By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: शेयर बाजार में मचा हाहाकार! सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 23,000 के करीब; कच्चे तेल और US-Iran तनाव ने बढ़ाई चिंता
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > शेयर बाजार में मचा हाहाकार! सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 23,000 के करीब; कच्चे तेल और US-Iran तनाव ने बढ़ाई चिंता
देशफीचर्ड

शेयर बाजार में मचा हाहाकार! सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 23,000 के करीब; कच्चे तेल और US-Iran तनाव ने बढ़ाई चिंता

The Hill India News
Last updated: September 28, 2026 5:05 am
The Hill India News
Published: September 28, 2026
Share
SHARE

Stock Market Crash 28 September 2026: सितंबर के आखिरी सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर रही। सोमवार, 28 सितंबर को कारोबारी सत्र शुरू होते ही घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा टूट गया। निफ्टी 50 में भी करीब 1.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेज गिरावट के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिका-ईरान तनाव, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। इससे पहले भारतीय बाजार लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ था और नए सप्ताह में भी दबाव बना हुआ है।

Contents
बाजार खुलते ही लाल निशान में पहुंचे सेंसेक्स-निफ्टीसबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों सेविदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बढ़ाया दबावनिफ्टी के ज्यादातर शेयरों में बिकवालीरियल्टी, ऑटो और फाइनेंशियल शेयर भी दबाव मेंएशियाई बाजारों से भी नहीं मिला मजबूत सहाराआगे किन चीजों पर रहेगी बाजार की नजर?

बाजार खुलते ही लाल निशान में पहुंचे सेंसेक्स-निफ्टी

सोमवार सुबह कारोबार शुरू होने के कुछ ही देर बाद बाजार में बिकवाली तेज हो गई। करीब 9:43 बजे बीएसई सेंसेक्स 901.59 अंक यानी 1.22 फीसदी की गिरावट के साथ 72,994.16 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 282.85 अंक यानी 1.22 फीसदी टूटकर 22,857.65 के आसपास पहुंच गया। बाजार की इस शुरुआती गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

दरअसल, इससे पहले शुक्रवार को सेंसेक्स में कुछ सुधार देखने को मिला था, लेकिन पूरे सप्ताह के स्तर पर दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगातार सातवें सप्ताह कमजोरी रही। शुक्रवार को सेंसेक्स 73,895.74 और निफ्टी 23,140.50 पर बंद हुए थे। ऐसे में सोमवार को बाजार खुलते ही आई तेज गिरावट ने पहले से कमजोर निवेश धारणा पर और दबाव डाल दिया।

सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों से

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार की गिरावट का एक बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशक तेल की आपूर्ति को लेकर चिंतित हैं। सोमवार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि WTI क्रूड भी 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ था।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। तेल महंगा होने पर आयात बिल बढ़ने का दबाव रहता है, जिसका असर रुपये, महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। यही वजह है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड तेजी से ऊपर जाता है तो भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है।

सोमवार को तेल की कीमतों में तेजी को अमेरिका-ईरान तनाव से भी जोड़कर देखा गया। बाजार रिपोर्टों के मुताबिक ईरान की ओर से संघर्ष समाप्त करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने से जुड़ी पेशकश पर अमेरिका की ओर से सकारात्मक संकेत नहीं मिलने के बाद तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ी।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बढ़ाया दबाव

बाजार में गिरावट का दूसरा बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली है। NSE के आंकड़ों के अनुसार 25 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में 3,693.93 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) 2,838.17 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे।

सितंबर में भी विदेशी पूंजी का बहिर्वाह बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बाजार रिपोर्टों के मुताबिक ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, महंगा कच्चा तेल और वैश्विक स्तर पर बढ़ी अनिश्चितता विदेशी निवेशकों के रुख को प्रभावित कर रही है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने कुछ हद तक इस दबाव को संतुलित किया है, लेकिन विदेशी बिकवाली का असर प्रमुख सूचकांकों पर दिखाई दे रहा है।

निफ्टी के ज्यादातर शेयरों में बिकवाली

सोमवार को निफ्टी 50 के कई प्रमुख शेयरों में दबाव देखने को मिला। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और श्रीराम फाइनेंस जैसे शेयरों में गिरावट रही। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार के दबाव को बढ़ाया।

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई बड़े शेयर कमजोर रहे। जब बाजार की बड़ी कंपनियों में एक साथ बिकवाली होती है तो इसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों पर पड़ता है।

रियल्टी, ऑटो और फाइनेंशियल शेयर भी दबाव में

सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो रियल्टी शेयरों में खासा दबाव दिखाई दिया। इसके अलावा सीमेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, ऑटो और एफएमसीजी से जुड़े शेयर भी कमजोरी के साथ कारोबार करते नजर आए। व्यापक बाजार में भी बिकवाली का असर देखने को मिला।

ऐसे माहौल में निवेशक आम तौर पर जोखिम वाले शेयरों में अपनी पोजीशन कम करने लगते हैं और बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। सोमवार की गिरावट में भी यही रुझान दिखाई दिया, जहां कई सेक्टर एक साथ दबाव में आ गए।

