Gold Silver Price Crash 28 September 2026: सितंबर के आखिरी दिनों में रिकॉर्ड तेजी का नया इतिहास बनाने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को अचानक जोरदार गिरावट देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही दोनों कीमती धातुओं पर भारी बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। खास तौर पर चांदी में गिरावट काफी तेज रही और इसका भाव एक ही कारोबारी सत्र में करीब ₹6,000 प्रति किलोग्राम तक नीचे आ गया। दूसरी तरफ सोने की कीमत में भी ₹2,600 से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
इस तेज गिरावट ने निवेशकों और आम ग्राहकों का ध्यान खींचा है, क्योंकि पिछले कुछ समय से सोना और चांदी लगातार रिकॉर्ड स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे थे। ऐसे में अचानक आई यह गिरावट बाजार के रुख में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली है।
MCX पर चांदी में करीब ₹6,000 की गिरावट
सोमवार को MCX पर 4 दिसंबर 2026 एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव में भारी गिरावट देखी गई। कारोबार के दौरान चांदी करीब ₹2,28,764 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंची। पिछले कारोबारी भाव की तुलना में इसमें करीब ₹5,932 यानी 2.53 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
दिन के कारोबार में चांदी ने करीब ₹2,28,035 प्रति किलोग्राम का निचला स्तर देखा, जबकि इसका ऊपरी स्तर करीब ₹2,32,300 प्रति किलोग्राम रहा। यानी एक ही कारोबारी दिन में चांदी की कीमत में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के महीनों में इसमें सोने की तुलना में कई बार ज्यादा तेज तेजी देखी गई थी। औद्योगिक मांग, निवेश मांग और वैश्विक अनिश्चितता के बीच चांदी ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया था। ऐसे में सोमवार की गिरावट ने बाजार में हलचल बढ़ा दी।
सोना भी ₹2,651 तक फिसला
चांदी के साथ-साथ सोने पर भी बिकवाली का दबाव रहा। MCX पर 5 अक्टूबर 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर करीब ₹1,48,230 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। पिछले भाव के मुकाबले इसमें ₹2,651 यानी करीब 1.76 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
सोने ने सोमवार के कारोबार में करीब ₹1,47,667 प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर भी देखा, जबकि कारोबार के दौरान यह करीब ₹1,50,100 के स्तर तक पहुंचा। इस तरह सोने में भी एक ही दिन में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
हालांकि, इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद सोना अब भी ऐतिहासिक रूप से बेहद ऊंचे स्तरों पर बना हुआ है। पिछले कुछ महीनों में लगातार तेजी के कारण सोने की कीमतों ने निवेशकों के बीच अपनी मजबूत स्थिति बनाई थी।
IBA के मुताबिक आज का सोना-चांदी भाव
इंडियन बुलियन एसोसिएशन (IBA) के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,48,910 प्रति 10 ग्राम, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,36,501 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। वहीं 999 फाइन चांदी का भाव करीब ₹2,28,780 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
ध्यान देने वाली बात यह है कि बुलियन और MCX के भावों में अंतर हो सकता है। MCX पर वायदा कारोबार के भाव चलते हैं, जबकि बुलियन रेट अलग आधार पर निर्धारित होते हैं। इसके अलावा स्थानीय बाजार में कीमतों पर टैक्स, मांग, सप्लाई और कारोबारी मार्जिन का भी प्रभाव पड़ता है।
दिल्ली से चेन्नई तक सोने के अलग-अलग रेट
देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला। सोमवार के उपलब्ध भाव के मुताबिक प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतें इस प्रकार रहीं:
- मुंबई: 24 कैरेट ₹1,48,580 और 22 कैरेट ₹1,36,198 प्रति 10 ग्राम
- दिल्ली: 24 कैरेट ₹1,48,320 और 22 कैरेट ₹1,35,960 प्रति 10 ग्राम
- बेंगलुरु: 24 कैरेट ₹1,48,700 और 22 कैरेट ₹1,36,308 प्रति 10 ग्राम
- कोलकाता: 24 कैरेट ₹1,48,380 और 22 कैरेट ₹1,36,015 प्रति 10 ग्राम
- हैदराबाद: 24 कैरेट ₹1,48,810 और 22 कैरेट ₹1,36,409 प्रति 10 ग्राम
