By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: लेह में भूकंप: तड़के 3.54 बजे हिली लद्दाख की धरती, रिक्टर स्केल पर 4.1 की तीव्रता; दहशत में घरों से बाहर निकले लोग
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > लेह में भूकंप: तड़के 3.54 बजे हिली लद्दाख की धरती, रिक्टर स्केल पर 4.1 की तीव्रता; दहशत में घरों से बाहर निकले लोग
देशफीचर्ड

लेह में भूकंप: तड़के 3.54 बजे हिली लद्दाख की धरती, रिक्टर स्केल पर 4.1 की तीव्रता; दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

The Hill India News
Last updated: April 30, 2026 2:08 am
The Hill India News
Published: April 30, 2026
Share
Image Source: File
SHARE

नई दिल्ली/लेह: भारत के उत्तरी हिस्से में स्थित केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख एक बार फिर कुदरती हलचल का केंद्र बना है। गुरुवार तड़के जब दुनिया गहरी नींद में थी, तब लद्दाख के लेह क्षेत्र में भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मॉलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 दर्ज की गई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

Contents
तड़के 3:54 बजे महसूस हुए झटके, दहशत का माहौलगहराई ने कम किया तबाही का खतराउत्तर भारत में बढ़ती हलचल: कल राजस्थान भी हिला थाभूकंपीय जोन-5 में आता है लद्दाखप्रशासन की अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहेंभूकंप आने पर क्या करें? 

तड़के 3:54 बजे महसूस हुए झटके, दहशत का माहौल

जानकारी के अनुसार, लेह में भूकंप गुरुवार सुबह ठीक 3 बजकर 54 मिनट पर आया। जैसे ही धरती डोलने लगी, कई लोगों की नींद टूट गई। ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों ने बताया कि झटके इतने महसूस किए जा सकते थे कि घरों में रखे बर्तन और पंखे हिलने लगे। डर और अनहोनी की आशंका के चलते लेह के विभिन्न इलाकों में लोग कड़कड़ाती ठंड के बावजूद अपने घरों से बाहर निकल आए और खुले मैदानों की ओर भागे।

गहराई ने कम किया तबाही का खतरा

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो इस भूकंप का केंद्र काफी गहराई में था, जो बड़े नुकसान को टालने में सहायक रहा। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मॉलॉजी (NCS) ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 150 किलोमीटर नीचे था। आमतौर पर, जितनी अधिक गहराई पर भूकंप का केंद्र (Hypocenter) होता है, सतह पर उसका विनाशकारी प्रभाव उतना ही कम महसूस होता है। यही कारण है कि 4.1 की तीव्रता होने के बावजूद इमारतों के गिरने या गंभीर नुकसान की खबरें सामने नहीं आईं।

उत्तर भारत में बढ़ती हलचल: कल राजस्थान भी हिला था

पिछले कुछ दिनों से भारत के अलग-अलग राज्यों में टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता बढ़ी हुई देखी जा रही है। लेह की इस घटना से ठीक एक दिन पहले, यानी बुधवार को राजस्थान के खैरताल-तिजारा जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। हालांकि राजस्थान में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 मापी गई थी, लेकिन इसकी गहराई चिंता का विषय थी।

एनसीएस के अनुसार, राजस्थान में आए उस भूकंप का केंद्र जमीन से महज 3 किलोमीटर नीचे था। कम गहराई वाले भूकंप (Shallow Earthquakes) अक्सर अधिक तीव्रता महसूस कराते हैं, भले ही रिक्टर स्केल पर उनका अंक कम हो। लगातार दो दिनों में देश के दो अलग-अलग कोनों (लद्दाख और राजस्थान) में हुई इस हलचल ने भू-वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

भूकंपीय जोन-5 में आता है लद्दाख

भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, लद्दाख और हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से ‘जोन-5’ (Seismic Zone V) के अंतर्गत आते हैं। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे संवेदनशील सिस्मिक जोन में गिना जाता है। भारतीय प्लेट का यूरेशियन प्लेट की ओर लगातार खिसकना इस क्षेत्र में ऊर्जा का संचय करता है, जो समय-समय पर भूकंप के रूप में बाहर आती है। लेह में भूकंप आना इस बेल्ट की निरंतर सक्रियता का एक प्रमाण है।

प्रशासन की अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें

लेह जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क जरूर रहें। पर्वतीय क्षेत्रों में पुराने कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्य भूकंप के बाद कभी-कभी ‘आफ्टरशॉक्स’ (Aftershocks) आने की संभावना बनी रहती है, इसलिए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है।

भूकंप आने पर क्या करें? 

