By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: लालकुआं के एजुकेशन हब को जोड़ने वाली एकमात्र लिंक रोड,15 साल सड़क बेहाल, जनता लगा रही गुहार
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > लालकुआं के एजुकेशन हब को जोड़ने वाली एकमात्र लिंक रोड,15 साल सड़क बेहाल, जनता लगा रही गुहार
उत्तराखंड

लालकुआं के एजुकेशन हब को जोड़ने वाली एकमात्र लिंक रोड,15 साल सड़क बेहाल, जनता लगा रही गुहार

The Hill India Desk
Last updated: April 3, 2023 10:09 am
The Hill India Desk
Published: April 3, 2023
Share
SHARE

हल्दुचौड़: वैसे तो उत्तराखंड सरकार चहू ओर वाहवाही लूट रही है 1 साल बेमिसाल के नारे भी लग रहे हैं परंतु आज भी जहां एक और सुदूर पहाड़ी इलाकों में श्रमदान से सड़क बनाने की बातें सामने आ रही हैं तो मैदानी क्षेत्र भी इस परिस्थिति से कुछ इतर नहीं है। ऐसा ही क्षेत्र है लालकुआ विधानसभा का हल्दुचौड़ दौलिया जहां बबूर गुमटी से लेकर देवरामपुर सागर स्टोन क्रेशर तक की सड़क आज नहर से भी अधिक बुरी स्थिति में है।

यह सड़क लालकुआं के एजुकेशन हब को जोड़ने वाली एकमात्र लिंक रोड है जिसमे सागर,पाल आदि स्टोन क्रेशर व गोला की गाड़ियां आते जाते रहती है साथ ही इस रोड पर लगभग 22 ऑगनबाडिया, 13 विद्यालय व लालकुआं का एकमात्र महाविद्यालय लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय हल्दूचौड़ भी स्थित है ।
गौरतलब यह है कि जब स्कूल का समय होता है तो इस रोड पर लगभग 4000 से 5000 छात्रों का आना जाना लगा रहता है व 8 फिट की सड़क पर बड़े बड़े हाइवा चलने के कारण स्कूल व अन्य समय पर ग्राम वासी हादसों का शिकार होते रहते है अतः इस सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही बन्द करने हेतु व वैकल्पिक मार्ग से डाइवर्ट जाने हेतु आदेशित करने का निवेदन क्षेत्रवासी विधायक मंत्री, मुख्यमंत्री,केंद्रीय सड़क मंत्री सभी से कर चुके है।
इस समय वर्तमान में इस सड़क की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है की सड़क में गड्ढे नहीं गड्ढों में ही सड़क है।

दयनीय बात तो यह है कि समाजसेवी पीयूष जोशी द्वारा पूर्व में मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल पर शिकायत कर 2018 में पूरी रोड के निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग से पत्राचार कर 251 लाख की डीपीआर तैयार करवाई गई पर सड़क नहीं बन पाई।
हाल ही में जब पुनः समाजसेवी द्वारा पहल की गई वह इस सड़क की अनुमानित लागत पुनः आगणन कर शासन को भेजी गई तो 548 लाख की लागत की डीपीआर शासन को भेजी गई ।
ऐसे में 10 सालों में जो जनता को परेशानियां हुई वह तो अलग उसके विपरीत रेट में दुगना इजाफा हुआ।

इस मामले मे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपर सचिव भी संज्ञान लेते हुए प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग को व्यापक जन उपयोगिता / आवश्यकता की दृष्टि से परीक्षण कर समोचित कार्यवाही करने अथवा स्पष्ट मंतव्य के साथ प्रस्ताव सक्षम स्तर को प्रेषित किये जाने के आदेश कर चुके है।अब देखना यह होगा कि क्या मुख्यमंत्री के आदेश के बाद वह सड़क बन पाती है व स्कूली सड़क पर बड़े वाहनों पर प्रतिबंध लगाने यह जो मांग लगातार ग्रामीण कर रहे हैं वह पूरी हो पाती है या फिर 1 साल बेमिसाल के नारे केबल सोशल मीडिया पर ही चर्चा का विषय बने रहेंगे।
इतनी बार लगा चुके हैं शासन से गुहार :
1.2018 में तत्कालीन समाधान पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने व विभाग से पत्राचार के बाद 251 लाख की डीपीआर बनवा कर शाशन को भेजी बजट के अभाव में प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया।
2. सड़क नही बनी तो पुनः 2021 में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद पुनः विभाग द्वारा उक्त मार्ग वार्षिक अनुरक्षण मद के लिए प्रस्तावित किया गया परंतु फिर भी निर्माण नहीं हुआ।
3. नवंबर 2022 में राज्य सेवा के अधिकार व सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने के बाद पेंच-मरम्मत का आश्वासन लोक निर्माण विभाग के द्वारा दिया गया परंतु सड़क के गद्दों की स्थिति यतावत बनी रही।
4. दिसंबर 2022 में मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री राष्ट्रपति केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री को पत्र लिख सड़क निर्माण की मांग समाजसेवी द्वारा की गई जिस क्रम में लोक निर्माण विभाग द्वारा पुनः 548 लाख का प्रस्ताव विशेष सहायता योजना के अंतर्गत शासन को भेजा गया ,जिसपर निर्माण शेष है।

