By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: असम चुनाव 2026: वोटिंग से पहले BJP को तगड़ा झटका, कैबिनेट मंत्री नंदिता गरलोसा कांग्रेस में शामिल; हाफलोंग से ठोकेंगी ताल
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > असम चुनाव 2026: वोटिंग से पहले BJP को तगड़ा झटका, कैबिनेट मंत्री नंदिता गरलोसा कांग्रेस में शामिल; हाफलोंग से ठोकेंगी ताल
देशफीचर्ड

असम चुनाव 2026: वोटिंग से पहले BJP को तगड़ा झटका, कैबिनेट मंत्री नंदिता गरलोसा कांग्रेस में शामिल; हाफलोंग से ठोकेंगी ताल

The Hill India News
Last updated: March 23, 2026 2:28 am
The Hill India News
Published: March 23, 2026
Share
SHARE

गुवाहाटी/हाफलोंग: असम विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के बीच राज्य की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में खेल और युवा कल्याण मंत्री रहीं नंदिता गरलोसा ने भगवा दल को अलविदा कहकर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। गरलोसा का यह कदम भाजपा के लिए दीमा हसाओ क्षेत्र में एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस ने तत्काल प्रभाव से उन्हें हाफलोंग विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

Contents
टिकट कटने से नाराज थीं मंत्री गरलोसासीएम सरमा की ‘डैमेज कंट्रोल’ कोशिशें रही नाकामकांग्रेस का बड़ा दांव: निर्मल लंगथासा ने छोड़ी अपनी सीटकांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमलाहाफलोंग का समीकरण और चुनावी कार्यक्रमक्या होगा भाजपा पर असर?

टिकट कटने से नाराज थीं मंत्री गरलोसा

असम की राजनीति में इस दलबदल की मुख्य वजह टिकट वितरण को माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बार हाफलोंग विधानसभा सीट से नंदिता गरलोसा का पत्ता काटकर रुपाली लांगथासा को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है। सीटिंग विधायक और कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद टिकट न मिलने से गरलोसा के समर्थकों में भारी असंतोष था।

बताया जा रहा है कि पार्टी के इस फैसले के बाद गरलोसा ने कांग्रेस आलाकमान से संपर्क साधा। कांग्रेस ने भी बिना देरी किए उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई और दीमा हसाओ की ‘मजबूत आवाज’ करार देते हुए चुनावी मैदान में उतार दिया।

सीएम सरमा की ‘डैमेज कंट्रोल’ कोशिशें रही नाकाम

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को इस बगावत का आभास पहले ही हो गया था। रविवार को सीएम सरमा खुद हाफलोंग स्थित गरलोसा के आवास पर पहुंचे थे। बंद कमरे में हुई इस लंबी बैठक का उद्देश्य गरलोसा को पार्टी में बनाए रखना और डैमेज कंट्रोल करना था। हालांकि, बैठक के बाद दोनों ही नेताओं ने मीडिया से दूरी बनाए रखी, जिससे साफ संकेत मिल रहे थे कि बात नहीं बन पाई है। अंततः, गरलोसा ने कांग्रेस की विचारधारा पर भरोसा जताया और भाजपा से अपना नाता तोड़ लिया।

कांग्रेस का बड़ा दांव: निर्मल लंगथासा ने छोड़ी अपनी सीट

असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए कांग्रेस ने इस बार गजब की रणनीतिक परिपक्वता दिखाई है। हाफलोंग सीट से पहले पार्टी ने प्रदेश महासचिव निर्मल लंगथासा को मैदान में उतारने का मन बनाया था। लेकिन नंदिता गरलोसा के आने के बाद, निर्मल लंगथासा ने बड़े राजनीतिक हित को देखते हुए अपनी दावेदारी स्वेच्छा से वापस ले ली और गरलोसा के नाम पर अपनी सहमति दे दी।

कांग्रेस ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा:

“हमें यह ऐलान करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि नंदिता गरलोसा अब कांग्रेस परिवार का हिस्सा हैं। पिछले 5 वर्षों से उन्होंने दीमा हसाओ की जनता के लिए संघर्ष किया है। वह अपने सिद्धांतों के लिए हमेशा अडिग रही हैं और भाजपा में उन्हें सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी।”

कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला

नंदिता गरलोसा के शामिल होने के साथ ही कांग्रेस ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री सरमा पर तीखे आरोप जड़े हैं। कांग्रेस की मीडिया टीम ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार आदिवासियों के हितों की अनदेखी कर रही है। कांग्रेस का दावा है कि मुख्यमंत्री केवल बड़े कॉर्पोरेट घरानों को आदिवासियों की जमीनें बेचने में रुचि रखते हैं, और जो मंत्री या नेता इसका विरोध करता है, उसे दरकिनार कर दिया जाता है।

हाफलोंग का समीकरण और चुनावी कार्यक्रम

हाफलोंग सीट असम के दीमा हसाओ जिले की एकमात्र विधानसभा सीट है, जो जनजातीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। अब इस सीट पर मुकाबला रोचक हो गया है:

  • कांग्रेस: नंदिता गरलोसा (सीटिंग विधायक और पूर्व मंत्री)

  • भाजपा: रुपाली लांगथासा

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव आयोग ने पहले ही तारीखों का ऐलान कर दिया है। राज्य में 9 अप्रैल, 2026 को मतदान होगा, जबकि चुनावी नतीजों की घोषणा 4 मई, 2026 को की जाएगी।

क्या होगा भाजपा पर असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि नंदिता गरलोसा का जाना केवल एक सीट का मामला नहीं है, बल्कि यह पहाड़ी जिलों में भाजपा के जनजातीय आधार को प्रभावित कर सकता है। खेल और युवा कल्याण मंत्री के रूप में उनकी सक्रियता ने उन्हें युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाया था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा की नई प्रत्याशी रुपाली लांगथासा इस ‘बगावत’ के शोर के बीच अपनी जमीन कितनी मजबूत रख पाती हैं।

You Might Also Like

चुनाव आयोग ने लिया बड़ा फैसला, मणिपुर के बाद अब अरुणाचल प्रदेश की आठ सीटों पर होगा दोबारा मतदान
नेपाल के पूर्व PM ओली ने दिया, भारत के साथ खुली सीमा के ‘दुरुपयोग’ पर बड़ा बयान
ट्विशा शर्मा मौत मामला: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ड्रग्स का जिक्र नहीं, भोपाल पुलिस कमिश्नर ने ससुराल पक्ष के दावों पर उठाए सवाल
पहलगाम हमले का बदला: सेना को ‘फ्री हैंड’, पाकिस्तान को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब
नैनीताल जिला पंचायत चुनाव: भाजपा की दीपा दरम्वाल बनीं अध्यक्ष
TAGGED:Assam Assembly Elections 2026Assam politicsCongressHaflong seatHimanta Biswa SarmaNandita Garlosa
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

UKSSSC वाहन चालक भर्ती विवाद: मेरिट लिस्ट में ‘अजीबो-गरीब’ नामों और जेंडर पर घमासान, आयोग ने कहा- ‘अभिलेख सत्यापन में सीधे होंगे बाहर’

The Hill India News
The Hill India News
June 21, 2026
12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड से पीएम मोदी ने किया वैश्विक आंदोलन का नेतृत्व, दिया ‘हेल्दी एजिंग’ का मंत्र
कर्णप्रयाग में निहंग-व्यापारी टकराव के बाद चमोली में धारा 163 लागू, अफवाह फैलाने वालों को सरकार की सख्त चेतावनी
सीजफायर पर संकट: लेबनान में इजरायल के नए हमले, 7 की मौत, मध्य पूर्व में शांति प्रयासों पर मंडराया खतरा
देहरादून के नशा मुक्ति केंद्रों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, गंभीर खामियां मिलने पर केंद्र सील
20 साल बाद आया फैसला: पूर्व गृह मंत्री पर हत्या की साजिश का आरोप, 128 गवाहों की गवाही के बावजूद सभी आरोपी बरी
नाबालिग से दुष्कर्म कर बनाया अश्लील वीडियो, वर्षों तक ब्लैकमेल कर करता रहा शोषण, हरिद्वार से गिरफ्तार हुआ आरोपी
ऋषिकेश में बड़ा हादसा: पशुलोक बैराज से मिले तीन लापता लोगों के शव, SDRF के रेस्क्यू अभियान से खत्म हुई परिजनों की तलाश
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT की जांच तेज, चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव पर गिरफ्तारी की तलवार
अब सिर्फ एक ही शिवसेना है : अमित शाह के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल, उद्धव गुट पर साधा निशाना
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?