  • जैसे ही झटके महसूस हों, तुरंत ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ (नीचे झुकें, किसी मजबूत मेज के नीचे शरण लें) का पालन करें।

  • लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें, सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।

  • अगर आप घर के अंदर हैं, तो कांच की खिड़कियों और भारी अलमारियों से दूर रहें।

  • यदि आप वाहन चला रहे हैं, तो उसे किसी सुरक्षित और खुले स्थान पर रोक दें।

  • बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों के पास खड़े न हों।

हालांकि लेह में भूकंप के इस हालिया झटके ने जान-माल का नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन यह हमें प्रकृति की अनिश्चितता के प्रति सचेत करता है। लद्दाख और राजस्थान जैसी घटनाओं का सिलसिला इस बात की ओर इशारा करता है कि भारत के सिस्मिक मैप पर निगरानी बढ़ाना और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और पुख्ता करना समय की मांग है।

You Might Also Like

ओडिशा: दुदुमा झरने पर रील बनाते वक्त बहा 22 वर्षीय यूट्यूबर, तेज बहाव में लापता
Uttarakhand: सीएम धामी ने जल संरक्षण अभियान के तहत सौंग नदी पर स्थित, ‘जौली नहर’ के हेड पर जल संरक्षण और संर्वद्धन योजना का किया लोकार्पण
यूपी में विधायकों-मंत्रियों की सैलरी और भत्तों में बंपर बढ़ोतरी
बंगाल में ‘शुभेंदु युग’ का आगाज: आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे अधिकारी, ब्रिगेड परेड मैदान में जुटेंगे दिग्गज; तमिलनाडु में विजय की राह में रोड़ा
पोस्टर-बैनर लगाने पर सख्ती: साइन बोर्ड ढकने पर जेल तक की चेतावनी, उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट समिति का निर्देश
TAGGED:Earthquake in North IndiaLadakh Earthquake NewsNational Centre for SeismologyRajasthan Earthquake.Richter Scale Intensity
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

बिहार में परीक्षा से पहले ‘रणक्षेत्र’ बने दानापुर और पाटलिपुत्र स्टेशन: ट्रेन लेट होने पर छात्रों का भारी पथराव, IG समेत कई पुलिसकर्मी घायल, इंजन तोड़ा

The Hill India News
The Hill India News
June 14, 2026
कैंचीधाम स्थापना दिवस से पहले भारी बवाल: ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों पर छेड़खानी का आरोप, उग्र भीड़ ने की पिटाई, पुलिस चौकी घेरी
‘मोदी सरकार के 12 साल: विश्वास, विकास और जनकल्याण की मिसाल’, खटीमा में सीएम धामी ने गिनाईं उपलब्धियां, कहा- विश्व पटल पर मजबूत हुआ भारत
आस्था का सैलाब और मौसम की चुनौती: तुंगनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम, चंद्रशिला ट्रैक पर दोपहर 12 बजे के बाद नो-एंट्री
राहुल गांधी के रद्द उत्तराखंड दौरे पर सियासी घमासान: सीएम धामी और कांग्रेस में ‘सुरक्षा प्रोटोकॉल’ बनाम ‘चुनावी पर्यटन’ की जंग
उत्तराखंड में लागू हुई ‘महक क्रांति नीति 2026’, चंपावत-नैनीताल में बनेगी देश की पहली ‘सिनेमन वैली’; 91,000 किसानों की बदलेगी किस्मत
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम, अगले 5 दिन उत्तर भारत में आंधी-तूफान का तांडव; जानें यूपी में कब आएगा मॉनसून
आज से पीएम मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा; राफेल जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी पर टिकीं दुनिया की नजरें
लक्सर में दरिंदगी की हदें पार; मायके में घुसकर पत्नी पर कांच की बोतल से हमला, फिर सरेआम दे दिया ‘तीन तलाक’
IMA की 158वीं पासिंग आउट परेड आज, पहली बार 9 महिला कैडेट्स ‘अंतिम पग’ पार कर रचेंगी इतिहास; राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी गवाह
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?