
नई दिल्ली: देश के एक बड़े हिस्से में इन दिनों सूर्य देव का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। राजस्थान से लेकर बिहार तक और दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश तक, पूरा उत्तर भारत भीषण लू (Heatwave) और तपती गर्मी की चपेट में है। लेकिन, इसी बीच मौसम विभाग (IMD) ने उन करोड़ों लोगों के लिए ‘गुड न्यूज’ दी है, जो पसीने से तरबतर होकर मानसून का इंतजार कर रहे हैं। सोमवार देर रात से बदले उत्तर भारत में मौसम का मिजाज ने तापमान में गिरावट के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR सहित उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों के लिए अगले तीन दिनों तक धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
दिल्ली-NCR में सोमवार रात से बदला मौसम
राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में सोमवार की रात अचानक चली धूल भरी आंधी ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी से हल्की राहत दी। मंगलवार सुबह भी बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे सूर्य की तपिश कम महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार से गुरुवार (30 अप्रैल) तक राजधानी में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है।
दिल्ली में इस समय अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जो सामान्य से काफी अधिक है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस ‘प्री-मानसून शावर’ के बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के करीब बना रहेगा।
यूपी और हरियाणा में भी लू से मिलेगी निजात
उत्तर प्रदेश के हालात भी कमोबेश दिल्ली जैसे ही हैं। प्रयागराज, झांसी और कानपुर जैसे शहरों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है। लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन में बताया है कि यूपी के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना है, जो खेती और आम जनता के लिए राहत लेकर आएगी।
हरियाणा और पंजाब के खेतों में भी अब धूल भरी आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। राजस्थान के ऊपर बने एक खास सिस्टम की वजह से इन राज्यों में गर्मी का प्रकोप थोड़ा कम होगा।
क्यों बदला अचानक मौसम? विशेषज्ञों ने बताई वजह
उत्तर भारत में मौसम का मिजाज अचानक क्यों बदला, इसे लेकर स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। पलावत के अनुसार, वर्तमान में मध्य पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक ‘चक्रवाती परिसंचरण’ (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। यह सिस्टम काफी मजबूत है और धीरे-धीरे उत्तर-पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहा है।
इसके साथ ही एक ‘ट्रफ लाइन’ भी सक्रिय है, जिसके कारण राजस्थान और हरियाणा के हिस्सों में बारिश शुरू हो चुकी है। यह सिस्टम 30 अप्रैल तक दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय रहेगा। चूंकि यह गर्मी के चरम के दौरान हो रहा है, इसलिए इसे ‘मानसून पूर्व बारिश’ (Pre-Monsoon Rain) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जो धूल भरी आंधी का रूप ले लेगी।
इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
केवल उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है:
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पूर्वोत्तर भारत: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में पूरे सप्ताह भारी बारिश का अनुमान है। यहाँ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।
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दक्षिण भारत: मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 1 मई तक गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान चलने की संभावना है।
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पूर्वी भारत: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
सावधानी और सुझाव
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज आंधी और तूफान के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ गिर सकते हैं या बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव की भी समस्या हो सकती है।
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आंधी के दौरान घर के अंदर रहें और खिड़कियां बंद रखें।
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कच्ची दीवारों या पुराने पेड़ों के नीचे शरण न लें।
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तेज हवाओं के दौरान बिजली के उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें।
यद्यपि यह राहत अस्थायी हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी से जूझ रहे उत्तर भारत के लिए यह 72 घंटे बेहद सुकून भरे साबित होंगे। धूल भरी आंधी के साथ आने वाली बारिश न केवल प्रदूषण के स्तर को कम करेगी, बल्कि तपती धरती को भी कुछ समय के लिए ठंडा कर देगी। आने वाले दिनों में उत्तर भारत में मौसम का मिजाज कैसा रहता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।



