
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। कैंट थाना क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल के परिसर में कथित तौर पर लंबे समय से देह व्यापार का धंधा चल रहा था। बुधवार को पुलिस ने हिंदू संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से स्कूल परिसर में छापेमारी कर इस सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई के दौरान कई ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने पुलिस और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस की छापेमारी में मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कथित संचालक भी शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा तीन पीड़ित महिलाओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा सनसनी उस समय फैली, जब पुलिस को कमरे से एक रजिस्टर मिला, जिसमें लड़कियों के नाम, ग्राहकों की संख्या और उनसे वसूली गई रकम का पूरा हिसाब दर्ज था। इतना ही नहीं, छापेमारी के दौरान HIV और एड्स से जुड़ी दवाइयां भी बरामद हुई हैं, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया है।
जानकारी के अनुसार, बरामद रजिस्टर में 1 मई से 12 मई तक की एंट्रियां दर्ज हैं। इसमें यह लिखा गया है कि किस दिन कितने ग्राहक आए और किस लड़की के पास गए। रजिस्टर में अलग-अलग सेवाओं के रेट भी लिखे मिले हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक “फुल नाइट” के लिए 6500 रुपये तक की रकम दर्ज पाई गई है। शुरुआती जांच के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि प्रतिदिन 5 से 6 ग्राहक इस अवैध धंधे के लिए यहां पहुंचते थे।
स्थानीय पार्षद नंदिनी शर्मा ने दावा किया है कि इस सेक्स रैकेट का संचालन काफी संगठित तरीके से किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि कमरे से बरामद रजिस्टर में हर ग्राहक और भुगतान का विवरण मौजूद है। इससे यह साफ संकेत मिलते हैं कि यह धंधा लंबे समय से चल रहा था और इसमें कई लोगों की संलिप्तता हो सकती है। पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि रेस्क्यू की गई लड़कियों में से एक HIV पॉजिटिव हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
छापेमारी के दौरान बरामद HIV से जुड़ी दवाइयों को जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये दवाइयां किसके उपयोग में लाई जा रही थीं और क्या वास्तव में किसी महिला को गंभीर संक्रमण था। यदि ऐसा पाया जाता है, तो मामला सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा से भी जुड़ सकता है।
कैंट थाना प्रभारी Shankar Bisht ने बताया कि मौके से बरामद सभी सामान को जब्त कर लिया गया है और हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू कराई गई महिलाओं का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक स्कूल परिसर में इतने लंबे समय तक ऐसा अवैध धंधा कैसे चलता रहा और प्रशासन को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो यह नेटवर्क और बड़ा रूप ले सकता था।
सामाजिक संगठनों ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान का इस्तेमाल इस तरह के अपराध के लिए होना समाज के लिए चिंता का विषय है। वहीं पुलिस अब इस मामले में स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या स्कूल प्रशासन को इस गतिविधि की जानकारी थी या नहीं।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पूरे शहर में इस घटना को लेकर चर्चा तेज है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



