उत्तराखंडफीचर्ड

देहरादून: प्रॉपर्टी डीलर के अवैध कब्जे पर चला प्रशासन का हंटर, चकतुनवाला की सड़क हुई कब्जा मुक्त

देहरादून | 21 अप्रैल 2026: राजधानी देहरादून में सरकारी जमीनों और सार्वजनिक मार्गों को कब्जाने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘जीरो टॉलरेंस ऑन एनक्रोचमेंट’ के विजन और जिलाधिकारी सविन बंसल के कड़े रुख के चलते आज देहरादून के चकतुनवाला क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यहाँ एक रसूखदार प्रॉपर्टी डीलर द्वारा नगर निगम की सार्वजनिक सड़क पर बनाई गई अवैध दीवार को प्रशासन ने जमींदोज कर रास्ता साफ करा दिया है।

जनता की शिकायत पर DM का त्वरित एक्शन

मामला देहरादून के चकतुनवाला इलाके का है, जहाँ स्थानीय निवासियों ने जिलाधिकारी कार्यालय में गुहार लगाई थी कि एक प्रॉपर्टी डीलर ने सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध कर वहां पक्की दीवार खड़ी कर दी है। इस कब्जे के कारण क्षेत्रवासियों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनहित के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए।

डीएम के निर्देश पर तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव और राजस्व निरीक्षक माजरा की टीम ने मौके का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि उक्त दीवार वास्तव में नगर निगम की सड़क पर अनाधिकृत रूप से बनाई गई थी। रिपोर्ट मिलते ही जिलाधिकारी ने बिना किसी देरी के सड़क को देहरादून अतिक्रमण मुक्त अभियान के तहत कब्जामुक्त करने का फरमान जारी कर दिया।

भारी पुलिस बल के बीच चला पीला पंजा

मंगलवार सुबह जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम लाव-लशकर के साथ चकतुनवाला पहुँची। राजस्व विभाग के अधिकारियों और नगर निगम के कार्मिकों की मौजूदगी में जेसीबी (बुलडोजर) ने अवैध रूप से निर्मित दीवार को ढहाना शुरू किया। हालांकि, कब्जेदारों की ओर से विरोध की आशंका थी, जिसे देखते हुए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

प्रशासन की इस मुस्तैदी के आगे अतिक्रमणकारियों की एक न चली और कुछ ही घंटों के भीतर सार्वजनिक मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध मुक्त कर दिया गया। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया है।


भू-माफियाओं को कड़ा संदेश: “अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं”

इस सफल कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद के सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्गों, फुटपाथों और सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं होगा।

डीएम सविन बंसल ने कहा, जनपद में देहरादून अतिक्रमण मुक्त अभियान निरंतर जारी रहेगा। सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा करना न केवल अवैध है, बल्कि यह आम जनता के मौलिक अधिकारों का हनन भी है। सभी विभाग समन्वय स्थापित कर ऐसी शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करें।

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में ‘क्लीन देहरादून’ का मिशन

उत्तराखंड सरकार राज्य भर में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि विकास कार्यों में बाधा डालने वाले और सरकारी संपत्ति को अपनी जागीर समझने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में देहरादून जिला प्रशासन पिछले कुछ हफ्तों से लगातार अवैध निर्माणों, अवैध प्लाटिंग और सड़क घेरकर बनाए गए ढांचों को चिन्हित कर रहा है।

नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त रणनीति

अतिक्रमण हटाने की इस प्रक्रिया में नगर निगम देहरादून और राजस्व विभाग के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिल रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि जिस भी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया जाए, वहां संबंधित विभाग तुरंत फेंसिंग या बोर्ड लगाए ताकि भविष्य में पुन: कब्जा न हो सके। चकतुनवाला मामले में भी नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क का सौंदर्यीकरण और सुदृढ़ीकरण जल्द सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को असुविधा न हो।


आम जनता के लिए सतर्कता की अपील

जिला प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले उसके भू-अभिलेखों की जांच अवश्य करें। प्रॉपर्टी डीलरों के झांसे में आकर सरकारी भूमि या सड़क पर निर्माण करना भारी पड़ सकता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अतिक्रमण हटाने का खर्च भी संबंधित दोषी व्यक्ति से ही वसूला जाएगा।

आगामी योजना: सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी ने उन अन्य हॉटस्पॉट्स की सूची भी तैयार करवाई है जहाँ सड़कों पर अवैध गेट या दीवारें बनाकर सार्वजनिक आवाजाही रोकी गई है। आने वाले दिनों में रायपुर, राजपुर रोड और विकासनगर जैसे क्षेत्रों में भी इसी तरह के बड़े अभियान देखने को मिल सकते हैं।

चकतुनवाला में हुई आज की कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि नियम और कानून से ऊपर कोई नहीं है। देहरादून अतिक्रमण मुक्त अभियान के जरिए प्रशासन ने न केवल एक सड़क खोली है, बल्कि जनता का विश्वास भी जीता है। राजधानी को व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में यह एक सराहनीय और निर्णायक कदम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button