
उत्तराखंड में आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने अब संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है. इसी कड़ी में कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी Kumari Selja पांच दिवसीय गढ़वाल दौरे पर पहुंची हैं. उनके इस दौरे को पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए कांग्रेस गढ़वाल मंडल में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कोशिश कर रही है.
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कुमारी शैलजा 6 मई की शाम देहरादून पहुंचीं, जहां जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Ganesh Godiyal, नेता प्रतिपक्ष Yashpal Arya, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. एयरपोर्ट से वह सीधे ऋषिकेश रवाना हुईं, जहां स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की स्थिति और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई.
गुरुवार को कांग्रेस प्रभारी श्रीनगर पहुंचीं, जहां जिला कांग्रेस कमेटी पौड़ी की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्य शामिल हुए. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुमारी शैलजा का जोरदार स्वागत किया और पूरे शहर में कांग्रेस के समर्थन में नारेबाजी भी की गई. बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री Harak Singh Rawat, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. कार्यक्रम में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई.
बैठक के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर शहर में एक बड़ा रोड शो निकाला. रोड शो में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए और कांग्रेस के समर्थन में जमकर नारे लगाए गए. सड़क किनारे मौजूद लोगों ने भी नेताओं का स्वागत किया. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस दौरे का उद्देश्य केवल बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के बीच जाकर पार्टी की मौजूदगी को मजबूत करना भी है.
श्रीनगर कार्यक्रम के बाद कुमारी शैलजा सोनप्रयाग के लिए रवाना हो गईं, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगी. तय कार्यक्रम के अनुसार, वह 8 मई को बाबा केदारनाथ धाम में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी. इसके बाद अगस्त्यमुनि में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी और फिर रुद्रप्रयाग में जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगी.
इसके अलावा 9 मई को वह बिरही में जिला कांग्रेस कमेटी चमोली के कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगी. वहीं 10 मई को बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद जोशीमठ में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी. पांच दिवसीय इस दौरे का समापन 11 मई को टिहरी गढ़वाल के चंबा में आयोजित बैठक के साथ होगा, जिसके बाद वह दिल्ली लौट जाएंगी.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस प्रभारी का यह दौरा संगठनात्मक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है. पिछले कुछ चुनावों में भाजपा के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अब बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है. इसी रणनीति के तहत वरिष्ठ नेताओं को लगातार जिलों में भेजा जा रहा है ताकि कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित किया जा सके.
बताया जा रहा है कि बैठकों में संगठन की मजबूती, जनसंपर्क अभियान, भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता के बीच मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की जा रही है. कांग्रेस नेतृत्व कार्यकर्ताओं में यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है.
कुमारी शैलजा का यह दौरा धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में दर्शन के जरिए कांग्रेस जहां धार्मिक आस्था से जुड़ाव का संदेश देना चाहती है, वहीं लगातार बैठकों और रोड शो के माध्यम से संगठनात्मक ताकत दिखाने की भी कोशिश कर रही है.
गढ़वाल क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति मजबूत करने के लिए यह दौरा कितना प्रभावी साबित होगा, इसका असर आने वाले समय में पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों में साफ दिखाई दे सकता है.



