हल्द्वानी/नैनीताल: “कल्याण हो…” का दिव्य संदेश देने वाले और देश-विदेश के करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र, विश्व प्रसिद्ध बाबा नीब करौरी महाराज के पावन तपोस्थल कैंची धाम में वार्षिक मेले का शंखनाद हो चुका है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 15 जून को आयोजित होने वाले कैंची धाम स्थापना दिवस मेला का शुभारंभ अलसुबह मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य महाआरती के साथ हुआ। जैसे ही मंदिर के कपाट खोले गए, पूरा वातावरण “बाबा नीब करौरी महाराज की जय” और “जय हनुमान” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
पहाड़ों की शांत वादियों के बीच स्थित इस पवित्र धाम में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर श्रद्धालुओं का मीलों लंबा रेला दिखाई दे रहा है। देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि विदेशी धरती से भी हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु अपनी बारी के इंतजार में तड़के से ही लंबी कतारों में अनुशासित ढंग से खड़े हैं।
भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ, भक्ति में सराबोर दिखे श्रद्धालु
मेले की पूर्व संध्या यानी 14 जून की रात से ही भवाली और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला अनवरत जारी था। कड़ाके की ठंड और लंबी कतारों की थकान भी भक्तों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। कतारों में खड़े श्रद्धालु बाबा की भक्ति में लीन होकर लगातार भजन-कीर्तन कर रहे हैं, तो कहीं सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है।
कैंची धाम की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ आने वाला हर भक्त बाबा के दर पर शीश नवाने के लिए घंटों इंतजार करने को सहर्ष तैयार है। इस बार भी मेले में रिकॉर्ड तोड़ संख्या में (कई लाख) श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसे देखते हुए मंदिर प्रशासन और नैनीताल जिला प्रशासन ने आपसी समन्वय के साथ व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं।
सुरक्षा का अभेद्य चक्र: एटीएस, बम निरोधक दस्ता और 1500 जवान मुस्तैद
लाखों की भीड़ और वीवीआईपी (VVIP) मूवमेंट की संभावना को देखते हुए नैनीताल पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा व्यवस्था को इतना चाक-चौबंद बनाया गया है कि परिंदा भी पर न मार सके। इस महामेले की सुरक्षा केवल स्थानीय पुलिस के भरोसे नहीं है, बल्कि केंद्रीय और विशिष्ट विंग्स को भी मोर्चे पर उतारा गया है।
★ सुरक्षा बलों का महा-नेटवर्क:
- स्थानीय पुलिस बल के साथ एसडीआरएफ (SDRF) और एटीएस (ATS) की टीमें तैनात।
- किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बम निरोधक दस्ता और एलआईयू (LIU) सक्रिय।
- अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) के जवान विभिन्न संवेदनशील पॉइंट पर मौजूद।
- कुल मिलाकर 1500 से अधिक जवान और अधिकारी लगातार 24 घंटे ड्यूटी पर मुस्तैद।
सुरक्षा और व्यवस्था की कमान सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हाथों में है। इस कैंची धाम स्थापना दिवस मेला की निगरानी के लिए तीन अलग-अलग जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक (SP), सात अपर पुलिस अधीक्षक (Addl. SP), चौदह क्षेत्राधिकारी (CO) और वायरलेस विभाग के तकनीकी अधिकारियों की एक बड़ी फौज धरातल पर पल-पल की रिपोर्ट ले रही है। मंदिर परिसर, मुख्य द्वार, पार्किंग जोन, शटल प्वाइंट और संपर्क मार्गों पर पैनी नजर रखने के लिए विशेष पुलिस चौकियां भी स्थापित की गई हैं।
यातायात को सुचारू रखने के लिए कड़ा ट्रैफिक प्लान, भारी वाहनों की नो-एंट्री
पहाड़ी रास्तों पर जाम की समस्या सबसे बड़ी चुनौती होती है, विशेषकर तब जब लाखों लोग एक ही मार्ग पर बढ़ रहे हों। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन ने बेहद सख्त और वैज्ञानिक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। सबसे पहला और कड़ा निर्णय यह लिया गया है कि कैंची धाम की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर भारी और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने स्पष्ट गाइडलाइन जारी की है। भक्तों को अपने वाहन भवाली, भीमताल या निर्धारित बड़े पार्किंग स्थलों पर ही पार्क करने होंगे। वहां से आगे की यात्रा के लिए प्रशासन ने एक सुदृढ़ ‘शटल सेवा’ का जाल बिछाया है।
प्रमुख रूटों पर नॉन-स्टॉप शटल और ‘येलो स्टीकर’ व्यवस्था
श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित सफर देने के लिए हल्द्वानी, काठगोदाम, नैनीताल, भीमताल, भवाली, सैनिटोरियम, खैरना और अल्मोड़ा जैसे प्रमुख केंद्रों से नॉन-स्टॉप शटल बसें और टैक्सियों का संचालन किया जा रहा है। यह शटल सेवा लगातार फेरे लगा रही है ताकि यात्रियों को ज्यादा समय तक इंतजार न करना पड़े।
यातायात संचालन को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए इस रूट पर चलने वाले अधिकृत वाहनों के लिए ‘विशेष येलो स्टीकर व्यवस्था’ लागू की गई है। केवल उन्हीं वाहनों को आगे जाने की अनुमति है जिन पर यह स्टीकर चस्पा है, जिससे अवैध या बिना रूट वाले वाहनों के प्रवेश पर स्वतः रोक लग गई है।
कप्तान की अपील: “धैर्य रखें, पुलिस का सहयोग करें”
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने कैंची धाम आ रहे सभी श्रद्धालुओं से बेहद भावुक और प्रशासनिक अपील की है। उन्होंने कहा है कि बाबा का यह दरबार सभी के लिए खुला है, लेकिन अत्यधिक भीड़ को देखते हुए यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन करना अनिवार्य है।
“सभी श्रद्धालु अपनी यात्रा के दौरान धैर्य बनाए रखें। पहाड़ी मार्ग संकरे हैं, इसलिए जल्दबाजी या ओवरटेकिंग करने से बचें। जगह-जगह पर तैनात हमारे 1500 से अधिक पुलिसकर्मी आपकी सहायता और सुरक्षा के लिए दिन-रात खड़े हैं। कृपया उनके निर्देशों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन की यह पवित्र यात्रा आपके और आपके परिवार के लिए सुरक्षित, सुगम और मंगलमय बन सके।”
कैंची धाम का यह स्थापना दिवस मेला न केवल उत्तराखंड की धार्मिक पर्यटन क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और बेहतर प्रबंधन हो, तो हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी इतने बड़े जनसमूह को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संभाला जा सकता है। समाचार लिखे जाने तक, बाबा के दर्शन का सिलसिला सुचारू रूप से जारी है और भंडारे में भक्तों को अनवरत रूप से मालपुए का प्रसाद वितरित किया जा रहा है।
