
नई दिल्ली: उत्तर और मध्य भारत समेत देश के बड़े हिस्से में समय से पहले ही ‘अग्निपरीक्षा’ शुरू हो गई है। सूरज के तीखे तेवर और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त करना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले 5 दिनों के लिए एक डराने वाली चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी हिस्सों में ‘हीटवेव’ (Loo) का प्रचंड रूप देखने को मिलेगा, जहां पारा 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है।
अगले 96 घंटे भारी: इन राज्यों में ‘हीटवेव’ का तांडव
मौसम विभाग की ताजा बुलेटिन के अनुसार, 20 से 25 अप्रैल के बीच भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में दोपहर के समय लू चलने की प्रबल संभावना है।
इसके अलावा, राजस्थान (पूर्वी और पश्चिमी), उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के इलाकों में सूरज के तेवर और तल्ख होंगे। पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में भी छिटपुट स्थानों पर भीषण लू का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस दौरान चलने वाली पछुआ हवाएं शरीर को झुलसाने वाली होंगी।
तटीय इलाकों में ‘उमस’ करेगी बेहाल
मैदानी इलाकों में जहां शुष्क गर्मी का प्रकोप है, वहीं भारत के तटीय राज्यों में ‘ह्यूमिडिटी’ यानी उमस भरी गर्मी लोगों का पसीना छुड़ाएगी। आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक:
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पश्चिम बंगाल: 20 से 26 अप्रैल के दौरान गंगा के मैदानी इलाकों में गर्मी चरम पर रहेगी।
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दक्षिण भारत: तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और तटीय आंध्र प्रदेश में 20 से 24 अप्रैल के बीच गर्म और आर्द्र (Humid) मौसम रहने की संभावना है।
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गुजरात: 24 और 25 अप्रैल को गुजरात के तटीय क्षेत्रों में डिस्कम्फर्ट (बेचैनी) बढ़ने की आशंका है।
उमस भरी गर्मी का सबसे बुरा असर रात के समय देखने को मिलेगा, क्योंकि हवा में नमी होने के कारण तापमान गिरने की रफ्तार बेहद धीमी रहेगी।
दिन ही नहीं, अब रातें भी होंगी गर्म
मौसम विभाग ने एक और चिंताजनक ट्रेंड की ओर इशारा किया है—रात के तापमान में वृद्धि। 20 से 22 अप्रैल के बीच हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। जब रात का तापमान बढ़ता है, तो मानव शरीर को गर्मी से उबरने का समय नहीं मिल पाता, जिससे ‘हीट स्ट्रेस’ और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने का खतरा रहता है।
राजस्थान के कोटा में पारा 42 के पार, जयपुर भी तपा
मरुधरा यानी राजस्थान में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को कोटा राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाड़मेर (41.8°C), जैसलमेर (41.1°C) और बीकानेर (40.6°C) में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राजधानी जयपुर में भी पारा 40 डिग्री के स्तर पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ सकता है।
राहत की उम्मीद: कहीं लू, तो कहीं ओलावृष्टि का पूर्वानुमान
एक तरफ जहां आधा देश भीषण गर्मी से जूझ रहा है, वहीं कुछ राज्यों में मौसम की लुका-छिपी भी देखने को मिलेगी। आईएमडी ने पूर्वानुमान जताया है कि दक्षिण, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में मध्यम से तीव्र गरज के साथ बारिश हो सकती है। विशेष रूप से मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की संभावना है। हालांकि, यह राहत क्षणिक हो सकती है और इससे उमस बढ़ने का भी खतरा है।
हीटवेव से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
भीषण गर्मी और लू के इस मौसम में डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:
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हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। ओआरएस (ORS), लस्सी, छाछ और नींबू पानी का सेवन करें।
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समय का चयन: दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
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पहनावा: हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें।
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बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान: घर के बुजुर्गों और बच्चों में डिहाइड्रेशन के लक्षणों पर नजर रखें।



