देशफीचर्ड

पटना में नितिन नवीन से मिले भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव; BJP में शामिल होने की अटकलों पर दिया बड़ा बयान

पटना: बिहार की सियासत में शनिवार को उस समय अचानक हलचल तेज हो गई, जब भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और सिंगर खेसारी लाल यादव पटना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के आवास पर पहुंचे। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर यह अटकलें बेहद तेज हो गईं कि क्या भोजपुरी का यह बड़ा चेहरा अब पाला बदलकर बीजेपी का दामन थामने जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी वहां मौजूद थे, जो उसी समय नितिन नवीन से मिलने पहुंचे थे। तीन बड़े चेहरों की एक साथ मौजूदगी ने कयासों के बाजार को और गर्म कर दिया। हालांकि, इन तमाम राजनीतिक चर्चाओं और अफवाहों पर खुद खेसारी लाल यादव ने सामने आकर पूरी तरह से विराम लगा दिया है और अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट कर दी है।

क्या महज शिष्टाचार मुलाकात थी या सियासी जमीन की तलाश?

शनिवार को जैसे ही यह खबर आम हुई कि खेसारी लाल यादव ने नितिन नवीन से मुलाकात की है, पटना से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक विश्लेषक इसके मायने निकालने में जुट गए। लेकिन मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए खेसारी लाल यादव ने साफ किया कि इस बैठक के पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं थी।

खेसारी लाल यादव ने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा, “मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि बिहार का एक बेटा आज बड़े स्तर पर पूरे देश का नेतृत्व कर रहा है। नितिन नवीन जी हिन्दुस्तान के गौरव हैं और उनके साथ मेरा एक व्यक्तिगत संबंध शुरू से रहा है। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन यदि बिहार का कोई व्यक्ति राष्ट्रीय पटल पर आगे बढ़ता है और राज्य की तरक्की व इसे बेहतर बनाने की बात करता है, तो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हम सभी को उसके साथ खड़ा होना चाहिए।”

जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे थे भोजपुरी स्टार

अपनी पटना यात्रा और इस मुलाकात के मुख्य कारण का खुलासा करते हुए अभिनेता ने बताया कि वे केवल जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए वहां गए थे। उन्होंने कहा, “आज भैया (नितिन नवीन) का जन्मदिन था और संयोगवश मैं भी किसी काम से पटना में ही मौजूद था। मुझे लगा कि वे आज देश का नेतृत्व कर रहे हैं और वे मेरे बड़े भाई जैसे हैं, इसलिए एक छोटे भाई के नाते मेरा यह फर्ज था कि मैं उन्हें जाकर बधाई दूं। इसे किसी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।”

बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर लगाया पूर्णविराम: “मैं कलाकार हूँ और कलाकार ही रहने दीजिए”

मुलाकात के बाद जब पत्रकारों ने उनसे सीधे तौर पर बीजेपी में शामिल होने और भविष्य की चुनावी रणनीतियों को लेकर सवाल किया, तो खेसारी लाल यादव ने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका फिलहाल किसी नई राजनीतिक पार्टी में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।

अपनी विचारधारा और पुरानी पार्टी के प्रति वफादारी को दोहराते हुए खेसारी लाल यादव ने कहा:

“मैं किसी भी अन्य पार्टी में नहीं जाने वाला हूँ। मैं मूल रूप से एक कलाकार हूँ और मुझे जनता के बीच एक कलाकार के रूप में ही रहने दीजिए। जहां तक मेरी राजनीतिक निष्ठा का सवाल है, मैं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ था, आज भी हूँ और आगे भी रहूंगा।”

अभिनेता ने आगे जोड़ते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत तौर पर किसी संकीर्ण जातिगत राजनीति या रूढ़िवादी राजनीतिक पहचान में विश्वास नहीं रखते हैं। उनका मानना है कि समाज को जातियों या दलों में बंटने के बजाय एक इंसान के रूप में एकजुट रहना चाहिए और राज्य के विकास में अपना योगदान देना चाहिए।

पिछले विधानसभा चुनाव में आरजेडी के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव, बेहद करीबी मुकाबले में मिली थी शिकस्त

भले ही आज खेसारी लाल यादव खुद को मुख्यधारा की सक्रिय राजनीति से दूर रखने की बात कर रहे हों, लेकिन बिहार की चुनावी राजनीति से उनका गहरा नाता रहा है। गौरतलब है कि पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में वे महागठबंधन (आरजेडी) के एक प्रमुख चेहरे के रूप में चुनावी समर में उतरे थे। आरजेडी ने उन्हें सारण जिले की बेहद हॉट सीट मानी जाने वाली छपरा विधानसभा सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था।

खेसारी लाल यादव के चुनावी मैदान में उतरने से पूरी छपरा सीट पर देश भर की मीडिया की नजरें टिक गई थीं। उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान अभूतपूर्व और ऐतिहासिक भीड़ जुटाई थी, जिसे देखकर माना जा रहा था कि उनकी जीत तय है। हालांकि, जब चुनावी नतीजे सामने आए, तो मुकाबला बेहद त्रिकोणीय और करीबी निकला, जिसमें उन्हें मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा।

छपरा सीट के चुनावी आंकड़े:

  • विजेता उम्मीदवार: छोटी कुमारी (बीजेपी) — 86,845 वोट

  • निकटतम प्रतिद्वंदी: खेसारी लाल यादव (आरजेडी) — 79,245 वोट

  • जीत का अंतर: मात्र 7,600 वोट

इस बेहद करीबी और कांटे की टक्कर में मिली हार के बाद खेसारी लाल यादव काफी भावुक हो गए थे। उन्होंने चुनाव परिणाम आने के बाद मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया था कि राजनीति में आने का उनका कोई प्रारंभिक या मूल इरादा नहीं था, बल्कि वे परिस्थितियों और जनता की सेवा की भावना के कारण इस क्षेत्र में आए थे। उस दौरान उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति से थोड़ी दूरी बनाने और अपने फिल्मी करियर पर दोबारा ध्यान केंद्रित करने के साफ संकेत भी दिए थे।

बिहार की राजनीति में क्यों अहम है भोजपुरी सितारों का दखल?

बिहार और पूर्वांचल की राजनीति में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेताओं का प्रभाव कोई नई बात नहीं है। मनोज तिवारी, रवि किशन, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ और पवन सिंह जैसे बड़े सितारे पहले से ही राजनीति के शीर्ष सदनों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। ऐसे में जब भी खेसारी लाल यादव जैसे किसी बड़े और जमीन से जुड़े कलाकार की मुलाकात विपक्षी दल के नेताओं से होती है, तो कयासों का दौर शुरू होना स्वाभाविक है।

फिलहाल, ‘Khesari Lal Yadav BJP Meeting’ के इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ हो गया है कि खेसारी लाल यादव भले ही व्यक्तिगत संबंधों के नाते सभी दलों के नेताओं से मिल रहे हों, लेकिन उनका राजनीतिक झुकाव अभी भी लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की पार्टी ‘राजद’ के प्रति ही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में वे आगामी चुनावों में आरजेडी के लिए केवल स्टार प्रचारक की भूमिका में नजर आते हैं या एक बार फिर चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button