
मेरठ | पश्चिमी उत्तर प्रदेश के परिवहन इतिहास में आज का दिन ‘क्रांतिकारी’ साबित होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, रविवार को क्रांतिधरा मेरठ के दौरे पर रहेंगे, जहां वे क्षेत्र की जनता को आधुनिक बुनियादी ढांचे और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का अनूठा उपहार देंगे। दोपहर करीब 12:30 बजे, प्रधानमंत्री शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो (Meerut Metro) और नमो भारत ट्रेन (Namo Bharat Train) को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
यह केवल एक ट्रेन का उद्घाटन नहीं है, बल्कि यह दिल्ली-NCR के बीच की दूरियों को समेटने और लाखों लोगों के दैनिक जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री इस अवसर पर लगभग 12,930 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर: अब मिनटों में होगा सफर
प्रधानमंत्री मोदी आज 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह भारत की पहली रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (RRTS) परियोजना है, जो अब अपने पूर्ण परिचालन के करीब पहुंच गई है।
इस उद्घाटन के साथ ही कॉरिडोर के प्रमुख शेष खंडों पर परिचालन शुरू हो जाएगा:
-
दिल्ली खंड: सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच 5 किलोमीटर का महत्वपूर्ण खंड।
-
उत्तर प्रदेश खंड: मेरठ साउथ और मोदीपुरम के बीच 21 किलोमीटर का लंबा विस्तार।
Namo Bharat Train की सबसे बड़ी विशेषता इसकी गति है। 180 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ, यह भारत की पहली ऐसी क्षेत्रीय प्रणाली है जो साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों को सीधे दिल्ली से जोड़ेगी।
सराय काले खान: उत्तर भारत का सबसे बड़ा मल्टी-मॉडल हब
कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन, सराय काले खान, परिवहन के क्षेत्र में एक नए प्रतिमान के रूप में उभरा है। यह स्टेशन न केवल नमो भारत का प्रवेश द्वार है, बल्कि एक रणनीतिक मल्टी-मॉडल हब भी है।
-
यह सीधे तौर पर हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो (पिंक लाइन), और वीर हकीकत राय ISBT को जोड़ता है।
-
रिंग रोड के पास स्थित होने के कारण यात्री बिना किसी परेशानी के सड़क से रेल और मेट्रो में स्विच कर सकेंगे।
इसके अलावा मेरठ के तीन अन्य प्रमुख स्टेशन—शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम—भी आज से क्रियाशील हो जाएंगे, जिससे स्थानीय कनेक्टिविटी को जबरदस्त मजबूती मिलेगी।
मेरठ मेट्रो: देश की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली
प्रधानमंत्री मोदी आज मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन करेंगे, जो अपने आप में एक अनूठा तकनीकी चमत्कार है। मेरठ मेट्रो दुनिया की उन चुनिंदा प्रणालियों में से एक होगी जो RRTS (नमो भारत) के ही बुनियादी ढांचे और पटरियों पर संचालित होगी।
Meerut Metro की कुछ मुख्य विशेषताएं:
-
सर्वाधिक गति: लगभग 120 किमी/घंटा की परिचालन गति के साथ यह भारत की सबसे तेज मेट्रो होगी।
-
समय की बचत: यह मेट्रो सभी निर्धारित स्टेशनों पर रुकते हुए पूरी दूरी मात्र 30 मिनट में तय करेगी।
-
एकीकृत मॉडल: एक ही ट्रैक पर नमो भारत (लंबी दूरी) और मेरठ मेट्रो (शहर के भीतर) का चलना एकीकृत शहरी परिवहन की एक नई मिसाल कायम करेगा।
विकास और पर्यावरण: एक साथ दो लक्ष्य
प्रधानमंत्री द्वारा समर्पित यह Delhi-Meerut RRTS Corridor न केवल परिवहन की गति बढ़ाएगा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए भी निर्णायक होगा।
-
भीड़भाड़ से मुक्ति: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और पुराने राजमार्गों पर वाहनों का दबाव काफी कम होगा।
-
प्रदूषण में कमी: अनुमान के अनुसार, इस प्रणाली के पूर्ण संचालन से वाहनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन में भारी कमी आएगी, जो NCR के बिगड़ते वायु स्तर को सुधारने में मददगार होगा।
-
आर्थिक गलियारा: बेहतर कनेक्टिविटी के कारण मोदीनगर और मेरठ के आसपास नए औद्योगिक और शैक्षिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है।
आज का कार्यक्रम और संबोधन
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मेट्रो का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री मेरठ साउथ स्टेशन तक स्वयं मेट्रो का सफर करेंगे और सुविधाओं का जायजा लेंगे। इसके बाद दोपहर लगभग 1 बजे, वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ‘विकसित भारत 2047’ के विजन और उत्तर प्रदेश के बदलते बुनियादी ढांचे पर जोर देंगे।
मेरठ में नमो भारत और मेरठ मेट्रो का संगम भारत की आधुनिक इंजीनियरिंग का प्रमाण है। 12,930 करोड़ की इन परियोजनाओं से न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों का सफर सुधरेगा, बल्कि यह क्षेत्र व्यापार और निवेश के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभरेगा।