एशियाई बाजारों से भी नहीं मिला मजबूत सहारा

भारतीय बाजार को सोमवार को एशियाई बाजारों से भी मजबूत सकारात्मक संकेत नहीं मिले। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर अनिश्चितता के बीच एशियाई बाजारों में मिलेजुले रुझान देखने को मिले। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में कमजोरी रही, जबकि जापान के बाजार में बढ़त देखने को मिली। ऐसे मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय बाजार पहले से मौजूद घरेलू दबावों के कारण संभल नहीं पाया।

इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में ऊंचा स्तर भी उभरते बाजारों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। अमेरिकी बॉन्ड पर बेहतर रिटर्न मिलने की स्थिति में वैश्विक निवेशकों के लिए उभरते बाजारों की तुलना में अमेरिकी परिसंपत्तियां आकर्षक हो सकती हैं। इससे विदेशी पूंजी के प्रवाह पर दबाव पड़ने की संभावना रहती है।

आगे किन चीजों पर रहेगी बाजार की नजर?

अब निवेशकों की नजर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान तनाव, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, रुपये की चाल और वैश्विक बॉन्ड यील्ड पर रहेगी। इसके साथ ही अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े और केंद्रीय बैंक से जुड़ी उम्मीदें भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं।

फिलहाल सोमवार की शुरुआती गिरावट ने बाजार में अस्थिरता को एक बार फिर सामने ला दिया है। खास तौर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया के तनाव का असर भारतीय बाजार की धारणा पर साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को कुछ सहारा दे रही है, लेकिन विदेशी बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों की नजर आगे के कारोबारी सत्रों पर बनी रहेगी।

यानी सोमवार की सुबह बाजार में आई तेज गिरावट के पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारकों का एक साथ असर दिखाई दे रहा है। महंगा क्रूड, अमेरिका-ईरान तनाव, विदेशी पूंजी की निकासी और कमजोर वैश्विक संकेतों ने मिलकर सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बढ़ाया। अब बाजार की दिशा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में क्या रुख रहता है।

You Might Also Like

उत्तराखण्ड : गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सौरभ बहुगुणा ने एच.डी.एफ.सी. बैंक के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
वंदे मातरम को राष्ट्रगान जैसा दर्जा देने की तैयारी, मोदी कैबिनेट के फैसले से देशभर में नई बहस
पद्मश्री प्रो. डॉ. बी.के.एस. संजय बने एम्स गुवाहाटी के अध्यक्ष नामित
मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी पर अड़े अन्नदाता: भोपाल में सड़कों पर रात गुजारने के बाद आज फिर सीएम हाउस घेराव की तैयारी
रुद्रप्रयाग में गुलदार का खौफ: 5 साल के मासूम को निवाला बना ले गया आदमखोर, आक्रोश में ग्रामीण, सवालों के घेरे में सिस्टम
TAGGED:Crude OilNiftySensexShare MarketUS Iran Tensions
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्डबॉलीवुड

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के 6 साल बाद फिर उठे सवाल! बहन श्वेता का दावा- ‘पैर टूटा था, आंखों पर चोट थी’, पोस्टमॉर्टम को लेकर कही बड़ी बात

The Hill India News
The Hill India News
September 28, 2026
शेयर बाजार में मचा हाहाकार! सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 23,000 के करीब; कच्चे तेल और US-Iran तनाव ने बढ़ाई चिंता
बारिश ने रोका भारत-अफगानिस्तान मुकाबला, बिना गेंद खेले सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया; 1 अक्टूबर को अगला मैच
लालकुआं में महिला आत्महत्या मामले का बड़ा खुलासा! आपत्तिजनक फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करने वाला आरोपी आशिक अली गिरफ्तार, मोबाइल बरामद
बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत! आज से तीन दिन नहीं होगी देशव्यापी हड़ताल, IBA-UFBU की बातचीत के बाद टला आंदोलन
उत्तरकाशी में बर्फबारी का कहर! गोमुख-तपोवन में फंसे 121 ट्रेकर सुरक्षित निकाले गए, 136 पर्वतारोहियों के लिए 3 हेलीकॉप्टर रवाना; दो दिन बाद फिर शुरू हुई चारधाम यात्रा
‘गुगली मास्टर’ हरीश रावत की अगली गेंद कहां गिरेगी? त्रिवेंद्र सिंह रावत के तंज से गरमाई हरिद्वार की सियासत
‘उत्तराखंड को दूसरा नेपाल मत बनाओ’, किशाऊ बांध के खिलाफ सड़कों पर उतरे 20 गांवों के लोग; बोले- पहले हमारी जमीन और विरासत बचाओ
ED के दरवाजे पर गले में मां की तस्वीर लेकर पहुंचे हरीश रावत, 2016 भर्ती घोटाले की जांच में पूछताछ; जानिए पूरा मामला
कभी मैदान पर था जलवा, आज कोई टैक्सी चला रहा तो कोई बस स्टॉप साफ कर रहा; विनोद कांबली समेत इन 8 क्रिकेटरों की जिंदगी ने बदली करवट
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?