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मौसम का मिजाज: तपती गर्मी के बीच राहत की फुहार, दिल्ली-NCR से लेकर यूपी-बिहार तक बारिश का अलर्ट’

नई दिल्ली। मार्च के मध्य में ही सूरज के तल्ख तेवर ने उत्तर से दक्षिण भारत तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, इस भीषण गर्मी के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बड़ी राहत की खबर दी है। विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है और बारिश की बूंदें बढ़ते पारे पर ब्रेक लगा सकती हैं।

सक्रिय हो रहा है ‘पश्चिमी विक्षोभ’: गर्मी पर लगेगा लगाम

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, 14 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इस मौसमी बदलाव का असर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत पूरे मैदानी इलाकों में देखने को मिलेगा। इस विक्षोभ के प्रभाव से चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनेगा, जो अरब सागर से नमी लेकर आएगा और भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को सुकून देगा।

दिल्ली-NCR: 15 मार्च से बदलेगा आसमान का रंग

राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में पिछले कुछ दिनों से शुष्क मौसम और तेज धूप ने पसीने छुड़ा दिए हैं। मौसम विभाग (IMD) की मानें तो 15 मार्च से दिल्ली-NCR के आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।

  • बारिश का अनुमान: 15 से 17 मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

  • हवा की रफ्तार: इस दौरान दोपहर में 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

  • गर्जना और चमक: सुबह और दोपहर के वक्त मेघ गर्जना के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जो दिल्ली की हवा को भी साफ करने में मददगार साबित होंगी।


यूपी और बिहार: आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने का अलर्ट

मैदानी राज्यों में उत्तर प्रदेश और बिहार सबसे अधिक गर्मी की चपेट में हैं, लेकिन यहां भी राहत के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने इन दोनों राज्यों के लिए विशेष येलो अलर्ट जारी किया है।

उत्तर प्रदेश का हाल: यूपी में 15 और 16 मार्च को मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज हवाएं और आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

बिहार का पूर्वानुमान: बिहार में भी 15 मार्च के बाद मानसून पूर्व की गतिविधियों (Pre-monsoon activities) में तेजी आएगी। 17 मार्च तक राज्य के अधिकांश जिलों में आंधी और गरज के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है। तेज हवाओं के कारण यहां के तापमान में भी भारी गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लू (Loo) जैसी स्थिति से फिलहाल राहत मिलेगी।


पहाड़ों पर बर्फबारी और पूर्वोत्तर में भारी बारिश

मैदानी इलाकों में जहां बारिश की संभावना है, वहीं हिमालयी राज्यों में सर्दी एक बार फिर लौट सकती है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 15 से 18 मार्च तक हल्की बारिश के साथ ऊंची चोटियों पर बर्फबारी (Snowfall) का अलर्ट जारी किया गया है। इसका सीधा असर मैदानी इलाकों की हवाओं पर पड़ेगा और ठिठुरन महसूस की जा सकती है।

दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत में प्रकृति का अलग रूप देखने को मिल रहा है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में आज भी भारी बारिश की आशंका है। यहां 15 मार्च तक लगातार वर्षा का दौर जारी रहेगा, जिससे भूस्खलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।


मध्य और पश्चिम भारत: कहीं बारिश तो कहीं ‘हीटवेव’ का सितम

देश के मध्य भाग यानी छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। यहां भी पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय दबाव के कारण मौसम खुशनुमा बना रहेगा। हालांकि, मौसम विभाग ने किसानों को विशेष हिदायत दी है। पक कर तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है क्योंकि ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी हल्की आशंका बनी हुई है।

इन इलाकों में राहत नहीं: जहां आधा भारत बारिश का इंतजार कर रहा है, वहीं गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के लिए कोई राहत की खबर नहीं है। इन क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में हीटवेव (Heatwave) यानी लू का प्रकोप बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने यहां के निवासियों को दोपहर में बाहर निकलते समय सावधानी बरतने और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों की राय और स्वास्थ्य सलाह

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के महीने में इस तरह का उतार-चढ़ाव ‘एल नीनो’ और वैश्विक जलवायु परिवर्तन के असर के कारण देखा जा रहा है। अचानक तापमान गिरने और फिर बढ़ने से सर्दी-जुकाम और वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बारिश के दौरान भी स्वच्छ पानी का सेवन करें और अचानक आए मौसमी बदलाव के अनुसार अपने खान-पान में सावधानी बरतें।

कुल मिलाकर, आने वाला एक सप्ताह देश के एक बड़े हिस्से के लिए राहत भरा साबित होने वाला है। यदि आप वीकेंड (15-16 मार्च) पर बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो अपने साथ छाता रखना न भूलें, क्योंकि बादलों की गड़गड़ाहट और बारिश आपकी गर्मी की छुट्टी को खुशनुमा बना सकती है।

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