By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023: ‘नीति लाभार्थी’ से ‘नीति निर्माता’ बनने की ओर भारतीय महिलाओं के बढ़ते कदम
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023: ‘नीति लाभार्थी’ से ‘नीति निर्माता’ बनने की ओर भारतीय महिलाओं के बढ़ते कदम
उत्तराखंडफीचर्ड

नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023: ‘नीति लाभार्थी’ से ‘नीति निर्माता’ बनने की ओर भारतीय महिलाओं के बढ़ते कदम

The Hill India News
Last updated: April 11, 2026 1:39 pm
The Hill India News
Published: April 11, 2026
Share
SHARE

देहरादून: भारतीय लोकतंत्र के फलक पर महिलाओं की भूमिका अब केवल मतदान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे देश की नियति लिखने वाली मुख्यधारा का हिस्सा बनेंगी। उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने शनिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान “नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023” की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस कानून को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का ‘स्वर्णिम अध्याय’ करार देते हुए कहा कि यह अधिनियम करोड़ों महिलाओं की वर्षों पुरानी आकांक्षाओं का जीवंत प्रतिबिंब है।

Contents
ऐतिहासिक परिवर्तन का उद्घोषसशक्तिकरण के एक दशक का रिपोर्ट कार्डगरिमापूर्ण जीवन की बुनियादी सुविधाएं33 प्रतिशत आरक्षण: प्रतिनिधित्व की नई परिभाषाउत्तराखण्ड: नारी शक्ति की प्रेरणा स्थलीविकसित भारत @2047 का संकल्प

ऐतिहासिक परिवर्तन का उद्घोष

कंडवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महज एक विधायी सुधार नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक क्रांति का शंखनाद है। उन्होंने जोर देकर कहा, “आज ‘नारी शक्ति’ केवल एक विमर्श या विचार नहीं रह गई है, बल्कि यह राष्ट्र की सबसे बड़ी संगठित ताकत बनकर उभरी है। प्रधानमंत्री के संकल्प ने महिलाओं को समाज की अंतिम पंक्ति से उठाकर सत्ता के शीर्ष गलियारों तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त किया है।”

उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है जब महिलाएं केवल सरकारी योजनाओं की ‘लाभार्थी’ नहीं रहेंगी, बल्कि विधानसभाओं और संसद में बैठकर उन योजनाओं की ‘निर्माता’ बनेंगी। महिला नेतृत्व वाला विकास (Women-led Development) ही वह धुरी है, जिसके इर्द-गिर्द ‘विकसित भारत 2047’ का सपना साकार होगा।


सशक्तिकरण के एक दशक का रिपोर्ट कार्ड

प्रेसवार्ता के दौरान कुसुम कंडवाल ने पिछले दस वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए किए गए क्रांतिकारी कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि कैसे आर्थिक और सामाजिक धरातल पर बदलाव की नींव रखी गई है:

  • आर्थिक स्वावलंबन और मुद्रा योजना: मुद्रा योजना के तहत लगभग 68 प्रतिशत ऋण महिला उद्यमियों को दिए गए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत की नारी अब नौकरी मांगने वाली नहीं, बल्कि नौकरी देने वाली (Job Provider) बन रही है।

  • लखपति दीदी और स्वयं सहायता समूह: देश की 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ‘लखपति दीदी’ योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था का चेहरा बदल दिया है, जिससे महिलाओं के आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

  • शिक्षा और सुरक्षा: ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने सामाजिक मानसिकता को बदला है। माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं का नामांकन 80.2 प्रतिशत तक पहुँचना एक बड़ी उपलब्धि है। वहीं, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.6 करोड़ से अधिक खाते बेटियों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी दे रहे हैं।

गरिमापूर्ण जीवन की बुनियादी सुविधाएं

अध्यक्ष कंडवाल ने उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन से ‘कठिनाई’ को समाप्त कर ‘गरिमा’ को स्थापित किया है। 10 करोड़ गैस कनेक्शन और 14.45 करोड़ घरों में नल से जल की उपलब्धता ने महिलाओं के समय और स्वास्थ्य की रक्षा की है। मातृ मृत्यु दर में आई गिरावट और ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना‘ के तहत 4.27 करोड़ महिलाओं को मिली पोषण सहायता इस मिशन की सफलता की कहानी बयां करती है।


33 प्रतिशत आरक्षण: प्रतिनिधित्व की नई परिभाषा

सितंबर 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। कंडवाल ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि 1952 में लोकसभा में महिलाओं की संख्या मात्र 22 थी, जो 2024 में बढ़कर 75 हुई है। हालांकि, यह वृद्धि स्वागत योग्य है, लेकिन जनसंख्या के अनुपात में अभी भी एक बड़ी खाई मौजूद है।

