नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के एक बड़े हिस्से के लिए मौसम का सबसे गंभीर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और तटीय इलाकों तक सूरज की तपिश ने आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते दिन यानी 20 मई को उत्तर प्रदेश का बांदा देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया, जहां पारा रिकॉर्ड 48.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा देश के 26 अन्य प्रमुख शहरों में भी अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस की लक्ष्मण रेखा को पार कर गया है।
मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के मुताबिक, आने वाले पांच से छह दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों को इस झुलसाने वाली गर्मी और भीषण लू (Heatwave) से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में ‘सियर हीटवेव’ का प्रकोप बना रहेगा। हालांकि, इस जानलेवा गर्मी के बीच मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के लिए भारी बारिश का दोहरा पूर्वानुमान भी जारी किया है।
27 शहरों में ‘टॉर्चर’ बना तापमान: बांदा और खजुराहो में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि मध्य और उत्तर भारत के मैदानी इलाके इस वक्त भट्टी की तरह तप रहे हैं। विदर्भ, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा सामान्य से 4 से 6 डिग्री ऊपर चल रहा है। 20 मई को दर्ज किए गए देश के सबसे गर्म 27 शहरों की स्थिति इस प्रकार रही:
| स्टेशन | उपविभाग/राज्य | अधिकतम तापमान (°C) |
| बांदा | पूर्वी उत्तर प्रदेश | 48.0 |
| खजुराहो | पूर्वी मध्य प्रदेश | 47.4 |
| वर्धा | विदर्भ (महाराष्ट्र) | 47.1 |
| रोहतक | हरियाणा | 46.9 |
| नागपुर | विदर्भ (महाराष्ट्र) | 46.6 |
| नौगांव | पूर्वी मध्य प्रदेश | 46.6 |
| श्रीगंगानगर | पश्चिम राजस्थान | 46.5 |
| अमरावती | विदर्भ (महाराष्ट्र) | 46.4 |
| चंद्रपुर | विदर्भ (महाराष्ट्र) | 46.2 |
| हमीरपुर | पश्चिम उत्तर प्रदेश | 46.2 |
| झारसुगुड़ा | ओडिशा | 46.0 |
| दमोह | पूर्वी मध्य प्रदेश | 46.0 |
| झांसी | पश्चिम उत्तर प्रदेश | 45.9 |
| अंबाला | पंजाब/हरियाणा | 45.8 |
| मंडला | पूर्वी मध्य प्रदेश | 45.6 |
| हिसार | हरियाणा | 45.4 |
| सतना | पूर्वी मध्य प्रदेश | 45.3 |
| संबलपुर | ओडिशा | 45.3 |
| पिलानी | राजस्थान | 45.3 |
| आगरा | पश्चिम उत्तर प्रदेश | 45.3 |
| अकोला | विदर्भ (महाराष्ट्र) | 45.2 |
| यवतमाल | विदर्भ (महाराष्ट्र) | 45.2 |
| उरई | पूर्वी उत्तर प्रदेश | 45.2 |
| पटियाला | पंजाब | 45.0 |
| रेंटाचिंतला | तटीय आंध्र प्रदेश | 45.0 |
| खम्मम | तेलंगाना/रायलसीमा | 45.0 |
| हीराकुंड | ओडिशा | 45.0 |
दिल्ली-एनसीआर समेत इन राज्यों में ‘सीवियर हीटवेव’ की चेतावनी
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, 21 मई से लेकर 26 मई के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों को अत्यधिक गंभीर हीटवेव का सामना करना पड़ेगा।
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दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़: इन राज्यों में 21 मई को भीषण लू चलेगी। इसके बाद 24 से 26 मई के बीच गर्मी अपने चरम पर होगी, जिसके चलते दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना असुरक्षित हो सकता है।
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उत्तर प्रदेश (यूपी): उत्तर प्रदेश के मौसम में इस वक्त सबसे ज्यादा विषमता देखी जा रही है। वेस्टर्न यूपी में 20 से 26 मई तक लगातार और ईस्टर्न यूपी में 20 से 23 मई के दौरान लू से भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी।
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मध्य प्रदेश और राजस्थान: मध्य प्रदेश में 21 से 25 मई के बीच प्रचंड लू का दौर जारी रहेगा। वहीं राजस्थान के मरुस्थलीय और मैदानी इलाकों (विशेषकर श्रीगंगानगर और पिलानी) में 21 से 26 मई तक झुलसाने वाली गर्म हवाएं (लू) चलेंगी।
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अन्य प्रभावित राज्य: बिहार में 21 से 23 मई, छत्तीसगढ़, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में 21 से 24 मई के बीच लू चलने का अनुमान है। पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में भी 21 मई को मैदानी इलाकों से सटे हिस्सों में लू का असर देखा जा सकता है।
‘वॉर्म नाइट’ का टॉर्चर: अब रात में भी चैन नहीं, बढ़ेगी उमस
इस बार की गर्मी केवल दिन के तापमान तक सीमित नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, देश के कई हिस्सों में ‘वॉर्म नाइट’ यानी गर्म रातों का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि सूर्यास्त के बाद भी वातावरण ठंडा नहीं होगा और न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक बना रहेगा।
IMD नाइट अलर्ट: उत्तर प्रदेश में 21 और 22 मई को रात के समय भी भीषण गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। यही स्थिति विदर्भ में 21 मई को और ओडिशा में 21 से 24 मई के दौरान बनी रहेगी।
इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 से 24 मई के बीच हवा में नमी का स्तर (Humidity) बढ़ने के कारण बेहद गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। यह स्थिति हीट स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है, क्योंकि अत्यधिक उमस में शरीर का पसीना सूख नहीं पाता।
गर्मी के इस महासंकट के बीच कहाँ होगी भारी बारिश?
एक तरफ जहां आधा भारत पानी और छांव के लिए तरस रहा है, वहीं मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का बुलेटिन जारी किया है। मानसून की आमद से पहले अंडमान एंड निकोबार आईलैंड में इस पूरे हफ्ते झमाझम बारिश होने के आसार हैं।
इसके साथ ही, नॉर्थ-ईस्ट (पूर्वोत्तर भारत) और उससे सटे पूर्वी भारत के राज्यों में 21 से 26 मई के दौरान बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवाओं के कारण भारी बारिश का पूर्वानुमान है। यह मानसूनी सक्रियता पूर्वोत्तर के राज्यों को इस जानलेवा गर्मी से पूरी तरह सुरक्षित रखेगी।
तापमान में बदलाव को लेकर क्या है पूर्वानुमान?
आईएमडी के अनुसार, महाराष्ट्र और विदर्भ के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अधिकतम तापमान से मामूली राहत मिल सकती है। 21 मई को महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में पारे में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिसके बाद 22 से 26 मई के बीच तापमान स्थिर रहेगा। हालांकि, भारत के बाकी हिस्सों (विशेषकर दिल्ली, यूपी, हरियाणा, राजस्थान) में 26 मई तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े सुधार या गिरावट की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह: मौसम के इस जानलेवा रूप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचने, लगातार ओआरएस (ORS) या नींबू-पानी का सेवन करने और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।



