By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: सरहद पर जवानों के बीच पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीन सीमा पर मनाई दिवाली; बोले- आधुनिक तकनीक से बड़ी सैनिकों की हिम्मत और अनुशासन की ताकत!
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > सरहद पर जवानों के बीच पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीन सीमा पर मनाई दिवाली; बोले- आधुनिक तकनीक से बड़ी सैनिकों की हिम्मत और अनुशासन की ताकत!
देशफीचर्ड

सरहद पर जवानों के बीच पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीन सीमा पर मनाई दिवाली; बोले- आधुनिक तकनीक से बड़ी सैनिकों की हिम्मत और अनुशासन की ताकत!

The Hill India News
Last updated: November 8, 2026 10:55 am
The Hill India News
Published: November 8, 2026
Share
SHARE

नाथू ला के पास शेरा थांग युद्ध स्मारक पहुंचकर 1967 के भारत-चीन युद्ध के अमर बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ भी रहे मौजूद; जवानों को मिठाई खिलाकर बढ़ाया हौसला, कहा- सैनिकों के त्याग और समर्पण से रोशन होती है देश की दिवाली

देहरादून/सिक्किम: देशभर में जहां लोग अपने परिवारों और प्रियजनों के साथ दीपावली का पावन पर्व मना रहे हैं, वहीं भारतीय सेना के हजारों जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में डटे हुए हैं। कोई बर्फीली पहाड़ियों पर तैनात है तो कोई शून्य से नीचे तापमान में देश की सीमाओं की निगरानी कर रहा है। इन वीर जवानों के त्याग, समर्पण और देशभक्ति को सम्मान देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बार दिवाली का त्योहार सीमा पर तैनात सैनिकों के साथ मनाया। रक्षा मंत्री सिक्किम में भारत-चीन सीमा के निकट शेरा थांग पहुंचे, जहां उन्होंने सेना के अधिकारियों और जवानों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। इस दौरान उन्होंने 1967 के भारत-चीन संघर्ष में सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और जवानों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का यह दौरा केवल दीपावली की शुभकामनाएं देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए उन्होंने भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और एकजुटता का संदेश भी दिया। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक दौर में युद्ध लड़ने के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। सेना के पास अत्याधुनिक हथियार और तकनीक होना बेहद जरूरी है, लेकिन इन सबसे ऊपर सैनिकों का साहस, अनुशासन और समर्पण है। तकनीक कितनी भी आधुनिक क्यों न हो जाए, सैनिकों के मनोबल और अनुशासन का कोई विकल्प नहीं हो सकता।

भारत-चीन सीमा पर जवानों के बीच पहुंचे रक्षा मंत्री

दीपावली के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को सिक्किम के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भारत-चीन सीमा क्षेत्र पहुंचे। वह पश्चिम बंगाल के सुकना आर्मी बेस से हेलीकॉप्टर के जरिए शेरा थांग पहुंचे। इस दौरान उनके साथ थल सेनाध्यक्ष (COAS) जनरल धीरज सेठ और सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

शेरा थांग में तैनात जवानों के बीच पहुंचकर रक्षा मंत्री ने उनसे मुलाकात की और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सैनिकों के साथ समय बिताया और उनके अनुभवों को भी जाना। सीमा पर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और बेहद कम तापमान के बीच देश की सुरक्षा में जुटे जवानों के प्रति उन्होंने सम्मान व्यक्त किया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि जब देश के नागरिक अपने घरों में दीप जलाकर त्योहार मनाते हैं, तब भारतीय सैनिक सीमाओं पर मुस्तैद रहकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। जवानों की इसी जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा के कारण देशवासी बिना किसी भय के अपने त्योहार मना पाते हैं।

शेरा थांग युद्ध स्मारक पर 1967 के वीर शहीदों को नमन

सिक्किम पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शेरा थांग युद्ध स्मारक पर पहुंचकर 1967 के भारत-चीन संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय सेना के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नाथू ला और चो ला क्षेत्रों में हुए संघर्ष के दौरान भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और बहादुरी का परिचय दिया था। इन वीर सैनिकों का बलिदान भारतीय सैन्य इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है।