“यह अधिनियम उस खाई को पाटने का काम करेगा। वैश्विक स्तर पर हुए शोध बताते हैं कि जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण और पोषण जैसे बुनियादी मुद्दों पर अधिक संवेदनशीलता के साथ काम होता है। पंचायत स्तर पर 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व ने इसकी सफलता पहले ही सिद्ध कर दी है,” कंडवाल ने कहा।


उत्तराखण्ड: नारी शक्ति की प्रेरणा स्थली

देवभूमि उत्तराखण्ड का जिक्र करते हुए कंडवाल ने कहा कि यहाँ की महिलाओं ने राज्य आंदोलन से लेकर पर्यावरण संरक्षण (चिपको आंदोलन) तक हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य महिला आयोग इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और महिलाओं को राजनीतिक रूप से जागरूक करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब महिलाएं विधायी प्रक्रियाओं का हिस्सा बनेंगी, तो विकास अधिक समावेशी, संतुलित और टिकाऊ होगा। उत्तराखण्ड सरकार भी ‘नारी शक्ति’ को केंद्र में रखकर अपनी नीतियां बना रही है ताकि राज्य की प्रत्येक बेटी और महिला खुद को सुरक्षित और सशक्त महसूस कर सके।

विकसित भारत @2047 का संकल्प

प्रेसवार्ता के समापन पर कुसुम कंडवाल ने समाज के सभी वर्गों और विशेष रूप से मातृशक्ति से इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 केवल एक कानून नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुदृढ़ नींव है। यह अधिनियम महिलाओं को वह मंच प्रदान करेगा जहाँ से वे नए भारत के निर्माण में अपनी मेधा और नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा सकेंगी।

उन्होंने अंत में दोहराया, “जब नारी सशक्त होगी, तभी राष्ट्र समर्थ होगा। हम 2047 के उस भारत की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ लिंग आधारित भेदभाव गुजरे जमाने की बात होगी और नेतृत्व की कमान ‘नारी शक्ति’ के हाथों में होगी।“

You Might Also Like

Earth Hour 2026: अंधेरे में जगमगाएगी जागरूकता; उत्तराखंड में आज रात 1 घंटे रहेगा ‘ब्लैकआउट’, धामी सरकार ने की बड़ी अपील
Uttarakhand: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लिया निर्वाचन तैयारियों का जायजा
देहरादून: ‘नंदा-सुनंदा’ प्रोजेक्ट से संवर रहा बेटियों का कल, DM सविन बंसल ने संघर्षों के बीच जलाए रखी शिक्षा की ‘स्पार्क’
Uttarakhand: रुद्रप्रयाग में आयोजित “ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग” के दौरान, मुख्यमंत्री ने महिलाओं संग साझा की बचपन की यादें
Weather Update Live: दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश से गिरा तापमान; पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड
TAGGED:Developed India 2047 Women Leadership.Kusum Kandwal Press ConferenceLakhpati Didi Yojana UttarakhandWomen Empowerment Schemes 2026Women Reservation Bill India
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
दिल्लीफीचर्ड

मैं जो देखकर लौटा, उसे कभी नहीं भूलूंगा’: जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल हुए अभिनेता अमोल पराशर, छात्रों की उम्मीद और संघर्ष की सुनाई आंखोंदेखी

The Hill India News
The Hill India News
July 22, 2026
संसद में आज फिर टकराव के आसार: काले कपड़ों में कांग्रेस का विरोध, मॉनसून सत्र के तीसरे दिन हंगामे की पूरी तैयारी
“हम कभी नहीं भूलेंगे…” चीन ने भारतीय सेना को कहा धन्यवाद, रिश्तों में नई गर्माहट का बड़ा संकेत
मौसम का महाप्रकोप: वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा चौथे दिन भी ठप, चारधाम यात्रा पर भी संकट; पहाड़ों में बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने बढ़ाई चिंता
गूगल प्ले स्टोर पर भी साइबर ठगी का जाल! फर्जी ऐप से लाखों की ठगी, Google इंडिया हेड पर केस दर्ज; जानिए कैसे बचें ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से
ट्रंप का बड़ा टैरिफ दांव: अमेरिकी बाजार में जेनेरिक दवाओं पर 200% शुल्क की तैयारी, भारत के फार्मा उद्योग के सामने नई चुनौती
CM थलापति विजय की पार्टी TVK का केंद्र पर बड़ा हमला, NEET परीक्षा रद्द व मेडिकल शिक्षा को राज्य सूची में शामिल करने की माँग
जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी डटे छात्र: JP नड्डा ने अस्पताल में वांगचुक से की मुलाकात, सड़क से संसद तक क्यों गरमाई नीट पेपर लीक पर सियासत?
दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में, पीएम आवास के बाहर धरना स्थल छावनी में तब्दील
हरिद्वार आम महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान: किसान उत्तराखंड की असली ताकत, एप्पल मिशन पर 80% सब्सिडी और ‘हिमालय ब्रांड’ से ग्लोबल पहचान
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?