लगातार इस सड़क को बनवाने हेतु 2013 से पत्राचार जारी है ।
परंतु ना तो विभाग सुन रहा है ना शासन ना प्रशासन।
2018 में शिकायत कर जो डीपीआर बनवाई थी उस सड़क की लागत 251 लाख थी, आज बढ़कर 548 लाख हो गई है।
फिर भी सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाया जा रहा है।
ऐसा चलता रहा तो जनता की समस्याओं के साथ-साथ सड़क पर दुर्घटनाएं भी बढ़ते रहेंगे ।
मुख्यमंत्री कार्यालय से संज्ञान तो लिया गया है परंतु सड़क के गड्ढे भरने अभी भी शेष हैं।
– पीयूष जोशी
समाजसेवी
लालकुआं

बॉक्स :

उत्तराखंड सेवा का अधिकार अधिनियम में स्पष्ट लिखा है कि सड़क पर गड्ढे होने की सूचना के 48 घंटों के अंदर सड़क के गड्ढे विभाग को भरने होते हैं ।
परंतु दुर्भाग्य का विषय यह है कि बार-बार विभाग को सूचित करने के बाद भी सड़क के गड्ढे लगभग 15 वर्षों से वैसे के वैसे हैं।
बेशर्मी तो यह है कि जब शिकायत की जाती है तो विभाग स्वयं यह लिखकर भेज रहा है कि 8 वर्षों से सड़क पर कोई निर्माण कार्य नहीं किया गया।
जबकि क्षेत्रवासी लगातार शिकायत कर रहे हैं कि गड्ढे भर दिया जाए ।
सड़क के गड्ढे तत्काल भरे जाएं क्योंकि सड़क किनारे व्यापार करने में बहुत दिक्कत होती है ।

– पुष्पा जोशी
ग्राम पंचायत सदस्य
हल्दुचौड़ दौलिया।

Click here…

https://test.techyardacademy.com/wp-content/uploads/2023/04/road.pdf

You Might Also Like

देहरादून- संदीप सेमवाल भारतीय चिकित्सा परिषद में सहायक रजिस्ट्रार नियुक्त
उत्तराखण्ड: सीएम धामी से जी.ओ.सी उत्तराखंड सब एरिया मेजर जनरल संजीव खत्री मुलाकात की
हल्द्वानी में पूर्व अर्द्धसैनिक बल सम्मेलन: मुख्यमंत्री धामी की बड़ी घोषणाएँ, कहा—‘अर्द्धसैनिक बल वीरता और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक’
उत्तराखंड में नए जिलों के गठन की गूँज: ‘जिला बनाओ संघर्ष समिति’ ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, 11 नए जनपदों की उठी मांग
मंत्री रमेश पोखरियाल निंशक ने नाराजगी व्यक्त कर विद्युत विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश
TAGGED:Uttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

अस्पताल में 1500 रूपये के बिल पर बवाल, भड़के मरीज ने गुंडों को बुलाकर डॉक्टर और स्टाफ को रॉड से पीटा

The Hill India News
The Hill India News
July 3, 2026
तेलंगाना में डीएसपी संकीरेड्डी भीम रेड्डी के साम्राज्य पर एसीबी का शिकंजा, करोड़ों की बेनामी संपत्ति और विदेशी शराब जब्त
उत्तराखंड चुनाव से पहले गरमाई सियासत: वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर BJP विधायक दिलीप रावत के बयान से भूचाल, कांग्रेस आक्रामक
उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण का अंतिम चरण: 8 लाख से अधिक ASD वोटरों की खोज, 15 सितंबर को आएगी फाइनल लिस्ट
Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी का सख्त निर्देश— पदक विजेता खिलाड़ियों को तय समय में मिले सरकारी नौकरी
राम मंदिर ट्रस्ट में भर्ती और चढ़ावा प्रबंधन पर गंभीर सवाल: बैकडोर नियुक्तियों, कथित रिश्वतखोरी और चंदा चोरी के आरोपों की जांच तेज
केतन हत्याकांड में बड़ा खुलासा: मंगेतर सिया ने पहाड़ी से धक्का देने की पहले की थी प्रैक्टिस, पुलिस ने घटनास्थल से पहले ‘रिहर्सल’ वाली जगह पर कराया घटनाक्रम का पुनर्निर्माण
नैनीताल में बड़ा प्रशासनिक बदलाव! 1 अगस्त से मॉल रोड पर हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध
केदारनाथ धाम यात्रा में अब मनमानी और अभद्रता नहीं! प्रशासन सख्त, बिना पंजीकरण घोड़ा-खच्चर चलाने वालों पर होगी सीधी विधिक कार्रवाई
मद्रास हाई कोर्ट के ‘गो-वध’ पर पूर्ण प्रतिबंध के फैसले पर तमिलनाडु में भारी सियासी उबाल, सुप्रीम कोर्ट पहुंची विजय सरकार
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?