लालकुआं: उत्तराखंड के लालकुआं में विवाहिता महिला की आत्महत्या से जुड़े ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, महिला को आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जा रहा था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी आशिक अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसके कब्जे से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो से संबंधित गतिविधियों में किया गया था।
इस मामले में महिला के पति को कथित तौर पर धमकी देने के आरोप में नामजद दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी की जा रही है।
6 अगस्त को महिला ने की थी आत्महत्या
पुलिस के मुताबिक, 6 अगस्त 2026 को लालकुआं निवासी एक महिला ने आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद महिला के पिता ने लालकुआं थाने में तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में महिला को ब्लैकमेल किए जाने और मानसिक रूप से परेशान करने की बात कही गई थी।
तहरीर के अनुसार, महिला का अपने पति के हेल्पर आशिक अली से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क था। आरोप है कि आशिक अली का महिला के घर भी आना-जाना था। इसी संपर्क का फायदा उठाकर उसने महिला को अपने कथित जाल में फंसाया और आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो बना लिए।
परिजनों का आरोप था कि इन्हीं फोटो और वीडियो के जरिए महिला को लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था। इसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मोबाइल फोन से सामने आए अहम सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस टीम ने मोबाइल फोन और मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में पुलिस टीम ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी आशिक अली को चिन्हित किया। इसके बाद पुलिस ने 26 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया गया था। बरामद मोबाइल फोन को जांच में शामिल कर पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
पति को धमकी देने का भी आरोप
मामले में केवल ब्लैकमेलिंग के आरोप ही नहीं हैं, बल्कि महिला के पति को कथित तौर पर धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, कानूनी कार्रवाई करने पर महिला के पति को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
इसी आधार पर पुलिस ने मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, साहिब अली और देवेश गंगवार के संबंध में लगाए गए आरोपों और उनकी भूमिका की जांच जारी है।
दोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस पूरे मामले में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।
पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच में तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ शिकायतकर्ता और अन्य संबंधित लोगों से मिली जानकारी को भी शामिल किया जा रहा है। बरामद मोबाइल फोन की जांच से मामले में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो किस तरह बनाए गए, उन्हें किस माध्यम से भेजा गया और महिला को किस प्रकार परेशान या ब्लैकमेल किया गया। इसके अलावा फरार आरोपियों की भूमिका और महिला के पति को दी गई कथित धमकी की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और मोबाइल फोन बरामद होने के बाद मामले की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई है। वहीं, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
लालकुआं का यह मामला डिजिटल माध्यम से ब्लैकमेलिंग और उससे जुड़े गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। पुलिस अब मामले में सामने आए सभी तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों को जोड़कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
