पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से दो अलग-अलग दुखद घटनाएं सामने आई हैं, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पहली घटना में पिथौरागढ़-वड्डा मोटर मार्ग पर एक सड़क हादसे में 30 वर्षीय युवक की जान चली गई, वहीं दूसरी घटना में बडारी गांव में बिजली का काम कर रहे एक लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई।
एक ही दिन में हुई इन दो अलग-अलग घटनाओं से मृतकों के परिवारों में मातम पसर गया है। पुलिस और प्रशासन दोनों ही मामलों की गहनता से जांच कर रहे हैं।
सड़क हादसे में प्रदीप अरोड़ा ने तोड़ा दम
मिली जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़-वड्डा मोटर मार्ग पर जाखनी के समीप एक बाइक और स्कूटी के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में स्कूटी सवार प्रदीप अरोड़ा (निवासी ऐंचोली) गंभीर रूप से घायल हो गया था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने प्रदीप की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी। परिजनों के अनुसार, जब वे प्रदीप को हायर सेंटर ले जा रहे थे, तभी 30 वर्षीय प्रदीप ने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस पिथौरागढ़ लौट आए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। प्रदीप की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे (9 व 5 वर्ष) बेसहारा हो गए हैं। कोतवाल ललित मोहन जोशी ने बताया कि इस मामले में परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है, लेकिन पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
शट डाउन लेने के बाद भी लाइनमैन की करंट लगने से मौत
दूसरी घटना जिला मुख्यालय के समीपस्थ बडारी गांव की है। यहाँ विण विकास खंड के बडारी गांव निवासी 55 वर्षीय सुंदर सिंह सौन (पुत्र चंचल सिंह) ऊर्जा निगम में एक ठेकेदार के अधीन लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। सोमवार दोपहर सुंदर सिंह गांव में खराब पड़ी विद्युत लाइन को ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़े थे। परिजनों का आरोप है कि पोल पर चढ़ने से पहले उन्होंने कंट्रोल रूम से विधिवत शट डाउन (Shutdown) लिया था और पुष्टि होने के बाद ही वे खंभे पर चढ़े थे।
इसके बावजूद अचानक लाइन में करंट आ गया, जिससे वे झुलसकर जमीन पर गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल सुंदर सिंह को परिजन व ग्रामीण उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन उन्होंने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया।
परिजनों में आक्रोश, अधिकारियों ने दिए जांच के निर्देश
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि जब शट डाउन लिया जा चुका था, तब लाइन में करंट कैसे आया। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता (EE) नितिन सिंह गर्खाल तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिजनों से बातचीत की।
उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि नियमानुसार इस हादसे की दो स्तरों पर जांच की जाएगी। एक विभागीय जांच अधीक्षण अभियंता द्वारा नामित अधिकारी करेंगे, जबकि दूसरी जांच विद्युत सुरक्षा विभाग के इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर द्वारा की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
बता दें कि मृतक सुंदर सिंह के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी का विवाह हो चुका है, बड़ा बेटा चालक है और छोटा बेटा बेरोजगार है। इस घटना से परिवार सदमे में है। गौरतलब है कि इससे पहले भी बेरीनाग क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान करंट लगने से दो लाइनमैनों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हुए थे।


