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Reading: प्रेमी के लिए मां ने छोड़े दो मासूम बच्चे, जेब में लिख दिया- “हमारे माता-पिता नहीं हैं”, अब अनाथालय में कट रही जिंदगी
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प्रेमी के लिए मां ने छोड़े दो मासूम बच्चे, जेब में लिख दिया- “हमारे माता-पिता नहीं हैं”, अब अनाथालय में कट रही जिंदगी

The Hill India News
Last updated: May 20, 2026 10:48 am
The Hill India News
Published: May 20, 2026
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महाराष्ट्र के बीड जिले से एक बेहद संवेदनशील और दिल झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक मां ने अपने प्रेमी के साथ भागने के लिए अपने ही दो मासूम बच्चों को लावारिस हालत में बस में छोड़ दिया। इतना ही नहीं, उसने बच्चों की जेब में एक पर्ची भी रख दी, जिसमें लिखा था कि “इन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं, इन्हें यवतमाल पहुंचा दें।” इस घटना के सामने आने के बाद हर कोई हैरान है कि आखिर कोई मां अपने बच्चों के साथ ऐसा कैसे कर सकती है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय सामने आई जब पंढरपुर से संभाजीनगर जा रही एक बस बीड पहुंची। बस के कंडक्टर ने देखा कि दो छोटे बच्चे सीट पर अकेले बैठे रो रहे हैं। आसपास कोई अभिभावक दिखाई नहीं दे रहा था। पहले तो कंडक्टर ने सोचा कि शायद बच्चों के माता-पिता कहीं नीचे उतरे होंगे, लेकिन काफी देर तक कोई नहीं आया। इसके बाद उसने बच्चों से बात करने की कोशिश की, लेकिन दोनों बच्चे डरे हुए थे और ठीक से कुछ बता नहीं पा रहे थे।

इसी दौरान कंडक्टर की नजर बच्चों की जेब में रखी एक चिट्ठी पर पड़ी। चिट्ठी पढ़ते ही बस स्टाफ और यात्रियों के होश उड़ गए। उस पर्ची में लिखा था कि “इन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं, इन्हें यवतमाल पहुंचा देना।” साथ ही उसमें एक मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ था, जो बच्चों के नाना का बताया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बीड पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद पुलिस ने पर्ची में लिखे नंबर पर संपर्क किया। जांच में पता चला कि वह नंबर बच्चों के नाना का है, जो यवतमाल में रहते हैं। पुलिस ने उन्हें तुरंत बीड बुलाया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।

जब बच्चों के नाना पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो सभी को उम्मीद थी कि वह अपने नातियों को देखकर भावुक हो जाएंगे और उन्हें अपने साथ ले जाने के लिए तैयार हो जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नाना ने बच्चों को गले लगाने या उन्हें संभालने के बजाय अपनी बेटी द्वारा घर से ले जाए गए पैसों और स्कूटी के बारे में पूछना शुरू कर दिया। उन्होंने पुलिस से कहा कि उनकी बेटी घर से नकदी और स्कूटी लेकर फरार हुई है और इसकी शिकायत उन्होंने पहले ही यवतमाल पुलिस स्टेशन में दर्ज करा दी थी।

बताया जा रहा है कि महिला 30 अप्रैल को अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई थी। जाते समय वह अपने दोनों बच्चों को भी साथ ले गई, लेकिन बाद में रास्ते में उन्हें बस में छोड़कर खुद प्रेमी के साथ स्कूटी पर फरार हो गई। पुलिस का मानना है कि महिला अपने बच्चों की जिम्मेदारी नहीं उठाना चाहती थी, इसलिए उसने यह कदम उठाया।

सबसे दुखद पहलू यह रहा कि पहले मां ने बच्चों को छोड़ दिया और बाद में नाना ने भी उन्हें अपनाने से इनकार कर दिया। ऐसे में दोनों मासूम बच्चों के सामने रहने और देखभाल का बड़ा संकट खड़ा हो गया। इसके बाद बीड पुलिस, जिला प्रशासन और बाल कल्याण समिति ने मिलकर बच्चों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की।

फिलहाल दोनों बच्चों को बीड के एक अनाथालय में रखा गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। प्रशासन ने बताया कि बच्चों को भोजन, कपड़े और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही बाल कल्याण समिति इस पूरे मामले की जांच भी कर रही है ताकि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल छोड़ गई है कि आखिर रिश्तों की अहमियत इतनी कमजोर कैसे हो गई कि एक मां अपने बच्चों को यूं बेसहारा छोड़कर चली गई। मासूम बच्चों की आंखों में अपने परिवार के लिए इंतजार और दर्द साफ दिखाई दे रहा है। फिलहाल प्रशासन बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर हर संभव कदम उठाने की बात कह रहा है।

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