उत्तराखंडफीचर्ड

रुड़की हत्याकांड: NATGRID पोर्टल की मदद से 48 घंटे में कलीम मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा, होटल संचालक समेत 5 बीटेक-बीफार्मा पास आरोपी गिरफ्तार

रुड़की (हरिद्वार)। उत्तराखंड की हरिद्वार जिला पुलिस ने आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सर्विलांस का बेहतरीन तालमेल पेश करते हुए भगवानपुर क्षेत्र के एक सनसनीखेज हत्याकांड का महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा संचालित आधुनिक डिजिटल तकनीक की मदद से न केवल अज्ञात मृतक की शिनाख्त की, बल्कि हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले पांच उच्च शिक्षित आरोपियों को भी दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों में बीटेक और बी.फार्मा जैसी पेशेवर डिग्री धारक शामिल हैं, जिन्होंने मामूली होटल विवाद में एक युवक को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया था।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए डंडे, मृतक का मोबाइल फोन, शव को ठिकाने लगाने में प्रयुक्त काली क्रेटा कार और एक स्कॉर्पियो कार बरामद कर ली है। इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

नदी किनारे मिला था अज्ञात युवक का लहुलुहान शव

घटनाक्रम की शुरुआत 17 मई 2026 (रविवार) को हुई, जब भगवानपुर कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि बहबलपुर से लव्वा गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर, नदी की सरहद के पास एक अज्ञात युवक का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। प्रथम दृष्ट्या देखने से ही यह साफ हो रहा था कि युवक की बड़ी बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या की गई थी। उसके शरीर पर सिर से लेकर पैर तक गंभीर चोटों और घसीटे जाने के निशान मौजूद थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद शव का पंचायतनामा भरकर उसे शिनाख्त और पोस्टमार्टम के लिए रुड़की के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया गया। चूंकि मृतक के पास से ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला जिससे उसकी पहचान हो सके, इसलिए पुलिस के सामने सबसे पहली और बड़ी चुनौती उसकी शिनाख्त करने की थी।

शिनाख्त का संकट और गृह मंत्रालय का NATGRID पोर्टल

अज्ञात शवों की पहचान अमूमन पुलिस के लिए हफ्तों का वक्त ले लेती है, लेकिन इस बार हरिद्वार पुलिस ने एक नए डिजिटल हथियार का इस्तेमाल किया। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह द्वारा हाल ही में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए, भगवानपुर पुलिस ने गृह मंत्रालय के ‘NATGRID पोर्टल’ (National Intelligence Grid) का सहारा लिया।

पुलिस टीम ने मृतक की स्पष्ट तस्वीरें NATGRID पोर्टल पर अपलोड कीं। इस आधुनिक सॉफ्टवेयर तकनीक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेशियल रिकग्निशन के जरिए मृतक के चेहरे से मिलते-जुलते 10 संदिग्ध व्यक्तियों का डाटा पुलिस को उपलब्ध करा दिया। ये सभी संदिग्ध उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों के निवासी दर्शाए गए थे।

मैनुअल वेरिफिकेशन से हुई कलीम की पहचान डिजिटल इनपुट मिलते ही एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें तुरंत सक्रिय हुईं। टीमों को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, देवबंद, बिजनौर, मुरादाबाद के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के संभावित ठिकानों पर भेजा गया। कड़े धरातलीय सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) के बाद आखिरकार मृतक की पहचान कलीम पुत्र मुरादु, निवासी ग्राम बचीटी, थाना देवबंद, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में सुनिश्चित हुई। कलीम की पहचान होते ही पुलिस को हत्याकांड के असली मोटिव और आरोपियों तक पहुंचने का सीधा रास्ता मिल गया।

होटल में हुआ था मामूली विवाद, फिर लिखी गई मौत की पटकथा

विवेचना को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाले और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। स्थानीय लोगों से पूछताछ में एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा कि 17 मई की दरम्यानी रात को क्षेत्र में एक संदिग्ध काली क्रेटा कार देखी गई थी। इस इलेक्ट्रॉनिक इनपुट और संदिग्ध कार के रूट को ट्रैक करते हुए जब जांच का दायरा बढ़ाया गया, तो पूरी कड़ियाँ आपस में जुड़ती चली गईं।

