
पंतनगर स्थित सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार को श्रमिकों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। कई दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहे श्रमिकों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रशासन द्वारा हल्के बल प्रयोग की कार्रवाई के बाद कई श्रमिकों के घायल और बेहोश होने की खबर सामने आई है, जिनमें महिला श्रमिक भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, V-Guard Industries के बाहर बड़ी संख्या में श्रमिक पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांगों में वेतन वृद्धि, समय पर बोनस भुगतान, और कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं शामिल हैं। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन शनिवार को अचानक स्थिति बिगड़ गई और प्रदर्शन उग्र रूप ले बैठा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तहसीलदार दिनेश कुटेला और चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कंपनी परिसर से बाहर करने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, श्रमिकों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोगों को गंभीर चोटें आईं।
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई श्रमिक जमीन पर गिर पड़े, जबकि कुछ बेहोश हो गए। महिला श्रमिकों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई।
घायल श्रमिकों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, कुछ श्रमिकों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। हालांकि, कई श्रमिकों ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया, जिससे राहत कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हुई।
घटना के बाद पूरे सिडकुल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कंपनी परिसर के बाहर अभी भी श्रमिकों का जमावड़ा लगा हुआ है और विरोध जारी है।
श्रमिकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि उन्हें न तो समय पर बोनस दिया जाता है और न ही कार्यस्थल पर भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक है। इसके अलावा, उनकी सबसे प्रमुख मांग वेतन बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रति माह करने की है।
बताया जा रहा है कि सिडकुल क्षेत्र में सिर्फ वी-गार्ड ही नहीं, बल्कि Mahabal Auto Engineering Private Limited और Bellrise Industries जैसी अन्य कंपनियों के श्रमिक भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में असंतोष का माहौल बना हुआ है।
प्रशासन अब दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है ताकि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। अधिकारियों का कहना है कि हालात को नियंत्रण में रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल, सिडकुल पंतनगर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन प्रशासन के प्रयासों से हालात को सामान्य करने की कोशिश जारी है। यह घटना एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की समस्याओं और उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता को उजागर करती है।



