
रुद्रप्रयाग/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) सीजन के दौरान मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में लगातार हो रही बर्फबारी से आस्था और प्रकृति का एक अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। आसमान से गिरते बर्फ के फाहे ऐसे प्रतीत हो रहे हैं, जैसे कुदरत खुद बाबा केदार और मां यमुना का श्रृंगार कर रही हो। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं और उनके उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच जिला प्रशासन, पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) पूरी मुस्तैदी के साथ व्यवस्थाओं को संभाले हुए हैं।
केदारनाथ धाम में आस्था का सैलाब
केदारनाथ धाम में मौसम की कठिन परीक्षा के बावजूद भक्तों की आस्था अडिग है। इस यात्रा सीजन की शुरुआत से लेकर अब तक 3 लाख 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं, जो आस्था के बढ़ते जनसैलाब को दर्शाता है। भारी बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं को व्यवस्थित ढंग से कतारबद्ध कर दर्शन करवाए जा रहे हैं। कठिन मौसम और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों का समर्पण साफ नजर आ रहा है।
हालांकि, लगातार हो रही बर्फबारी के कारण केदारनाथ की टेंट कॉलोनियों को कुछ नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे स्थानीय व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ गया है। प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त टेंटों की मरम्मत और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था युद्धस्तर पर की जा रही है।
यमुनोत्री धाम में सुहाना हुआ मौसम
उधर, यमुनोत्री धाम में भी बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। धाम के ऊंचे इलाकों में बर्फ के फाहे गिर रहे हैं, जबकि यमुना घाटी के निचले इलाकों में झमाझम बारिश होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस सर्द मौसम के बीच भी श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। बर्फबारी के आगोश में लिपटा यमुनोत्री धाम का नजारा इस समय देखते ही बन रहा है।
एसडीआरएफ (SDRF) ने बचाई दो श्रद्धालुओं की जान
कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के बीच रेस्क्यू और बचाव कार्यों में एसडीआरएफ ने अनुकरणीय तत्परता का परिचय दिया है। टीम ने आपातकालीन स्थिति में दो अलग-अलग स्थानों पर बीमार तीर्थयात्रियों की जान बचाकर एक मिसाल पेश की है:
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पहली घटना: केदारनाथ हेलीपैड के समीप मध्य प्रदेश के रहने वाले 70 वर्षीय आशाराम की अचानक तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। बुजुर्ग को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित निकालकर सरकारी अस्पताल केदारनाथ में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।
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दूसरी घटना: आस्था पथ के प्रवेश बिंदु पर हैदराबाद की 64 वर्षीय कांता बाई की तबीयत अचानक खराब हो गई। एसडीआरएफ की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक उपचार दिया। स्वास्थ्य स्थिर होने के बाद उन्हें तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जिससे उनकी जान बच गई।
पुलिस अधीक्षक की श्रद्धालुओं से विशेष अपील
रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। उन्होंने कहा कि, “श्रद्धालु यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान (Weather Update) अवश्य जांच लें। अपने साथ पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े, रेनकोट, विंडप्रूफ जैकेट और आवश्यक दवाइयां जरूर रखें।”
उन्होंने बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों से विशेष सावधानी बरतने और स्वास्थ्य जांच के बाद ही कठिन मौसम में यात्रा करने की सलाह दी है। पुलिस अधीक्षक ने आश्वस्त किया कि रुद्रप्रयाग पुलिस, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।