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक कलीम और उसका भाई कामिल वर्तमान में रुड़की के सलेमपुर इलाके में किराए पर कमरा लेकर रह रहे थे और काम की तलाश में थे। वारदात की रात दोनों भाई काम की तलाश में भगवानपुर की तरफ आए थे और देर रात भोजन करने के लिए स्थानीय हाईवे पर स्थित एक होटल में रुके। वहां खाना खाने के दौरान किसी बात को लेकर कलीम और कामिल का होटल संचालक और उसके कुछ साथियों के साथ तीखा विवाद हो गया।

बात इतनी बढ़ गई कि होटल स्टाफ और उनके साथियों ने दोनों भाइयों पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। हमले के दौरान कलीम का भाई कामिल किसी तरह अपनी जान बचाकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए सड़क की तरफ भाग निकला। लेकिन आरोपी हर्ष, अंकित और उनके साथियों ने कलीम को घेर लिया और उसे डंडों व लात-घूसों से तब तक बेरहमी से पीटा, जब तक कि उसकी सांसें नहीं थम गईं।

क्रेटा की डिग्गी में शव रखकर खेतों के रास्ते नदी में फेंका

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपियों ने कुबूल किया कि जब उन्हें अहसास हुआ कि कलीम की मौत हो चुकी है, तो वे बुरी तरह घबरा गए। उन्होंने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए तुरंत शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। आरोपियों ने कलीम के शव को अपनी काली क्रेटा कार की डिग्गी में बंद किया। इसके बाद मुख्य रास्तों पर पुलिस चेकिंग से बचने के लिए वे लव्वा गांव के अंदरूनी रास्तों और खेतों की पगडंडियों से होते हुए नदी किनारे पहुंचे और शव को वहां फेंककर फरार हो गए।

हसनपुर मदनपुर पुल से दबोचे गए 5 हत्यारोपी, सभी उच्च शिक्षित

वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी करते हुए भगवानपुर पुलिस टीम ने 19 मई को हसनपुर मदनपुर पुल के पास से घेराबंदी कर इस हत्याकांड में शामिल 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:

  1. सौरभ चौहान पुत्र संजय कुमार (निवासी: ग्राम खुब्बनपुर, भगवानपुर)

  2. अंकित कुमार पुत्र संतोष कुमार (निवासी: ग्राम खुब्बनपुर, भगवानपुर) – होटल लीज धारक

  3. हर्ष पुत्र प्रवीण चौहान (निवासी: ग्राम खुब्बनपुर, भगवानपुर) – होटल लीज धारक

  4. अनमोल सैनी पुत्र भीशम सैनी (निवासी: ग्राम सलेमपुर राजपुताना, गंगनहर, रुड़की)

  5. विशाल सैनी पुत्र राजेश सैनी (निवासी: ग्राम सोना सईद माजरा, गागलहेड़ी, सहारनपुर, उ.प्र.)

पढ़े-लिखे युवाओं का अपराध में शामिल होना चिंताजनक पुलिस के अनुसार, इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी अच्छे परिवारों से हैं और उच्च शिक्षित हैं। इनमें से कुछ ने बीटेक (B.Tech) और कुछ ने बी.फार्मा (B.Pharma) जैसे प्रोफेशनल कोर्स किए हुए हैं। मुख्य आरोपी हर्ष और अंकित ने यह होटल लीज (किराए) पर लिया था, जिसे चलाने में अर्पित और ऋषि नामक दो अन्य युवक भी मदद करते थे। घटना की रात हर्ष अपनी पत्नी को स्कॉर्पियो कार से छोड़ने सीतापुर गया था, लेकिन देर रात होटल पर झगड़े की सूचना मिलते ही वह वापस भगवानपुर पहुंचा और इस जघन्य कृत्य में शामिल हो गया।

दो फरार आरोपियों की तलाश जारी: एसपी देहात

मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया, “18 मई को संबंधित धाराओं में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा संचालित आधुनिक पुलिस सॉफ्टवेयर तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से हमने 48 घंटे के भीतर न सिर्फ शिनाख्त की, बल्कि पांच आरोपियों को जेल भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त दोनों गाड़ियाँ (क्रेटा और स्कॉर्पियो) और हथियार बरामद कर लिए गए हैं। मामले में नामजद दो अन्य आरोपी अर्पित और ऋषि अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं, उन्हें भी जल्द ही कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button