फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाले सड़क हादसे की खबर सामने आई है। जिला मुख्यालय के मटसेना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर देर रात एक अनियंत्रित प्राइवेट स्लीपर बस आगे चल रहे टैंकर से बेहद हिंसक तरीके से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार और भीषण थी कि दुर्घटना के चंद सेकेंडों के भीतर ही पूरी बस आग के कांपते हुए शोलों में तब्दील हो गई। इस भयावह आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे सड़क हादसा के कारण बस के भीतर सो रहे यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
शुरुआती आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस भीषण अग्निकांड की चपेट में आने से बस के चालक (ड्राइवर) और परिचालक (कंडक्टर) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। वहीं, बस में सवार करीब दो दर्जन (24 से अधिक) यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं और चोटिल हुए हैं। हादसे के बाद पूरे एक्सप्रेसवे मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और इलाके में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और दमकल विभाग की कई गाड़ियां राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर दौड़ पड़ीं।
कानपुर से गुरुग्राम का सफर बना आखिरी, खंभा नंबर 46 के पास मटकी मौत
यह पूरी घटना फिरोजाबाद के थाना मटसेना क्षेत्र के अंतर्गत एक्सप्रेसवे के खंभा नंबर 46 किलोमीटर के पास घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एक निजी ट्रैवल्स की डबल डेकर स्लीपर बस यात्रियों को लेकर कानपुर से दिल्ली से सटे गुरुग्राम (गुड़गांव) के लिए रवाना हुई थी। बस में क्षमता के अनुसार यात्री सवार थे, जिनमें से अधिकांश लोग रात के सफर में अपनी सीटों पर सो रहे थे।
जैसे ही बस मटसेना इलाके से गुजरी, अचानक वह आगे चल रहे एक भारी-भरकम टैंकर में पीछे से बेहद तेज रफ्तार में जा घुसी। टक्कर का प्रभाव इतना खतरनाक था कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से टैंकर के भीतर समा गया और इंजन में हुए घर्षण व डीजल टैंक फटने के कारण तत्काल भयंकर आग लग गई। जब तक सो रहे यात्रियों को कुछ समझ आता, तब तक आग की लपटों ने पूरी डबल डेकर बस को चारों तरफ से घेर लिया। खिड़कियों और शीशों को तोड़कर यात्रियों ने जैसे-तैसे कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन अगले हिस्से में मौजूद चालक और परिचालक को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका और वे आग की लपटों में जिंदा समा गए।
राहत एवं बचाव कार्य: फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस ने संभाला मोर्चा
भयावह एक्सीडेंट और आगजनी की सूचना मिलते ही मटसेना थाना पुलिस, एक्सप्रेसवे की पेट्रोलिंग टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बिना वक्त गंवाए घटनास्थल पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों ने कड़े मशक्कत के बाद धू-धू कर जल रही बस की आग पर काबू पाया। इसके साथ ही बस के मलबे और अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
“हादसे की भयावहता को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किया। मौके पर दर्जन भर एम्बुलेंस बुलाई गईं और झुलसे हुए व घायल यात्रियों को बिना समय गंवाए तत्काल नजदीकी चिकित्सालयों के लिए रवाना किया गया। गंभीर रूप से घायल मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें फिरोजाबाद के सरकारी मेडिकल कॉलेज और इटावा के सैफई मेडिकल कॉलेज में उच्च स्तरीय इलाज के लिए रेफर किया गया है।”
प्रशासनिक अधिकारियों का बयान: नगर मजिस्ट्रेट ने दी विस्तृत जानकारी
इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप देखा गया। घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा करने के बाद फिरोजाबाद के नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय ने मीडिया को इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन और हताहतों की संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।
नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय ने बताया:
“यह बहुत ही दुखद और हृदयविदारक घटना हुई है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक डबल डेकर प्राइवेट बस की टैंकर से जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद बस में आग लग गई। इस हादसे में कुल 15 से 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में से 5 लोगों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा 15 अन्य लोगों को शिकोहाबाद के संयुक्त चिकित्सालय और सैफई मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। फिलहाल जो प्राथमिक और पुख्ता सूचना प्रशासन को मिली है, उसके अनुसार बस के ड्राइवर और कंडक्टर की इस दुर्घटना में मौत हो गई है। उनके शवों को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।”
शिकोहाबाद अस्पताल की स्थिति: डॉक्टरों की टीम अलर्ट पर
इस आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे सड़क हादसा के बाद शिकोहाबाद के सरकारी अस्पताल को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए लाया गया। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पीयूष गंगवार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद आपातकालीन वार्ड सक्रिय कर दिया गया था।
डॉ. पीयूष गंगवार ने कहा, “एक्सप्रेसवे पर बस दुर्घटना की सूचना के बाद हमारे पास कुल 15 मरीज इलाज के लिए लाए गए हैं। हमारी मेडिकल टीम सभी घायलों को त्वरित और बेहतर चिकित्सा सहायता प्रदान करने में जुटी हुई है। जहां तक हताहत होने वाले लोगों की बात है, तो हमारे अस्पताल में लाए गए मरीजों में से अभी तक किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। सभी घायल उपचाराधीन हैं और उनकी निगरानी की जा रही है।”
एक्सप्रेसवे पर बढ़ता जा रहा है रफ्तार का कहर: विशेषज्ञ चिंतित
इस ताजा हादसे ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त एक्सप्रेसवे में से एक, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अनियंत्रित गति और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि रात के समय अक्सर चालकों को झपकी आ जाने के कारण इस प्रकार के घातक पीछे से टकराने वाले (रियर-एंड कोलिजन) हादसे होते हैं।
पुलिस महानिरीक्षक और स्थानीय पुलिस अधीक्षकों के निर्देश पर अब क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त स्लीपर बस और टैंकर को सड़क के बीच से हटाकर किनारे किया गया है, ताकि यातायात को पूरी तरह से सुचारू बनाया जा सके। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया गया है और जिला प्रशासन को घायलों के मुफ्त और समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की तकनीकी जांच की जा रही है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या ड्राइवर की लापरवाही से।


