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पिथौरागढ़ में नातिन ने मामी के गहनों पर किया हाथ साफ, चोरी के पैसों से खरीदी कार; प्रेमी संग भागने की फिराक में धरी गई

सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने रिश्तों की मर्यादा और विश्वास को तार-तार कर दिया है। जिले के जाजरदेवल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बीसाबजेड़ गांव में एक 19 वर्षीय युवती ने अपने ही ननिहाल में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि युवती ने अपनी मामी के सोने के गहने केवल इसलिए चुराए ताकि वह अपने प्रेमी के साथ नई जिंदगी शुरू कर सके और ऐशो-आराम की चीजें खरीद सके। पिथौरागढ़ में चोरी की इस अनूठी घटना ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, बीसाबजेड़ निवासी एक महिला ने जाजरदेवल थाने में तहरीर दी थी कि उनके घर से बहू के सोने के कीमती आभूषण गायब हैं। चोरी हुए गहनों में मंगलसूत्र, झुमके, नथ और मांग टीका जैसे पारंपरिक और बहुमूल्य आभूषण शामिल थे। पीड़ित परिवार को किसी बाहरी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि घर में रह रही अपनी ही नातिन अंजलि (परिवर्तित नाम) पर शक था।

महिला की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की। थानाध्यक्ष मनोज पांडेय के नेतृत्व में गठित टीम ने जब युवती से कड़ाई से पूछताछ की, तो परत दर परत पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।

साजिश का सूत्रधार: खटीमा का प्रेमी अमित बोरा

जांच में सामने आया कि मूल रूप से झूलाघाट की रहने वाली यह युवती पिछले काफी समय से अपनी नानी के घर पर रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसका संपर्क उधम सिंह नगर जिले के खटीमा (श्रीपुर बिछुवा) निवासी अमित बोरा से हुआ। दोनों के बीच करीब एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था।

पुलिस के अनुसार, चोरी की पूरी रूपरेखा अमित और युवती ने मिलकर तैयार की थी। अमित कुछ दिन पहले ही खटीमा से पिथौरागढ़ पहुंचा था। युवती ने मौका पाकर अपनी मामी की अलमारी से गहने निकाले और अमित को सौंप दिए। इसके बाद दोनों ने मिलकर उन गहनों को ठिकाने लगा दिया।

चोरी के पैसों से खरीदी ‘अल्टो’ कार

पिथौरागढ़ में चोरी की इस वारदात का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह था कि आरोपियों ने गहने बेचकर मिली धनराशि का उपयोग निवेश या बचत के लिए नहीं, बल्कि विलासिता के लिए किया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि चोरी किए गए गहनों को बेचने के बाद जो मोटी रकम मिली, उससे उन्होंने एक सेकेंड हैंड ‘अल्टो’ कार खरीद ली।

दोनों की योजना इस कार से जिले से बाहर भागने की थी। वे एक नई शुरुआत करने का सपना देख रहे थे, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने सातशिलिंग क्षेत्र से घेराबंदी कर युवती और उसके प्रेमी अमित बोरा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से वह कार भी बरामद कर ली है, जो चोरी के पैसों से खरीदी गई थी।

पहले नानी के खाते में भी लगाई थी सेंध

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह युवती पहली बार इस तरह की घटना में शामिल नहीं थी। इससे पहले भी उसने अपनी नानी का भरोसा तोड़ा था। कुछ समय पूर्व उसने अपनी नानी के बैंक खाते से चुपके से अपने प्रेमी अमित को पैसे भेजे थे। घर वालों ने उस वक्त इसे पारिवारिक मामला समझकर नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन इसी संदिग्ध व्यवहार के कारण गहने गायब होने पर परिवार का शक सबसे पहले उसी पर गया।

कानूनी कार्रवाई और पुलिस का पक्ष

जाजरदेवल थानाध्यक्ष मनोज पांडेय ने बताया कि मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को संबंधित न्यायालय में पेश किया है, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बरामद कार को पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है।

समाज के लिए एक चेतावनी

इस घटना ने समाज में रिश्तों के बीच बढ़ती दूरियों और युवाओं के भटकाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस घर में युवती पली-बढ़ी, जिस नानी ने उसे शिक्षा दिलाई, उसी के विश्वास को उसने अपने स्वार्थ के लिए दांव पर लगा दिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मामला न केवल शर्मसार करने वाला है, बल्कि यह बताता है कि कैसे आज के दौर में भौतिक सुखों की चाहत युवाओं को अपराध की अंधी खाई में धकेल रही है।

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