
नई दिल्ली/इस्तांबुल: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला को तुर्की के इस्तांबुल से भारत डिपोर्ट कर लिया गया है। मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को उसे दिल्ली के टेक्निकल एयरपोर्ट पर लाया गया, जहां से भारतीय जांच एजेंसियों ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। माना जा रहा है कि डोला से पूछताछ के बाद अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क और भारत में फैले उसके सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े राज खुल सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, सलीम डोला को 25 अप्रैल को इस्तांबुल में एक विशेष ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। तुर्की पुलिस के नारकोटिक्स क्राइम्स डिवीजन ने भारतीय एजेंसियों के इनपुट पर कार्रवाई करते हुए उसे बेयलिकदुज़ू इलाके में एक घर से पकड़ा। बताया जा रहा है कि वह काफी समय से वहां छिपकर रह रहा था और अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
भारतीय खुफिया एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच तालमेल से चलाए गए इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता माना जा रहा है। डोला को पकड़ने के बाद तुर्की प्रशासन ने सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं और फिर उसे भारत भेज दिया गया। भारत पहुंचने के बाद उससे विभिन्न एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। प्रारंभिक जांच के बाद उसे मुंबई पुलिस को सौंपा जाएगा, जहां उसके खिलाफ दर्ज मामलों में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सलीम डोला पर भारत में पहले से कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत मामले दर्ज हैं। इंटरपोल द्वारा जारी रेड नोटिस में भी उसका नाम शामिल था, जिससे उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश की जा रही थी। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर उसे कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, डोला दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क का अहम हिस्सा रहा है और भारत में ड्रग्स के कारोबार को फैलाने में उसकी बड़ी भूमिका रही है। वह न सिर्फ तस्करी करता था, बल्कि भारत में अवैध ड्रग फैक्ट्रियों और लैब्स के संचालन में भी शामिल था। पहले भी देश के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी के दौरान उससे जुड़ी कई अवैध लैब्स का खुलासा हुआ था।
हाल ही में मुंबई के कुर्ला इलाके में पकड़े गए कुछ आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि वे सलीम डोला के निर्देश पर काम कर रहे थे। इसी कड़ी में भारतीय एजेंसियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई तेज की और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।
भारत में उससे जुड़े एक बड़े ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने 126 किलोग्राम से अधिक मेफेड्रोन (ड्रग्स) और करीब 25 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि उसका नेटवर्क कितना बड़ा और संगठित था।
सलीम डोला पर करीब 1 लाख रुपये का इनाम भी घोषित था, जिससे उसकी गिरफ्तारी की अहमियत और बढ़ जाती है। अब जब वह भारतीय एजेंसियों की गिरफ्त में है, तो उम्मीद की जा रही है कि उससे पूछताछ के जरिए न सिर्फ उसके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा, बल्कि दाऊद इब्राहिम के ड्रग सिंडिकेट के कई और चेहरे भी सामने आ सकते हैं।
जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि डोला के नेटवर्क के तार किन-किन देशों से जुड़े हैं और भारत में उसके सहयोगी कौन-कौन हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



