
पश्चिम बंगाल में नई बीजेपी सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने इसे “नए बंगाल” की दिशा तय करने वाली शुरुआत बताया। बैठक के बाद सरकार की ओर से छह अहम निर्णयों की जानकारी दी गई, जिन पर अब पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।
सबसे पहले कैबिनेट ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों को शांतिपूर्ण और सफल तरीके से कराने के लिए मतदाताओं और भारत निर्वाचन आयोग का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में जनता और चुनाव आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में लोकतांत्रिक माहौल को और मजबूत करने के लिए काम करेगी।
कैबिनेट बैठक में बीजेपी के उन 321 कार्यकर्ताओं को भी श्रद्धांजलि दी गई, जिनकी राजनीतिक हिंसा में मौत होने का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यकर्ताओं के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा और उनकी सरकार पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में राजनीतिक हिंसा को खत्म करना उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया। राज्य सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। सरकार ने इस प्रक्रिया को अगले 45 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से बदल रही जनसांख्यिकी और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह कदम जरूरी है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सबसे बड़ा फैसला केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना को पश्चिम बंगाल में लागू करने का रहा। लंबे समय से राज्य में यह योजना लागू नहीं थी, लेकिन अब नई सरकार ने इसे औपचारिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब केंद्र सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं को राज्य में लागू किया जाएगा ताकि लोगों को सीधा लाभ मिल सके। आयुष्मान भारत योजना लागू होने से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
प्रशासनिक सुधारों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने उन नौकरशाहों की केंद्रीय ट्रेनिंग और तैनाती को मंजूरी दे दी है, जिन्हें पिछली सरकार के दौरान रोका गया था। इसके अलावा राज्य में अब तक पूरी तरह लागू नहीं हुई भारतीय न्याय संहिता यानी भारतीय न्याय संहिता को भी तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की गई। अब राज्य में दर्ज होने वाले सभी नए आपराधिक मामले नए कानूनों के तहत दर्ज किए जाएंगे।
रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। कैबिनेट ने माना कि वर्ष 2015 के बाद राज्य में बड़े स्तर पर सरकारी भर्ती नहीं हुई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों के अनुसार जल्द ही नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार विभिन्न विभागों में खाली पदों का आकलन कर रही है और युवाओं को रोजगार देने के लिए चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियां की जाएंगी।
पहली कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विकास, सुरक्षा, पारदर्शिता और सुशासन के एजेंडे पर काम करेगी। उन्होंने दावा किया कि यह फैसले पश्चिम बंगाल को नई दिशा देंगे और आने वाले समय में राज्य में बड़े बदलाव दिखाई देंगे। वहीं अब विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर भी सभी की नजर बनी हुई है।



