By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: “हम कभी नहीं भूलेंगे…” चीन ने भारतीय सेना को कहा धन्यवाद, रिश्तों में नई गर्माहट का बड़ा संकेत
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > फीचर्ड > “हम कभी नहीं भूलेंगे…” चीन ने भारतीय सेना को कहा धन्यवाद, रिश्तों में नई गर्माहट का बड़ा संकेत
फीचर्डविदेश

“हम कभी नहीं भूलेंगे…” चीन ने भारतीय सेना को कहा धन्यवाद, रिश्तों में नई गर्माहट का बड़ा संकेत

The Hill India News
Last updated: July 22, 2026 4:43 am
The Hill India News
Published: July 22, 2026
Share
SHARE

भारत और चीन के बीच वर्षों से चले आ रहे सीमा तनाव, सैन्य गतिरोध और कूटनीतिक चुनौतियों के बीच एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसने दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक बदलाव की नई उम्मीद जगा दी है। चीन ने पहली बार सार्वजनिक मंच से भारतीय सेना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह भारतीय जवानों द्वारा किए गए मानवीय कार्य को कभी नहीं भूलेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत में चीन के रक्षा अताशे (डिफेंस अटैची) रियर एडमिरल यू जियान ने भारतीय सेना की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पिछले वर्ष केरल के तट पर हुए उस समुद्री हादसे का उल्लेख किया, जिसमें आग और विस्फोट का शिकार हुए एक मालवाहक जहाज से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और नौसेना ने 12 चीनी नागरिकों को सुरक्षित बचाया था। यू जियान ने कहा कि चीन इस मानवीय सहायता को कभी नहीं भूलेगा और भारतीय सेना के इस साहसिक कार्य के लिए वह दिल से आभारी है।

रियर एडमिरल यू जियान ने अपने संबोधन में कहा कि चीन और भारत केवल पड़ोसी देश ही नहीं, बल्कि एशिया की दो सबसे बड़ी उभरती हुई शक्तियां हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश विकास और परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं तथा दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में द्विपक्षीय संबंध एक बार फिर सुधार और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच संवाद और विश्वास का बढ़ना न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जून में केरल के समुद्री क्षेत्र में जब एक कार्गो जहाज में भीषण आग लग गई थी और विस्फोट की स्थिति बन गई थी, तब भारतीय सुरक्षा बलों ने जोखिम उठाकर जहाज पर मौजूद 12 चीनी क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला था। यह केवल एक राहत अभियान नहीं था, बल्कि मानवता की सेवा का ऐसा उदाहरण था जिसे चीन हमेशा याद रखेगा। यू जियान ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भारतीय सेना द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और साहस दोनों देशों के बीच विश्वास को मजबूत करने वाला कदम है।

अपने संबोधन में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारत और चीन की सेनाओं की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं ने दुनिया के कई संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में शांति स्थापना के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है और अनेक सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति भी दी है। उनका कहना था कि यह साझा अनुभव दोनों देशों के बीच सहयोग की मजबूत नींव बन सकता है।

चीनी रक्षा अताशे ने यह भी स्पष्ट किया कि बीजिंग भारत के साथ सैन्य स्तर पर संवाद और सहयोग को और मजबूत करने का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि चीन राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से नियमित बातचीत जारी रखना चाहता है, ताकि आपसी विश्वास बढ़े, गलतफहमियां दूर हों और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर विकसित किए जा सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मतभेद किसी भी पड़ोसी देश के बीच हो सकते हैं, लेकिन साझा हित उनसे कहीं अधिक महत्वपूर्ण होते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की ओर से भारतीय सेना के प्रति सार्वजनिक रूप से धन्यवाद व्यक्त करना केवल औपचारिक बयान नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच बदलते कूटनीतिक माहौल का संकेत भी माना जा सकता है। पिछले कुछ वर्षों में पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद के कारण दोनों देशों के संबंधों में भारी तनाव देखने को मिला था। कई दौर की सैन्य और राजनयिक वार्ताओं के बाद धीरे-धीरे हालात में सुधार आया है और अब दोनों पक्ष तनाव कम करने के साथ-साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।