राजनाथ सिंह ने युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए वीर शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि शेरा थांग युद्ध स्मारक केवल पत्थरों से बनी एक संरचना नहीं है, बल्कि यह भारतीय सैनिकों के साहस, शौर्य, देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि 1967 में नाथू ला और चो ला में भारतीय सेना के जवानों ने जिस वीरता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। देश अपने इन वीर सपूतों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सैनिकों की वीरता भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है।

‘जवानों का त्याग ही देश की दिवाली को रोशन करता है’

सीमा पर तैनात सैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दीपावली के पर्व को जवानों के त्याग और समर्पण से जोड़ते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देशभर में लोग जिस शांति और सुरक्षा के साथ दीपावली का त्योहार मना रहे हैं, उसके पीछे हमारे सैनिकों की मेहनत, सतर्कता और बलिदान है।

उन्होंने जवानों के साहस की तुलना दीपावली के दीये से करते हुए कहा कि जिस तरह एक छोटा-सा दीया अंधेरे को दूर कर रोशनी फैलाता है, उसी तरह सीमा पर तैनात प्रत्येक सैनिक पूरे देश में सुरक्षा और विश्वास का प्रकाश फैलाता है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सैनिक अपने परिवारों से दूर रहकर देश की रक्षा का दायित्व निभाते हैं। त्योहारों के अवसर पर जब हर व्यक्ति अपने घर लौटने और परिवार के साथ खुशियां बांटने की इच्छा रखता है, तब हमारे जवान अपनी व्यक्तिगत खुशियों से ऊपर उठकर राष्ट्र की सेवा को प्राथमिकता देते हैं। उनका यह समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणा है।

इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने जवानों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई और उनके साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने सैनिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा का हमेशा ऋणी रहेगा।

आधुनिक तकनीक से ज्यादा जरूरी है सैनिकों का अनुशासन और साहस

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में आधुनिक युद्ध प्रणाली और सैन्य तकनीक के बदलते स्वरूप पर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में युद्ध लड़ने के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। आधुनिक हथियार, निगरानी प्रणाली, संचार तकनीक और अन्य सैन्य उपकरण सेना की क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सेना की वास्तविक ताकत केवल उसके हथियारों या आधुनिक तकनीक से तय नहीं होती। सैनिकों का साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और देश के प्रति समर्पण ही सेना की असली पहचान है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि तकनीक कितनी भी आधुनिक और उन्नत क्यों न हो जाए, यदि सैनिकों में साहस और अनुशासन की कमी है तो उसका पूरा लाभ नहीं मिल सकता। भारतीय सेना की सबसे बड़ी ताकत उसके जवानों का अनुशासन और एक-दूसरे के प्रति विश्वास है।

उन्होंने सैनिकों को प्रेरित करते हुए कहा कि भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा केवल हथियारों और सैन्य अभियानों से नहीं बनी है, बल्कि इसके पीछे पीढ़ियों से चले आ रहे त्याग, बलिदान और कर्तव्यनिष्ठा की भावना है। यही भावना भारतीय सेना को दुनिया की सबसे सम्मानित सेनाओं में शामिल करती है।

अलग-अलग राज्यों के सैनिक, लेकिन संकल्प एक- भारत माता की रक्षा

रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना की एकता और विविधता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में देश के अलग-अलग राज्यों, भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों से आने वाले जवान शामिल हैं। सभी की पृष्ठभूमि अलग हो सकती है, लेकिन जब बात देश की सुरक्षा की आती है तो सभी का संकल्प एक हो जाता है।

सीमा पर तैनात जवान एक परिवार की तरह मिलकर काम करते हैं। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करना है। यही एकजुटता और आपसी विश्वास भारतीय सेना को मजबूत बनाता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते। ऊंचे पहाड़, बर्फीली चोटियां, खराब मौसम और दुर्गम रास्ते भी उनके हौसले को कमजोर नहीं कर पाते। देश की सुरक्षा के लिए उनका समर्पण ही सेना की सबसे बड़ी पूंजी है।

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ भी रहे मौजूद

रक्षा मंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों ने शेरा थांग में तैनात सैन्य अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में रक्षा मंत्री ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और जवानों की तैनाती से जुड़ी परिस्थितियों का भी जायजा लिया।

इस दौरान जवानों के साथ दीपावली मनाकर उन्होंने यह संदेश दिया कि देश का नेतृत्व सीमा पर तैनात सैनिकों के योगदान और उनकी कठिनाइयों को समझता है। सेना के जवानों का मनोबल ऊंचा रखना और उनके समर्पण को सम्मान देना राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।

