Sukhbir Singh Badal Attack: महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित हजूर साहिब गुरुद्वारे में पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने हमले के आरोपी निहंग जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक रोहन नीलाभ के मुताबिक, आरोपी पिछले करीब दो साल से नांदेड़ में रह रहा था और गुरुद्वारे में सेवादार के तौर पर काम करता था। हमले के दौरान उसने कृपाण का इस्तेमाल किया। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उसने सुखबीर सिंह बादल को निशाना क्यों बनाया और हमले के पीछे उसका वास्तविक मकसद क्या था।
नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के बाद इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वह शख्स कौन था, जिसने गुरुद्वारे जैसे धार्मिक परिसर में सुरक्षा के बीच सुखबीर बादल पर हमला करने की कोशिश की? पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी की पहचान जसपाल सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, जसपाल सिंह कोई बाहरी व्यक्ति नहीं था। वह पिछले करीब दो साल से नांदेड़ में रह रहा था और गुरुद्वारे में सेवादार के तौर पर काम कर रहा था। ऐसे में पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि वह सुरक्षा व्यवस्था के बीच किस तरह सुखबीर बादल के इतने करीब पहुंचा और उसे हमला करने का मौका कैसे मिला।
कौन है आरोपी जसपाल सिंह?
नांदेड़ के एसपी रोहन नीलाभ ने आरोपी की पहचान जसपाल सिंह के रूप में की है। बताया जा रहा है कि वह बुजुर्ग निहंग है और पिछले करीब दो वर्षों से नांदेड़ में रह रहा था। वह गुरुद्वारे में सेवादार के तौर पर काम कर रहा था।
पुलिस ने घटना के तुरंत बाद जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमले की योजना पहले से बनाई गई थी या फिर उसने अचानक इस वारदात को अंजाम दिया।
हमले के लिए कृपाण का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। घटना के बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल स्थिति को संभाला और आरोपी को काबू में ले लिया।
हमले के बाद सामने आया वीडियो
हमले के बाद का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हाथापाई के दौरान आरोपी जसपाल सिंह की पगड़ी खुली हुई दिखाई दे रही है। वीडियो में एक व्यक्ति उसकी पगड़ी दोबारा बांधता नजर आ रहा है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो घटना के तुरंत बाद का है। वीडियो सामने आने के बाद आरोपी की पहचान और घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस अब घटनास्थल के CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम को क्रमवार समझा जा सके।
सुखबीर बादल को कैसे बनाया गया निशाना?
बताया गया कि सुखबीर सिंह बादल नांदेड़ के हजूर साहिब गुरुद्वारे में मौजूद थे। इसी दौरान आरोपी ने उन पर कृपाण से हमला करने की कोशिश की।
सुखबीर बादल की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और हमलावर को पकड़ लिया। इस दौरान एक सुरक्षाकर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
सुखबीर सिंह बादल को भी चोट लगी, लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई गई है। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया गया कि वह खुद चलकर अस्पताल के अंदर गए।
घटना के वक्त उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल भी मौजूद थीं।
हमले के पीछे क्या था मकसद?
पुलिस की जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि जसपाल सिंह ने हमला क्यों किया?
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और हमले का स्पष्ट मकसद सामने नहीं आया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी की किसी राजनीतिक, व्यक्तिगत या अन्य वजह से सुखबीर सिंह बादल से नाराजगी थी या फिर हमला किसी दूसरे कारण से किया गया।
जांच एजेंसियां आरोपी की पृष्ठभूमि, उसके संपर्कों और पिछले कुछ समय की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटा सकती हैं। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपी ने घटना से पहले किसी व्यक्ति से संपर्क किया था या हमले की कोई पूर्व योजना बनाई थी।
जब तक पुलिस जांच पूरी नहीं करती, तब तक हमले के पीछे किसी निश्चित कारण का दावा करना जल्दबाजी होगी।
महाराष्ट्र सरकार ने तुरंत लिया संज्ञान
घटना की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से फोन पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री की ओर से पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार यह भी पता लगाने में जुटी है कि सुखबीर बादल की सुरक्षा में किसी तरह की चूक हुई थी या नहीं।
महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने भी घटना को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह सुरक्षा में चूक का मामला है या नहीं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जांच के आदेश दिए गए हैं और नांदेड़ के एसपी तथा कलेक्टर से जानकारी ली गई है।
सुखबीर सिंह बादल को Z श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि इतनी सुरक्षा के बावजूद हमलावर उनके करीब कैसे पहुंचा।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर इसलिए क्योंकि हमला किसी सुनसान जगह पर नहीं बल्कि एक प्रमुख धार्मिक स्थल पर हुआ, जहां सुखबीर सिंह बादल धार्मिक गतिविधि के लिए पहुंचे थे।
अब जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी होगा कि कार्यक्रम और गुरुद्वारे के परिसर में सुरक्षा का प्रोटोकॉल क्या था। क्या वहां मौजूद लोगों की पर्याप्त जांच की गई थी? क्या हथियार लेकर आरोपी इतनी आसानी से अंदर पहुंच गया? क्या सुरक्षा कर्मियों को पहले से किसी संभावित खतरे की जानकारी थी?
इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
आरोपी की गिरफ्तारी से टली बड़ी घटना
घटना के दौरान सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के कारण हमलावर को तुरंत काबू कर लिया गया। अगर सुरक्षाकर्मी समय पर बीच में नहीं आते तो घटना और गंभीर हो सकती थी।
यही वजह है कि अब पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ सुरक्षा में तैनात जवानों की भूमिका और घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।
पुलिस की जांच में खुलेंगे कई राज
फिलहाल जसपाल सिंह पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह सुखबीर बादल के कार्यक्रम के बारे में पहले से जानता था या नहीं।
इसके साथ ही आरोपी की पिछले दो वर्षों की गतिविधियों और गुरुद्वारे में उसकी भूमिका की भी जानकारी जुटाई जा रही है। उसके परिचितों और संपर्कों के बारे में भी जांच की जा सकती है।
CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल- हमला क्यों किया गया?
सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने वाला जसपाल सिंह पुलिस की गिरफ्त में है। उसकी पहचान भी सामने आ चुकी है और यह भी पता चला है कि वह पिछले करीब दो साल से नांदेड़ में रह रहा था तथा गुरुद्वारे में सेवादार के रूप में काम करता था।
लेकिन इस पूरी घटना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अभी भी सामने आनी बाकी है—आखिर हमला करने की वजह क्या थी?
क्या यह अचानक किया गया हमला था या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी? क्या आरोपी की किसी व्यक्ति या संगठन से मिलीभगत थी? क्या उसके पास हमले का कोई खास मकसद था? या फिर इसके पीछे कोई व्यक्तिगत कारण था?
इन सवालों का जवाब पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही मिल सकेगा।
फिलहाल सुखबीर सिंह बादल की हालत स्थिर बताई जा रही है और आरोपी जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब जांच की दिशा पूरी तरह हमले के मकसद, सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक और आरोपी की पृष्ठभूमि पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच से इस हमले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
