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उत्तराखंड: रुद्रपुर ESIC अस्पताल में बवाल, 23 संविदा नर्सों को सेवा समाप्ति नोटिस, कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप, आंदोलन की चेतावनी

The Hill India News
Last updated: June 16, 2026 4:23 am
The Hill India News
Published: June 16, 2026
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रुद्रपुर। श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित रुद्रपुर स्थित ईएसआईसी (ESIC) अस्पताल एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। अस्पताल में कार्यरत 23 संविदा नर्सों को अचानक सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किए जाने के बाद अस्पताल परिसर में असंतोष का माहौल बन गया है। नोटिस मिलने से नाराज नर्सों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, 15 जून को अस्पताल में कार्यरत लगभग 23 संविदा नर्सों को सेवा समाप्ति का नोटिस थमा दिया गया। नोटिस में उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने की बात कही गई है। अचानक मिली इस सूचना से नर्सों में भारी चिंता और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया। कई नर्सों का कहना है कि वे लंबे समय से अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही हैं और बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें नौकरी से हटाने का फैसला किया गया है।

नोटिस मिलने के बाद परेशान नर्सों ने अपनी समस्याओं को लेकर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल से मुलाकात की और उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की। कर्मचारियों की शिकायत मिलने पर राजकुमार ठुकराल अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभावित कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। इसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के अधिकारियों के साथ भी चर्चा की और पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा।

नर्सों का आरोप है कि अस्पताल में लंबे समय से कई प्रकार की अनियमितताएं चल रही हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जाता है और नौकरी बचाए रखने के लिए उन्हें कई बार प्रतिकूल परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन और ठेकेदार के निर्देशों के अनुसार कार्य न करने पर नौकरी पर खतरा मंडराने लगता है। कर्मचारियों का कहना है कि कार्यस्थल का माहौल कई बार तनावपूर्ण बना दिया जाता है, जिससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता और मनोबल प्रभावित होता है।

मामले को और गंभीर बनाते हुए कुछ नर्सों ने अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों, विशेषकर रात्रिकालीन रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखकर बनाए गए इस अस्पताल में कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव दिखाई देता है। उनके अनुसार अस्पताल में एक्स-रे मशीन, विशेषज्ञ चिकित्सकों और महिला डॉक्टरों जैसी आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। परिणामस्वरूप कई मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे श्रमिक वर्ग और उनके परिवारों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है।

ठुकराल ने कहा कि अस्पताल में कार्यरत कुछ नर्सों ने संसाधनों की कमी के कारण कठिन परिस्थितियों में मरीजों का इलाज करने की बात भी बताई है। यदि ऐसा है तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा कराने की मांग की है।

इस बीच कर्मचारियों ने सुविधा शुल्क मांगे जाने जैसे आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजकुमार ठुकराल का कहना है कि यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो यह अत्यंत गंभीर मामला होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि कर्मचारियों से कथित रूप से लिया जाने वाला पैसा आखिर कहां और किस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जा रहा है।

पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि 15 से 16 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करने वाली नर्सें अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनी हुई हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और सेवा समाप्ति नोटिस वापस लेने पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जा सकता है।

फिलहाल 23 संविदा नर्सों को जारी किए गए नोटिस और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और संभावित जांच पर टिकी हुई हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, सेवा समाप्ति नोटिस वापस लिया जाए और अस्पताल में पारदर्शी एवं निष्पक्ष कार्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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