सीमा पर जलते दीये, देश के लिए सैनिकों का सबसे बड़ा संदेश

दीपावली का त्योहार अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का सीमा पर जवानों के साथ दिवाली मनाना सैनिकों के त्याग और राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।

जब देश के करोड़ों लोग घरों में दीप जलाकर खुशियां मना रहे हैं, तब सीमा पर खड़े जवान अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके लिए देश की सुरक्षा ही सबसे बड़ा कर्तव्य और राष्ट्रसेवा ही सबसे बड़ा उत्सव है।

राजनाथ सिंह ने अपने संदेश के माध्यम से स्पष्ट किया कि भारतीय सेना की असली ताकत केवल आधुनिक हथियारों और तकनीक में नहीं, बल्कि उसके जवानों के मजबूत इरादों, अनुशासन, साहस और एकजुटता में है। देश की सुरक्षा के लिए हर परिस्थिति में डटे रहने वाले इन वीर जवानों को दीपावली पर पूरा देश सलाम कर रहा है।

You Might Also Like

Delhi Air Pollution: दिल्ली के प्रदूषण से परेशान होकर जयपुर गईं सोनिया गांधी, द्वारका में 490 पहुंचा एक्यूआई
बिहार चुनाव से पहले प्रशांत किशोर का बड़ा दांव: जन सुराज की दूसरी सूची जारी, छह ‘पासवान’ उम्मीदवारों से लोजपा के खेमे में हलचल
Uttarakhand: धामी ने दी प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें, ‘समान नागरिक संहिता’ की ड्राफ्ट रिपोर्ट मिलेगी जल्द
हैदराबाद : जगन मोहन रेड्डी ने अदाणी समूह पर लगे आरोपों को किया खारिज..
उत्तराखण्ड: “ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023” के अंतर्गत, बेंगलुरु में 4600 करोड़ रुपये के MOU साइन किए गए
TAGGED:DiwaliIndia China BorderIndian ArmyRajnath SinghSikkim
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

सरहद पर जवानों के बीच पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीन सीमा पर मनाई दिवाली; बोले- आधुनिक तकनीक से बड़ी सैनिकों की हिम्मत और अनुशासन की ताकत!

The Hill India News
The Hill India News
November 8, 2026
छोटी दिवाली पर ही जहरीली होने लगी देवभूमि की हवा, देहरादून में AQI 290 तक पहुंचा; बड़ी दिवाली के पटाखे बढ़ाएंगे प्रदूषण की चिंता!
रामायण में मंदोदरी बनकर छाईं काजल अग्रवाल, कभी अजय देवगन के साथ किया रोमांस तो कभी साउथ में मचाया धमाल; बिजनेसमैन गौतम किचलू से की है शादी
राइजिंग स्टार्स एशिया कप से रजत पाटीदार ने वापस लिया नाम, BCCI का बड़ा फैसला; रिंकू सिंह बने इंडिया A के नए उपकप्तान
बदरीनाथ धाम की पहाड़ियों पर फिर भड़की आग, स्काई शॉट पटाखे से लगी लपटें; वन विभाग की टीम ने रातभर की मशक्कत के बाद पाया काबू
सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को दी दीपावली की शुभकामनाएं, बोले- हर घर-आंगन में खुशियों का उजाला हो; वीर जवानों के साथ मनाया दीपोत्सव
23 साल बाद जेनी का बड़ा खुलासा! हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म के गंभीर आरोप, DGP से मिलकर मांगी दोबारा CBI जांच, बोलीं- मेरे बेटे को चाहिए पिता का नाम
अमित शाह की देहरादून रैली पर कांग्रेस का बड़ा हमला! बीजेपी की जनसभा को बताया ‘फ्लॉप शो’, धस्माना बोले- जनता अब कुशासन से छुटकारा चाहती है
23 साल पुराने मामले ने फिर मचाया उत्तराखंड में सियासी तूफान! हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला देहरादून पहुंची, CBI जांच और DNA टेस्ट की उठाई मांग
उत्तराखंड की सियासत में बड़ा भूचाल! कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू झांसी से गिरफ्तार, नेपाल भागने की थी तैयारी
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?