हल्द्वानी: उत्तराखंड के मैदानी और तराई क्षेत्रों में जेठ की तपिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ रहे पारे और आसमान से बरसती आग के बीच जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी भीषण गर्मी और ‘हीट वेव’ (लू) के जानलेवा प्रकोप को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लिया है। जिले के अत्यधिक गर्म मैदानी विकासखंडों—हल्द्वानी, रामनगर और कोटाबाग के समस्त सरकारी, अशासकीय सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालन समय में तत्काल प्रभाव से व्यापक बदलाव कर दिया गया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) नैनीताल की ओर से इस संबंध में आधिकारिक रूप से लिखित दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जारी आदेश के मुताबिक, यह नई व्यवस्था आज यानी 22 मई 2026 से ही आगामी आदेश तक कड़ाई से प्रभावी मान ली गई है। प्रशासन के इस कदम का मुख्य उद्देश्य नौनिहालों को दोपहर की चिलचिलाती धूप, उमस और गर्म थपेड़ों से बचाना है, ताकि उनके स्वास्थ्य पर मौसम का कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी हुआ आदेश; पर्वतीय क्षेत्रों को राहत
यह निर्णय नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के विशेष दिशा-निर्देशों के क्रम में लिया गया है। मई के महीने में ही मैदानी इलाकों का तापमान तेजी से सामान्य से ऊपर पहुंच रहा है, जिससे स्कूली बच्चों, विशेषकर प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल के छात्रों के बीमार होने का खतरा काफी बढ़ गया था। इसी स्थिति का संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग ने नैनीताल स्कूल टाइमिंग चेंज करने का खाका तैयार किया।
“इस आदेश की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह समय-परिवर्तन केवल जिले के मैदानी और अत्यधिक तापमान वाले तीन विकासखंडों (हल्द्वानी, रामनगर और कोटाबाग) के लिए ही वैध है। नैनीताल जनपद के अंतर्गत आने वाले पर्वतीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों को इस आदेश की परिधि से पूर्णतः बाहर रखा गया है। पहाड़ के स्कूलों में मौसम अनुकूल होने के कारण वहां पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से चलता रहेगा।”
क्या है नई समय-सारिणी? मिनट-दर-मिनट का ब्योरा
मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में समय को लेकर बेहद स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है, ताकि किसी भी स्कूल प्रबंधन या अभिभावक को किसी प्रकार का असमंजस न रहे:
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प्रार्थना सभा (Morning Assembly): मैदानी क्षेत्रों के सभी स्कूलों में अब सुबह की प्रार्थना सभा निर्धारित समय से काफी पहले, यानी सुबह 6 बजकर 45 मिनट पर अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी।
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कक्षाओं का संचालन (School Hours): प्रार्थना सभा के तुरंत बाद, सुबह 7:00 बजे से नियमित कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा।
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स्कूल की छुट्टी (Closing Time): दोपहर की तेज धूप चढ़ने से पहले ही, सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर स्कूलों में छुट्टी कर दी जाएगी, ताकि बच्चे सुरक्षित और अपेक्षाकृत कम तापमान में अपने घरों को लौट सकें।
विभाग ने साफ किया है कि यह नियम कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी बोर्डों (उत्तराखंड बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई) से संबद्ध स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
सख्ती से पालन करने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs), उप-खंड शिक्षा अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMCs) और निजी स्कूल संचालकों को इस आदेश की प्रति भेजते हुए सख्त हिदायत दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि नई समय-सारिणी का अनुपालन अक्षरसः और पूरी कड़ाई के साथ सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, तराई और मैदानी क्षेत्रों में लू (हीट वेव) की तीव्रता बहुत तेज हो जाती है। ऐसे में यदि दोपहर 1 या 2 बजे स्कूलों की छुट्टी की जाती, तो छोटे बच्चों को घर लौटते समय डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक (धूप लगना) और उल्टी-दस्त जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता था। इस मानवीय और स्वास्थ्यगत पहलू को देखते हुए नैनीताल स्कूल टाइमिंग चेंज का यह कदम उठाना बेहद अपरिहार्य हो गया था।
अभिभावकों में खुशी की लहर, मौसम विभाग का अलर्ट जारी
प्रशासन के इस त्वरित और संवेदनशील फैसले का जनपद के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने खुले दिल से स्वागत किया है। हल्द्वानी और रामनगर के विभिन्न अभिभावक संघों का कहना है कि वे पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ते पारे को देखकर बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंतित थे। सुबह-सुबह स्कूल शुरू होने से बच्चे ठंडे और ताजे माहौल में पढ़ाई कर सकेंगे और दोपहर की झुलसाने वाली धूप शुरू होने से पहले ही अपने घरों की सुरक्षित छांव में पहुंच जाएंगे।
मौसम विभाग का अनुमान और प्रशासनिक सतर्कता: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी हालिया बुलेटिन में भी उत्तराखंड के मैदानी जनपदों (विशेषकर उधमसिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल के मैदानी हिस्सों) में आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक वृद्धि होने तथा भीषण लू चलने की प्रबल आशंका जताई गई है। इसी वेदर फोरकास्ट को भांपते हुए जिला प्रशासन लगातार एहतियाती और सुरक्षात्मक कदम उठा रहा है।
चिकित्सकों ने भी इस मौसम में बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि स्कूल जाते समय बच्चों को सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनाएं, उनके पास पानी की बोतल (संभव हो तो ओआरएस या ग्लूकोज मिला हुआ) जरूर हो, और स्कूल से घर लौटते समय उनका सिर और चेहरा सूती कपड़े या टोपी से ढका होना चाहिए।
बदली हुई समय-सारिणी के बाद अब समस्त स्कूल प्रबंधनों ने अपनी बस और वैन सेवाओं के संचालकों को भी सुबह जल्दी वाहन चलाने और नए समय के अनुसार बच्चों को पिक-एंड-ड्रॉप करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग की टीमें भी आज से विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करेंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी निजी या सरकारी स्कूल इस जनहितैषी आदेश का उल्लंघन न कर रहा हो।



