देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नवविवाहिता और सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मृतका के पति सौरभ खत्री और ननद सुरभि खत्री उर्फ चारू को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में नामजद सास परवीना देवी की भूमिका की भी गहन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला केवल एक संदिग्ध मौत का नहीं, बल्कि दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और वैवाहिक जीवन में कथित अत्याचार जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा होने के कारण पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। सृष्टि कंडारी की मौत के बाद परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और सामने आए एक वीडियो ने जांच को नया मोड़ दे दिया है।
हर्रावाला स्थित घर से हुई गिरफ्तारी
देहरादून पुलिस के अनुसार, शनिवार को विशेष टीम ने मुख्य आरोपी सौरभ खत्री और उसकी बहन सुरभि खत्री उर्फ चारू को हर्रावाला स्थित लक्ष्मण एन्क्लेव स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबाल ने पहले ही सीओ डोईवाला वंदना वर्मा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। टीम लगातार सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को सृष्टि कंडारी की मां सीमा कंडारी, निवासी श्रीकोट (श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल) ने कोतवाली डोईवाला में तहरीर दी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की शादी नवंबर 2025 में हर्रावाला निवासी सौरभ खत्री से हुई थी। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष कथित रूप से दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित करता था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) सहित संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में वीडियो बना सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मृतका की मां, परिजनों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए।
इसी दौरान सृष्टि की मां ने पुलिस को एक वीडियो उपलब्ध कराया, जिसे सृष्टि ने कथित तौर पर घटना से पहले भेजा था।
पुलिस के अनुसार, वीडियो में सृष्टि ने शादी के बाद से ससुराल में कथित रूप से हो रही प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न का उल्लेख किया था।
पुलिस का कहना है कि वीडियो सहित अन्य डिजिटल और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और उसी क्रम में गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
हालांकि मामले की अंतिम सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया और विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सास की भूमिका पर भी जांच जारी
पुलिस ने बताया कि मामले में नामजद सास की भूमिका की भी अलग से जांच की जा रही है।
यदि जांच के दौरान उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने कहा कि पुलिस किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं कर रही है और उपलब्ध प्रत्येक साक्ष्य का वैज्ञानिक एवं कानूनी तरीके से परीक्षण किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
सृष्टि कंडारी एक सरकारी शिक्षिका थीं, जबकि उनके पति सौरभ खत्री सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत बताए गए हैं।
परिवार के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही सृष्टि को कथित रूप से दहेज और अन्य कारणों से मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
परिजनों का आरोप है कि विवाह के लगभग तीन महीने बाद सौरभ खत्री के पिता को दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद परिवार ने किसी पंडित की सलाह का हवाला देते हुए सृष्टि को कथित रूप से “मनहूस” कहना शुरू कर दिया।
परिजनों का दावा है कि इस प्रकार की बातें और लगातार मानसिक दबाव सृष्टि को गहरे अवसाद की ओर धकेलते रहे।
हाल ही में ससुर के निधन के बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई थी।
परिवार को कैसे मिली घटना की जानकारी?
सृष्टि की मां सीमा कंडारी के अनुसार, 28 और 29 जुलाई के दौरान जब बेटी से संपर्क नहीं हो पाया तो उन्हें चिंता हुई।
उन्होंने अपने एक परिचित को हर्रावाला स्थित ससुराल भेजा। वहां पहुंचने पर पता चला कि सृष्टि अस्पताल में भर्ती है।
परिजन जब तक देहरादून पहुंचे, तब तक चिकित्सकों ने सृष्टि को मृत घोषित कर दिया था।
इसके बाद परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
दहेज प्रताड़ना के मामलों पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रताड़ना और वैवाहिक हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विवाह के बाद यदि किसी महिला को मानसिक, आर्थिक या शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, तो परिवार और समाज को समय रहते संवेदनशीलता के साथ हस्तक्षेप करना चाहिए।
ऐसे मामलों में प्रारंभिक शिकायतों को गंभीरता से लेना और पीड़ित को कानूनी व सामाजिक सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
