
देहरादून | ब्यूरो उत्तराखंड के हजारों सरकारी नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने बहुप्रतीक्षित उत्तराखंड स्नातक स्तरीय परीक्षा (Graduate Level Exam) के लिए नई समय सारिणी जारी कर दी है। पिछले वर्ष पेपर लीक की भेंट चढ़ी इस परीक्षा को लेकर युवाओं में काफी अनिश्चितता बनी हुई थी, जिसे अब आयोग ने विराम दे दिया है।
नए कार्यक्रम के अनुसार, स्नातक स्तरीय भर्ती के विभिन्न पदों के लिए परीक्षाएं आगामी मई माह में आयोजित की जाएंगी। आयोग का यह कदम प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं की साख बचाने और युवाओं का विश्वास पुनः बहाल करने की दिशा में एक बड़ी कवायद माना जा रहा है।
21 सितंबर की घटना और CBI जांच का साया
विदित हो कि पूर्व में उत्तराखंड स्नातक स्तरीय परीक्षा 21 सितंबर 2025 को आयोजित की गई थी। परीक्षा सुचारू रूप से चल ही रही थी कि अचानक सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र के कुछ हिस्से वायरल होने की खबरें सामने आईं। देखते ही देखते इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश की लहर पैदा कर दी। हजारों अभ्यर्थियों ने सड़कों पर उतरकर परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और कड़े विरोध प्रदर्शन किए।
मामले की गंभीरता और युवाओं के भविष्य को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया था। सीएम धामी ने न केवल परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया, बल्कि इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) को मामला सौंपने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री के इस हस्तक्षेप के बाद ही आयोग ने पूरी प्रक्रिया को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नए सिरे से तैयार किया है।
परीक्षा का नया शेड्यूल: 3 मई और 17 मई को होगा रण
UKSSSC द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस बार भर्ती प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया गया है ताकि तकनीकी और सामान्य पदों की परीक्षाओं को कुशलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके:
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तकनीकी पद (Technical Posts): इन पदों के लिए परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की जाएगी।
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अन्य स्नातक स्तरीय पद: शेष सामान्य स्नातक स्तरीय पदों के लिए परीक्षा 17 मई 2026 को तय की गई है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में आवेदन किया था और परीक्षा में शामिल हुए थे, उन्हें ही इस पुन: परीक्षा (Re-exam) में बैठने का अवसर दिया जाएगा।
पेपर लीक रोकने का ‘ब्रह्मास्त्र’: अब टैब आधारित CBT मोड
भर्ती परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक के कलंक को धोने के लिए इस बार आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन किया है। परंपरागत ‘पेन-पेपर’ मोड को छोड़कर अब परीक्षा टैब आधारित CBT (Computer Based Test) मोड में आयोजित की जाएगी।
सीबीडीटी मोड के मुख्य लाभ:
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डिजिटल एनक्रिप्शन: प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने के कुछ मिनट पहले ही डिजिटल रूप से सक्रिय होंगे।
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नकल पर लगाम: प्रत्येक अभ्यर्थी के स्क्रीन पर प्रश्नों का क्रम अलग होगा, जिससे पास बैठे उम्मीदवारों से नकल की संभावना शून्य हो जाएगी।
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त्वरित परिणाम: डिजिटल मोड होने के कारण मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होगी और मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश कम रहेगी।
आयोग के सचिव का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा और निगरानी तंत्र को पहले के मुकाबले कई गुना मजबूत किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर जैमर और सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ बायोमेट्रिक उपस्थिति को भी अनिवार्य किया गया है।
कुल 57 पद और 5,872 दावेदार: कड़े मुकाबले के आसार
इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी विभागों में कुल 57 रिक्त पदों को भरा जाना है। पदों की संख्या कम होने के बावजूद इसके लिए आवेदकों की संख्या काफी अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, कुल 5,872 अभ्यर्थियों ने इन पदों के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।
आयोग के डेटा से पता चलता है कि सबसे अधिक आवेदन तकनीशियन और सर्वेयर के पदों के लिए आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकी पदों पर प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा रहने वाला है, जिसके लिए अभ्यर्थियों को कड़ी मेहनत और सटीकता की आवश्यकता होगी।
प्रशासनिक तैयारियां और आधिकारिक दिशा-निर्देश
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अभ्यर्थियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और एडमिट कार्ड (Admit Card) डाउनलोड करने के संबंध में जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।
आयोग की सलाह: परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार या ‘नकल माफिया’ के बहकावे में न आएं। परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी। आधिकारिक अपडेट के लिए नियमित रूप से UKSSSC की वेबसाइट चेक करते रहें।
निश्चित रूप से, यह परीक्षा केवल अभ्यर्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के लिए भी एक बड़ी अग्निपरीक्षा है। अगर आयोग इस बार बिना किसी विवाद के परीक्षा संपन्न कराने में सफल रहता है, तो यह राज्य की भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए एक नया और सुरक्षित मानक स्थापित करेगा।



