By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: बिहार में जमीन खरीद-बिक्री के नियम बदलेंगे, रजिस्ट्री से पहले मिलेगी जमीन की पूरी जानकारी
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > बिहार में जमीन खरीद-बिक्री के नियम बदलेंगे, रजिस्ट्री से पहले मिलेगी जमीन की पूरी जानकारी
देशफीचर्ड

बिहार में जमीन खरीद-बिक्री के नियम बदलेंगे, रजिस्ट्री से पहले मिलेगी जमीन की पूरी जानकारी

The Hill India News
Last updated: May 11, 2026 7:59 am
The Hill India News
Published: May 11, 2026
Share
SHARE

बिहार में जमीन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार एक नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। इस नई प्रणाली के तहत अब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले खरीददार को उस जमीन की पूरी “कुंडली” ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे जमीन से जुड़े विवाद, धोखाधड़ी और आपराधिक घटनाओं में कमी आएगी। नई व्यवस्था 15 मई से लागू हो सकती है और इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचलाधिकारियों (CO) को प्रशिक्षण भी दे दिया है।

नई व्यवस्था के अनुसार अब जमीन की खरीद-बिक्री से पहले आवेदन के साथ 13 प्रकार की जरूरी जानकारियां अपलोड करनी होंगी। इनमें जमीन के मालिक का नाम, खाता नंबर, खेसरा नंबर, रकबा, जमीन की प्रकृति, विक्रेता का पूरा विवरण और अन्य रिकॉर्ड शामिल होंगे। इन जानकारियों को ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज करने के बाद संबंधित अंचलाधिकारी 10 दिनों के भीतर उसकी जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही खरीददार यह तय कर सकेगा कि जिस जमीन को वह खरीद रहा है, उसकी जानकारी सही है या नहीं।

सरकार का उद्देश्य है कि खरीददार को पहले से ही यह स्पष्ट जानकारी मिल जाए कि जमीन विवादित तो नहीं है, उस पर किसी अन्य व्यक्ति का दावा तो नहीं है और विक्रेता वास्तव में उस जमीन का मालिक है या नहीं। इससे फर्जी रजिस्ट्री और धोखाधड़ी के मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। पिछले कुछ वर्षों में बिहार में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां भूमाफियाओं ने सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से दूसरे की जमीन बेच दी। कई बार असली मालिक को इसकी जानकारी तब मिलती है जब जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद शुरू हो जाता है।

बिहार में जमीन विवाद लंबे समय से गंभीर समस्या रहा है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े भी इस स्थिति की पुष्टि करते हैं। वर्ष 2024 में देशभर में हुए 2787 हत्या के मामलों में से 424 मामलों की वजह जमीन विवाद रही। इस सूची में बिहार पहले स्थान पर है, जबकि ओडिशा दूसरे और उत्तर प्रदेश तीसरे नंबर पर है। सरकार को उम्मीद है कि नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों में कमी आएगी और जमीन खरीदने वाले लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।

हालांकि इस नई व्यवस्था के सामने कई बड़ी चुनौतियां भी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में आखिरी व्यापक भूमि सर्वेक्षण 1970-71 में हुआ था। इसके बाद से बड़ी संख्या में जमीनों का रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाया। अनुमान है कि राज्य में लगभग 70 प्रतिशत जमीन आज भी पूर्वजों के नाम पर दर्ज है। ऐसे में जमीन का असली उपयोग करने वाले लोग और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज मालिक अलग-अलग होते हैं। कई मामलों में दादा या पिता के नाम की जमीन को बेटे या पोते बेचते हैं, जिससे कानूनी जटिलताएं पैदा होती हैं।

जानकारों का मानना है कि जब तक राज्य में नया भूमि सर्वेक्षण और रिकॉर्ड अपडेट का काम पूरा नहीं होगा, तब तक यह पहल पूरी तरह सफल नहीं हो पाएगी। फिर भी सरकार इसे जमीन खरीद-बिक्री प्रक्रिया में बड़ा सुधार मान रही है। नई व्यवस्था से कम से कम खरीददार को पहले से जमीन की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी और वह सोच-समझकर फैसला ले पाएगा।

सरकार का दावा है कि डिजिटल सत्यापन प्रणाली लागू होने के बाद जमीन के मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, कोर्ट में लंबित विवाद कम होंगे और आम लोगों को राहत मिलेगी। अगर यह व्यवस्था सही तरीके से लागू होती है, तो बिहार में जमीन से जुड़े अपराधों और विवादों को कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

You Might Also Like

नई दिल्ली : सैनिकों की तरह हमारे किसानों का जज्बा भी बहुत ऊंचा- केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
न खेतों में पानी, न नलों में राहत: सिंधु जल संधि नकार कर भारत ने कैसे कसा पाकिस्तान पर शिकंजा
उत्तराखण्ड: वर्ष 2025 तक ड्रग्स फ्री देवभूमि का लक्ष्य हासिल करना है : सीएम धामी
UP: निकाय चुनाव में 391 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देकर BJP ने चौंकाया
Uttarakhand: सिलक्यारा सुरंग में 32 मीटर तक पहुंची पाइप, एक्सपर्ट बोले! “सब ठीक रहा तो… दिनों में मजदूर बाहर”
TAGGED:Bihar governmentBihar Land RulesLand RegistryLand Selling
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर नैनीताल जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार; डीएम का सख्त आदेश- अतिरिक्त शुल्क लौटाएं या एडजस्ट करें, उल्लंघन पर 5 लाख तक जुर्माना

The Hill India News
The Hill India News
June 27, 2026
अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च व पुनीत कार्य, जनभागीदारी से इसे राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाना आवश्यक: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा
फीफा वर्ल्ड कप 2026: डेम्बेले की खौफनाक हैट्रिक से फ्रांस ने नॉर्वे को उड़ाया, सेनेगल ने इराक को 5-0 से रौंदकर जिंदा रखीं उम्मीदें
अलीगढ़ में AIMIM नेता का खौफनाक एलान, BJP नेता नाजिया इलाही की जुबान काटने वाले को 1 लाख का इनाम
रुड़की में मामा की बेटी से लव मैरिज की खौफनाक सजा, सगे मामा ने बीच बाजार भांजे को चाकुओं से गोदकर मार डाला
मध्य भारत को पार कर यूपी-उत्तराखंड की ओर बढ़ा मानसून, मुंबई में भारी आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम
वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों में आए दो शक्तिशाली भूकंप, राजधानी काराकास में इमारतें जमींदोज, सुनामी का हाई अलर्ट
हरिद्वार में बड़ा हादसा टला: BHEL क्षेत्र में नर्सिंग छात्राओं से भरी कॉलेज बस का CNG सिलेंडर लीक, मची अफरा-तफरी
डिजिटल गवर्नेंस की ओर देहरादून के बढ़ते कदम: सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह ‘पेपरलेस’ बनाने की तैयारी, अफसरों को मिला ई-ऑफिस का व्यावहारिक पाठ
उत्तराखंड में हाई अलर्ट: चारधाम समेत धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी, अभेद्य किले में तब्दील हुए केदारनाथ-बदरीनाथ; सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?