
श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के अंतर्गत आने वाले श्रीनगर से एक अत्यंत दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। श्रीनगर स्थित एनआईटी (NIT) घाट पर अलकनंदा नदी में बीते रविवार को डूबे इंजीनियरिंग के छात्र का शव पांच दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार बरामद कर लिया गया है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और 40 पीएसी (PAC) की संयुक्त टीमों ने सघन तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) के उपरांत छात्र के शव को नदी से बाहर निकाल लिया है।
शव बरामद होने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर ली गई है और शव को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। इस घटना के बाद से ही NIT श्रीनगर के छात्रों और मृतक के परिजनों के बीच शोक की लहर छाई हुई है।
घटनाक्रम: 26 अप्रैल को हुआ था हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा बीते रविवार, 26 अप्रैल 2026 की दोपहर को हुआ। समय लगभग 16:20 बजे कोतवाली श्रीनगर के माध्यम से SDRF को सूचना प्राप्त हुई थी कि श्रीनगर स्थित अलकनंदा नदी के एनआईटी घाट के समीप एक युवक नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में डूब गया है।
सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। निरीक्षक मंजरी नेगी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने तुरंत स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन नदी का तेज बहाव और अत्यधिक गहराई के कारण युवक का तत्काल पता नहीं चल सका था।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
नदी में डूबे छात्र की पहचान आनंद सोहम के रूप में की गई है। 21 वर्षीय आनंद सोहम मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे और उनके पिता का नाम सोभन सोहम है। आनंद सोहम नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) श्रीनगर में इंजीनियरिंग के छठे सेमेस्टर (6th Semester) के छात्र थे।
हादसे की सूचना मिलते ही एनआईटी प्रशासन ने तुरंत मृतक के परिजनों को घटनाक्रम की जानकारी दे दी थी। छात्र के शव के बरामद होने के बाद परिजनों को सूचित कर दिया गया है, और वे शोक संतप्त अवस्था में श्रीनगर के लिए रवाना हो गए हैं।
लगातार पांच दिनों तक चला सघन सर्च अभियान
NIT श्रीनगर छात्र आनंद सोहम की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमों ने दिन-रात एक कर दिया। इस अभियान में SDRF की दो टीमें और आपदा राहत दल (40 PAC) की टीम संयुक्त रूप से जुटी रही। बचाव दल के विशेषज्ञों ने अलकनंदा नदी की गहराई में डीप डाइविंग (Deep Diving) की और कई संभावित स्थानों पर सघन तलाशी ली।
निरीक्षक मंजरी नेगी, उप निरीक्षक ललित मोहन भट्ट और अपर उप निरीक्षक तेजपाल राणा के नेतृत्व में गठित टीमों ने नदी के प्रवाह क्षेत्र के चप्पे-चप्पे को खंगाला। पांचवें दिन, दिनांक 30 अप्रैल 2026 को सघन सर्चिंग के दौरान एनआईटी घाट के समीप नदी की गहराई से शव बरामद करने में सफलता मिली।
अलकनंदा नदी के बढ़ते खतरे और सुरक्षा पर सवाल
श्रीनगर में अलकनंदा नदी के किनारे अक्सर छात्रों और स्थानीय पर्यटकों का जमावड़ा रहता है, लेकिन गर्मियों के मौसम में नदी का बढ़ता जलस्तर और अप्रत्याशित बहाव इसे अत्यंत खतरनाक बना देते हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा समय-समय पर नदी के घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, बावजूद इसके इस प्रकार की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों की नदियों का तापमान काफी कम होता है और गहराई का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में घाटों के आसपास छात्रों और युवाओं को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
अग्रिम वैधानिक कार्रवाई और पुलिस जांच
SDRF द्वारा शव को अलकनंदा नदी से बाहर निकालने के बाद पंचनामा और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद शव को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा छात्र के परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।
एनआईटी श्रीनगर के निदेशक और संकाय सदस्यों ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और छात्र के परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।


