
देहरादून-मसूरी मार्ग पर लंबे समय से लोगों को परेशान कर रही ट्रैफिक जाम की समस्या अब काफी हद तक खत्म होती दिखाई दे रही है। शिव मंदिर के पास बनाए गए दूसरे बेली ब्रिज के शुरू होने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पहले के मुकाबले काफी सुचारु हो गई है। पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह व्यवस्था स्थानीय लोगों, पर्यटकों और प्रशासन सभी के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
पहाड़ों की रानी मसूरी जाने वाला यह मार्ग उत्तराखंड के सबसे व्यस्त रास्तों में गिना जाता है। खासतौर पर वीकेंड, छुट्टियों और पर्यटन सीजन में हजारों वाहन इस सड़क से गुजरते हैं। इसके अलावा चारधाम यात्रा के दौरान भी इस मार्ग पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में शिव मंदिर के पास लंबे समय से बना ट्रैफिक जाम यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया था।
दरअसल, सितंबर 2025 में देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई थी। 15 और 16 सितंबर को हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसी दौरान शिव मंदिर के पास स्थित पुराना पुल भी क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था। पुल टूटने के बाद देहरादून और मसूरी के बीच यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। स्थिति को संभालने के लिए लोक निर्माण विभाग ने वहां अस्थायी तौर पर एक बेली ब्रिज तैयार किया था।
हालांकि उस समय केवल एक ही बेली ब्रिज होने के कारण दोनों तरफ से आने-जाने वाले वाहनों को बारी-बारी से निकाला जाता था। इससे अक्सर लंबा जाम लग जाता था। कई बार लोगों को घंटों तक सड़क पर फंसे रहना पड़ता था। स्थानीय लोगों का कहना था कि छुट्टियों और वीकेंड पर हालात बेहद खराब हो जाते थे। मसूरी घूमने जाने वाले पर्यटक और देहरादून लौटने वाले वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
अब उसी स्थान पर दूसरा बेली ब्रिज तैयार कर दिया गया है। इसके शुरू होते ही ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिला है। अब वाहनों की आवाजाही दोनों दिशाओं में अधिक सुगमता से हो पा रही है। मौके पर पहुंची मीडिया टीमों ने भी पाया कि पहले जहां लंबा जाम लगा रहता था, वहां अब वाहन बिना किसी रुकावट के आसानी से गुजर रहे हैं।
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने भी दूसरे बेली ब्रिज के निर्माण का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि पर्यटन कारोबार को भी फायदा होगा। मसूरी आने वाले पर्यटकों को अब घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा, जिससे यात्रा का अनुभव बेहतर होगा।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में लगाए गए दोनों बेली ब्रिज अस्थायी व्यवस्था हैं। विभाग का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए यहां एक आधुनिक RCC पुल का निर्माण किया जा रहा है। देहरादून के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर ओम पाल सिंह ने बताया कि मौजूदा बेली ब्रिज के डाउनवर्ड में करीब 60 मीटर स्पान का RCC पुल बनाया जा रहा है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 12 करोड़ रुपये है।
उन्होंने बताया कि RCC पुल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नया पुल बनने के बाद वर्तमान में लगाए गए दोनों बेली ब्रिज को हटा लिया जाएगा। विभाग के मुताबिक इन बेली ब्रिजों का इस्तेमाल भविष्य में राज्य के अन्य जरूरतमंद क्षेत्रों में किया जा सकता है।
प्रशासन को उम्मीद है कि स्थायी RCC पुल बनने के बाद देहरादून-मसूरी मार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह सुचारु हो जाएगी। इससे न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटन और चारधाम यात्रा से जुड़े यातायात संचालन में भी बड़ा सुधार आएगा। फिलहाल दूसरे बेली ब्रिज के शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है और लंबे समय बाद इस मार्ग पर जाम से छुटकारा मिलता दिखाई दे रहा है।



