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देहरादून: आसन नदी झूला पुल के नीचे मिला लापता डंपर चालक का शव, जेब से मिली सल्फास की गोली; क्षेत्र में सनसनी

देहरादून (उत्तराखंड)। राजधानी देहरादून के कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पिछले कुछ दिनों से लापता एक 32 वर्षीय युवक का शव रविवार को आसन नदी झूला पुल के नीचे बरामद हुआ। युवक की शिनाख्त महेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही दर्ज थी। शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस इसे जहरीले पदार्थ के सेवन से आत्महत्या का मामला मान रही है। घटना स्थल से पुलिस को संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद हुई हैं।

आसन नदी के पास मिला क्षत-विक्षत शव

जानकारी के अनुसार, रविवार को स्थानीय लोगों ने नया गांव चौकी पुलिस को सूचना दी कि आसन नदी झूला पुल के नीचे एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही कोतवाली पटेल नगर पुलिस की टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स मौके पर पहुंचे। शव की स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा रहा था कि मृत्यु कुछ दिन पहले हुई है। पुलिस ने तत्काल आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने शुरू किए।

20 मार्च से लापता था महेंद्र सिंह

पुलिस द्वारा की गई शिनाख्त में मृतक की पहचान 32 वर्षीय महेंद्र सिंह, पुत्र निवासी भूडपुर, नया गांव, देहरादून के रूप में हुई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, महेंद्र सिंह के परिजनों ने 20 मार्च को कोतवाली पटेल नगर में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिछले तीन दिनों से परिजन और पुलिस उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन रविवार को उसका शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया।

जेब से मिला ‘मौत का सामान’: फॉरेंसिक जांच जारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मोबाइल फॉरेंसिक वैन को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने घटनास्थल की बारीकी से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक ब्लेड और सल्फास की गोली बरामद हुई है। इन साक्ष्यों के मिलने के बाद पुलिस का प्राथमिक संदेह आत्महत्या की ओर गहरा गया है।

पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में भी जहरीले पदार्थ के सेवन से मृत्यु होने का संदेह जताया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, महेंद्र सिंह की मृत्यु लगभग 72 घंटे पहले (यानी लापता होने के कुछ समय बाद ही) हो चुकी थी।

बेरोजगारी और अवसाद बनी मौत की वजह?

कोतवाली पटेल नगर प्रभारी चंद्रभान अधिकारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने मृतक के परिजनों से विस्तृत पूछताछ की है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, महेंद्र सिंह पेशे से एक डंपर चालक था।

“परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ समय से महेंद्र के पास काम नहीं था। बेरोजगारी के कारण वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। आर्थिक तंगी और काम न होने की वजह से उसने अत्यधिक शराब का सेवन शुरू कर दिया था। संभवतः इसी अवसाद (Depression) के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया होगा।” – पुलिस अधिकारी

पुलिस की अग्रिम कार्रवाई

हालांकि प्राथमिक जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है, लेकिन पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या महेंद्र सिंह पर किसी प्रकार का कर्ज था या कोई अन्य बाहरी दबाव। पुलिस ने विसरा सुरक्षित रख लिया है ताकि जहरीले पदार्थ की सटीक पुष्टि हो सके।

विशेषज्ञों की राय: बढ़ता मानसिक तनाव और सुसाइड

राजधानी में बढ़ते सुसाइड के मामलों पर विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक असुरक्षा और बेरोजगारी युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे रही है। देहरादून पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि यदि परिवार में कोई सदस्य गुमसुम रहे या नशे का आदी हो जाए, तो उसे विशेषज्ञों की मदद दिलाएं।

पटेल नगर पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। फिलहाल, शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

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