर्व का बड़ा हिस्सा बाजार में उतारना पड़ा, जिससे यह ऐतिहासिक गिरावट दर्ज हुई।


1973 के तेल संकट से लेकर SPR की शुरुआत तक

अमेरिका का रणनीतिक तेल भंडार किसी अचानक योजना का परिणाम नहीं था, बल्कि यह एक बड़े संकट की देन था। 1973 में जब अरब देशों ने अमेरिका पर तेल प्रतिबंध (Oil Embargo) लगाया था, तब वैश्विक ऊर्जा बाजार हिल गया था। तेल की भारी कमी और कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी ने अमेरिका को यह समझाया कि भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए एक मजबूत भंडार प्रणाली जरूरी है।

इसके बाद 1975 में तत्कालीन राष्ट्रपति जेराल्ड फोर्ड ने “एनर्जी पॉलिसी एंड कंजर्वेशन एक्ट” पर हस्ताक्षर किए और SPR की स्थापना हुई। इसका उद्देश्य था कि किसी भी युद्ध, आपूर्ति संकट या वैश्विक अस्थिरता के समय अमेरिका अपने तेल भंडार से बाजार को स्थिर रख सके।


अमेरिका का तेल भंडार कैसे काम करता है?

अमेरिका के SPR में चार प्रमुख भंडारण स्थल हैं, जो टेक्सास और लुइसियाना में स्थित हैं। इनमें शामिल हैं:

  • ब्रायन माउंड
  • बिग हिल
  • वेस्ट हैकबेरी
  • बयोउ चोकटॉ

इन सभी स्थानों पर कुल मिलाकर लगभग 60 विशाल नमक की गुफाएं (salt caverns) बनाई गई हैं, जिनमें कच्चा तेल सुरक्षित रखा जाता है। इन गुफाओं की संरचना बेहद अनोखी होती है—ये बेलनाकार होती हैं और इतनी विशाल कि एक-एक गुफा में हजारों बैरल तेल समा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन गुफाओं की ऊंचाई लगभग 2,550 फीट तक हो सकती है, जो इसे किसी भी आधुनिक इमारत से कहीं अधिक विशाल बनाती है। तेल को पाइपलाइन या जहाजों के माध्यम से सीधे रिफाइनरियों तक पहुंचाया जाता है।


ईरान संकट और तेल भंडार पर दबाव

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों ने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया। मध्य पूर्व, जो दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों में से एक है, वहां अस्थिरता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ने लगीं।

कीमतों को नियंत्रित करने और घरेलू अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए अमेरिकी सरकार ने SPR से भारी मात्रा में तेल जारी किया। अनुमान के मुताबिक, पिछले कुछ समय में लगभग 17 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारा गया, जिससे रिजर्व पर सीधा असर पड़ा।

यह कदम अल्पकालिक राहत देने वाला साबित हुआ, लेकिन दीर्घकालिक रूप से इसने भंडार को ऐतिहासिक रूप से कमजोर कर दिया।


कितना गिरा अमेरिका का तेल भंडार?

आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर और स्पष्ट हो जाती है:

  • SPR की कुल क्षमता: लगभग 71.35 करोड़ बैरल
  • वर्तमान भंडार: लगभग 34 करोड़ बैरल
  • 1983 का न्यूनतम स्तर: 33.57 करोड़ बैरल
  • युद्ध से पहले भंडार: 41.54 करोड़ बैरल

इसका मतलब है कि युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका के पास मौजूद तेल में लगभग 7.5 करोड़ बैरल की कमी आई है, जो करीब 18% गिरावट को दर्शाता है।

इतिहास में यह दूसरी बार है जब अमेरिकी भंडार इतने निचले स्तर पर पहुंचा है। पहली बार जुलाई 2023 में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई थी, लेकिन वर्तमान गिरावट उससे भी अधिक चिंता पैदा कर रही है।


क्या यह सिर्फ आर्थिक मुद्दा है या बड़ा खतरा?

विशेषज्ञों का मानना है कि SPR का इतना खाली होना केवल आंकड़ों का मामला नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा स्थिरता से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट या युद्ध की स्थिति बनती है, तो अमेरिका के पास बाजार को स्थिर करने के लिए सीमित विकल्प बचते हैं।

अमेरिकी पेट्रोलियम उद्योग के विशेषज्ञ माइक सोमर्स के अनुसार, भंडार का कम से कम 20% हिस्सा हमेशा सुरक्षित रहना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में इसका उपयोग किया जा सके। वर्तमान स्थिति में यह स्तर खतरे के संकेत दे रहा है।


आने वाले समय में क्या हो सकता है?

ट्रंप प्रशासन द्वारा पहले किए गए 17 करोड़ बैरल तेल रिलीज के वादे के बाद यह स्पष्ट है कि सरकार अभी भी बाजार को स्थिर रखने के लिए इस भंडार पर निर्भर है। लेकिन अगर यही प्रवृत्ति जारी रही तो आने वाले वर्षों में अमेरिका को ऊर्जा सुरक्षा के लिए नए विकल्प तलाशने होंगे।

इनमें शामिल हो सकते हैं:

  • घरेलू तेल उत्पादन में वृद्धि
  • वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों (renewable energy) पर अधिक निवेश
  • रणनीतिक भंडार नीति में बदलाव

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