हाल के महीनों में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हुई मुलाकातों के बाद दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच भी कई दौर की बातचीत हुई है। इन बैठकों में सीमा पर शांति बनाए रखने, व्यापारिक सहयोग बढ़ाने और आपसी संवाद को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। यही वजह है कि अब दोनों देशों की ओर से सकारात्मक संदेश लगातार सामने आ रहे हैं।

रक्षा और कूटनीति के जानकारों का कहना है कि किसी भी दो देशों के रिश्तों में विश्वास सबसे बड़ी पूंजी होता है। भारतीय सेना द्वारा संकट की घड़ी में चीनी नागरिकों की जान बचाना और उसके लिए चीन का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त करना इस विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। यह घटना यह भी साबित करती है कि मानवीय मूल्यों के सामने राजनीतिक मतभेद पीछे रह जाते हैं।

हालांकि सीमा विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं, लेकिन दोनों देशों की ओर से लगातार बातचीत और सकारात्मक संकेत भविष्य के लिए उम्मीद जगाते हैं। यदि संवाद, सहयोग और विश्वास का यह सिलसिला इसी तरह जारी रहता है, तो भारत और चीन न केवल अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दे सकते हैं, बल्कि पूरे एशिया में स्थिरता, विकास और शांति के नए अध्याय भी लिख सकते हैं। चीन द्वारा भारतीय सेना के प्रति व्यक्त किया गया यह धन्यवाद केवल एक औपचारिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि बदलते रिश्तों की उस नई कहानी का संकेत है, जिसमें प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सहयोग और मानवता को भी समान महत्व दिया जा रहा है।

You Might Also Like

नई दिल्ली : राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 प्रदान किया
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने आज दीव में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की २५ वीं बैठक की अध्यक्षता की
सेक्स टॉय का शौकीन था चैतन्यानंद बाबा, दिल्ली पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
Uttarakhand: विजयदशमी पर परेड ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी
वैवाहिक बलात्कार पर गुजरात हाई कोर्ट का अहम फैसला, कोर्ट ने कहा ‘रेप तो रेप है…चाहे पति ने… ’
TAGGED:ChinadiplomacyIndia China RelationsIndian ArmyPLA
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
दिल्लीफीचर्ड

मैं जो देखकर लौटा, उसे कभी नहीं भूलूंगा’: जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल हुए अभिनेता अमोल पराशर, छात्रों की उम्मीद और संघर्ष की सुनाई आंखोंदेखी

The Hill India News
The Hill India News
July 22, 2026
संसद में आज फिर टकराव के आसार: काले कपड़ों में कांग्रेस का विरोध, मॉनसून सत्र के तीसरे दिन हंगामे की पूरी तैयारी
“हम कभी नहीं भूलेंगे…” चीन ने भारतीय सेना को कहा धन्यवाद, रिश्तों में नई गर्माहट का बड़ा संकेत
मौसम का महाप्रकोप: वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा चौथे दिन भी ठप, चारधाम यात्रा पर भी संकट; पहाड़ों में बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने बढ़ाई चिंता
गूगल प्ले स्टोर पर भी साइबर ठगी का जाल! फर्जी ऐप से लाखों की ठगी, Google इंडिया हेड पर केस दर्ज; जानिए कैसे बचें ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से
ट्रंप का बड़ा टैरिफ दांव: अमेरिकी बाजार में जेनेरिक दवाओं पर 200% शुल्क की तैयारी, भारत के फार्मा उद्योग के सामने नई चुनौती
CM थलापति विजय की पार्टी TVK का केंद्र पर बड़ा हमला, NEET परीक्षा रद्द व मेडिकल शिक्षा को राज्य सूची में शामिल करने की माँग
जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी डटे छात्र: JP नड्डा ने अस्पताल में वांगचुक से की मुलाकात, सड़क से संसद तक क्यों गरमाई नीट पेपर लीक पर सियासत?
दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में, पीएम आवास के बाहर धरना स्थल छावनी में तब्दील
हरिद्वार आम महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान: किसान उत्तराखंड की असली ताकत, एप्पल मिशन पर 80% सब्सिडी और ‘हिमालय ब्रांड’ से ग्लोबल पहचान
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?