हरिद्वार। उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में चल रहे विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेले के दौरान मंगलवार को आस्था, सेवा और सम्मान का अनूठा दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार पहुंचकर शिवभक्त कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया। उन्होंने हेलीकॉप्टर से कांवड़ यात्रा मार्ग पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया और बाद में स्वयं कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनके चरण धोए तथा उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री के इस भावपूर्ण स्वागत से कांवड़ियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला और पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा।
कांवड़ यात्रा को उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। इस वर्ष भी हरिद्वार में लाखों शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है, जिसके मद्देनज़र राज्य सरकार ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं।
हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, श्रद्धालुओं का किया अभिनंदन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सबसे पहले हेलीकॉप्टर के माध्यम से कांवड़ यात्रा मार्ग पर पुष्पवर्षा कर शिवभक्तों का स्वागत किया। आसमान से बरसते फूलों ने श्रद्धालुओं का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया। यात्रा मार्ग पर मौजूद हजारों कांवड़ियों ने हाथ उठाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया और पूरे वातावरण में धार्मिक उल्लास का अद्भुत दृश्य दिखाई दिया।
पुष्पवर्षा के बाद मुख्यमंत्री स्वयं कांवड़ियों के बीच पहुंचे और उनसे संवाद किया। उन्होंने शिवभक्तों का कुशलक्षेम पूछा तथा यात्रा के सफल और सुरक्षित संपन्न होने की कामना की।
कांवड़ियों के चरण धोकर दिया सेवा का संदेश
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री धामी ने शिवभक्त कांवड़ियों के चरण धोकर उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि कांवड़िए भगवान शिव के स्वरूप हैं और उनकी सेवा करना स्वयं भगवान भोलेनाथ की सेवा करने के समान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें लगातार पिछले पांच वर्षों से कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा करने का सौभाग्य मिल रहा है। उनके अनुसार कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन, समर्पण और सामाजिक सद्भाव का भी महापर्व है।
भंडारे का शुभारंभ और पुलिसकर्मियों का सम्मान
पुष्पवर्षा और चरण पूजन के बाद मुख्यमंत्री होटल अलकनंदा में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने शिवभक्तों के लिए लगाए गए विशाल भंडारे का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम में हरिद्वार की महापौर किरण जैसल, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान सहित भाजपा के कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
48 हजार से अधिक कांवड़ियों को मिला स्वास्थ्य लाभ
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक लगाए गए चिकित्सा शिविरों में 48 हजार से अधिक कांवड़ियों का उपचार किया जा चुका है।
इसके अलावा यात्रा मार्ग पर एंबुलेंस, वाटर एंबुलेंस, चिकित्सा शिविर, पेयजल, विश्राम स्थल, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
एक करोड़ से अधिक शिवभक्त लौट चुके हैं अपने गंतव्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनुशासन बनाए रखें ताकि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सफल बना रहे।
धार्मिक धरोहरों के विकास का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण को नई गति मिली है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, अयोध्या में श्रीराम मंदिर, केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण और बदरीनाथ मास्टर प्लान जैसे कार्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का अभूतपूर्व पुनर्विकास किया गया है। वहां आस्था पथ, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा और आधुनिक सुविधाओं का विकास श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना है। इसी प्रकार बदरीनाथ धाम, हरिद्वार गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
पप्पू यादव पर साधा राजनीतिक निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने सांसद पप्पू यादव और उनके सहयोगियों पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में संत समाज और सनातन परंपरा को बदनाम करने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग सनातन संस्कृति और आस्था के मार्ग में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं, लेकिन भारत की सांस्कृतिक परंपरा इतनी मजबूत है कि ऐसे प्रयास कभी सफल नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि वह मां गंगा और भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हैं कि सभी लोगों को सद्बुद्धि प्रदान करें ताकि समाज में सौहार्द और सम्मान की भावना बनी रहे।
मिलावटी भोजन पर सख्ती, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
मुख्यमंत्री ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग होटल, ढाबों और भोजनालयों की लगातार जांच कर रहा है ताकि श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध हो सके। मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, परिवहन विभाग और अन्य एजेंसियां मिलकर यात्रा को सुचारु बनाने में जुटी हुई हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और आधुनिक निगरानी व्यवस्था भी लागू की गई है।
छोटी कमियों के लिए मांगी क्षमा
मुख्यमंत्री धामी ने स्वीकार किया कि इतने बड़े आयोजन में कभी-कभी छोटी-मोटी व्यवस्थागत कमियां सामने आ सकती हैं। उन्होंने शिवभक्तों से विनम्रता के साथ कहा कि यदि किसी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा हुई हो तो वे उसे क्षमा करें।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार और प्रशासन हर श्रद्धालु की सेवा के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं तथा भविष्य में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।
आस्था, सेवा और सम्मान का संदेश
हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, कांवड़ियों के चरण धोकर सम्मान देना और उनकी सुविधाओं की समीक्षा करना केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह आस्था, सेवा और श्रद्धा के प्रति सम्मान का प्रतीक भी बना। कांवड़ यात्रा उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य सरकार का दावा है कि सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और यातायात की बेहतर व्यवस्थाओं के साथ इस बार यात्रा को पहले से अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि देशभर से आने वाले करोड़ों शिवभक्त सुरक्षित और सुखद अनुभव के साथ अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।
