
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में पिछले 24 घंटों के भीतर आत्महत्या के दो अलग-अलग सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। पहली घटना रानीपुर कोतवाली क्षेत्र की है, जहां नशे की लत से जूझ रहे एक युवक ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। वहीं, दूसरी घटना सिडकुल थाना क्षेत्र की है, जहां एक विवाहिता ने कथित तौर पर गृह क्लेश के चलते आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने दोनों मामलों में शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और गहन जांच शुरू कर दी है।
नशे की दलदल और मानसिक तनाव: सलेमपुर के युवक ने लगाया फंदा
रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर गांव में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 35 वर्षीय युवक नितिन कुमार का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। नितिन, पुत्र अनिल कुमार, इसी गांव का निवासी था। पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह जब काफी देर तक नितिन ने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला, तो पड़ोस में रहने वाले सागर नामक युवक ने अनहोनी की आशंका जताई।
जब परिजनों ने दीवार फांदकर कमरे के भीतर झांका, तो उनके होश उड़ गए। नितिन का शव फंदे से लटका हुआ था। सूचना मिलते ही रानीपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और विधिक कार्रवाई शुरू की।
पुलिस को दी थी लूट की झूठी सूचना
जांच में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। रानीपुर कोतवाली प्रभारी मनोहर भंडारी ने बताया कि नितिन गंभीर रूप से नशे का आदी था। आत्महत्या से महज तीन दिन पहले उसने पुलिस को फोन कर अपने साथ लूट होने की फर्जी सूचना दी थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन जांच में मामला झूठा पाया गया। उस वक्त युवक की मानसिक स्थिति और नशे की लत को देखते हुए पुलिस ने कोई कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की थी, लेकिन इस घटना के दो दिन बाद ही उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या वह किसी बड़े कर्ज या मानसिक दबाव में था।
सिडकुल में गृह क्लेश की भेंट चढ़ी एक और जिंदगी
दूसरी ओर, सिडकुल थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुरी स्थित राम धाम कॉलोनी में एक विवाहिता ने आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान लता, पत्नी सचिन के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना बीते रविवार की है।
प्रारंभिक जांच और आस-पड़ोस से मिली जानकारी के अनुसार, लता और उसके पति सचिन के बीच अक्सर किसी न किसी बात को लेकर मनमुटाव रहता था। रविवार को भी घर में विवाद होने की बात सामने आई है, जिसके बाद महिला ने मौत को गले लगा लिया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक परिजनों की ओर से किसी भी पक्ष के खिलाफ कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों और समय की पुष्टि हो सके।
बढ़ते सुसाइड केस: विशेषज्ञों की चिंता
हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। सलेमपुर की घटना ने जहां नशे के दुष्प्रभावों को उजागर किया है, वहीं सिडकुल की घटना घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के अनसुलझे पहलुओं की ओर इशारा करती है।
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि नशे की लत न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को खराब करती है, बल्कि व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता को भी खत्म कर देती है, जिससे वह छोटी सी परेशानी में भी बड़े आत्मघाती निर्णय ले लेता है। वहीं, गृह क्लेश के मामलों में संवाद की कमी और सामाजिक दबाव महिलाओं को इस चरम सीमा तक धकेल देते हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच
दोनों ही मामलों में पुलिस ने शवों को जिला अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया है। रानीपुर और सिडकुल थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन घटनाओं के पीछे कोई उकसावा (Abetment to suicide) तो नहीं था।
मदद के लिए यहां संपर्क करें
आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। यदि आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति तनाव या कठिन समय से गुजर रहा है, तो कृपया नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें:
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स्नेहा फाउंडेशन: 044-24640050 (24×7 उपलब्ध)
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टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सिंसेज (TISS) हेल्पलाइन: 9152987821 (सोमवार से शनिवार, सुबह 8:00 से रात 10:00 बजे तक)