- चेन्नई: 24 कैरेट ₹1,49,070 और 22 कैरेट ₹1,36,648 प्रति 10 ग्राम
शहरों के बीच मामूली अंतर सामान्य है। स्थानीय बाजार में मांग और सप्लाई के साथ-साथ टैक्स, परिवहन और अन्य लागतों के कारण रेट अलग हो सकते हैं।
चांदी का भी जानिए शहरवार भाव
चांदी की बात करें तो प्रमुख शहरों में सोमवार को इसके भाव इस प्रकार रहे:
- मुंबई: ₹2,28,150 प्रति किलोग्राम
- दिल्ली: ₹2,27,760 प्रति किलोग्राम
- बेंगलुरु: ₹2,28,330 प्रति किलोग्राम
- कोलकाता: ₹2,27,850 प्रति किलोग्राम
- हैदराबाद: ₹2,28,520 प्रति किलोग्राम
- चेन्नई: ₹2,29,030 प्रति किलोग्राम
यानी चांदी की कीमतें अलग-अलग शहरों में मामूली अंतर के साथ करीब ₹2.28 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं।
आखिर अचानक क्यों गिरे सोना और चांदी?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सोना और चांदी लंबे समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास थे तो अचानक इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
बाजार में किसी भी बड़ी तेजी के बाद मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग कीमतों पर दबाव डाल सकती है। जब किसी एसेट की कीमत काफी तेजी से ऊपर जाती है तो कुछ निवेशक मुनाफा निकालने के लिए अपनी पोजीशन बेचते हैं। इससे कीमतों में अचानक गिरावट आ सकती है।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, बॉन्ड यील्ड, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता जैसे कई कारक सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करते हैं।
हाल के दिनों में कीमती धातुओं में तेज तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली बढ़ने को भी सोमवार की गिरावट के प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है। चांदी में यह दबाव और ज्यादा दिखाई दिया, क्योंकि इसमें हाल के दौर में सोने की तुलना में तेज उतार-चढ़ाव रहा है।
इंटरनेशनल मार्केट में भी फिसले गोल्ड-सिल्वर
सोना-चांदी सिर्फ भारतीय बाजार में ही नहीं गिरे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में कमजोरी दिखाई दी। सोमवार को स्पॉट गोल्ड करीब 1.5 फीसदी गिरकर $4,223.95 प्रति औंस पर आ गया। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर करीब 1.5 फीसदी गिरकर $4,257.90 प्रति औंस के स्तर पर पहुंचा।
चांदी में भी करीब 2.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और स्पॉट सिल्वर लगभग $62.64 प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया।
इससे साफ है कि सोमवार की गिरावट केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रही, बल्कि वैश्विक कीमती धातु बाजार में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
पिछले साल से अब तक कितनी बढ़ी कीमत?
दिलचस्प बात यह है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद सोने और चांदी की लंबी अवधि की तेजी काफी मजबूत रही है। पिछले एक साल में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है और उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में इसमें 75 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की जा चुकी है।
चांदी ने तो इससे भी ज्यादा तेज रफ्तार दिखाई है। वर्ष 2023-24 के दौरान करीब ₹78,600 प्रति किलोग्राम के आसपास रहने वाली चांदी सितंबर 2026 में बढ़कर ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गई। हालांकि सोमवार की गिरावट के बाद इसका भाव कुछ नीचे आया है, लेकिन ऐतिहासिक तुलना में चांदी अभी भी बेहद ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
ज्वेलरी खरीदने वालों को कितना देना होगा?
अगर आप सोने के गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो केवल ऊपर बताए गए 22 या 24 कैरेट के भाव को अंतिम कीमत न मानें। ज्वेलरी की दुकान पर सोने की कीमत के साथ मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागू शुल्क जुड़ सकते हैं। इसी वजह से दुकान पर मिलने वाला अंतिम बिल बुलियन रेट से ज्यादा हो सकता है।
गहनों के लिए आम तौर पर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है, जबकि 24 कैरेट सोना अधिक शुद्ध माना जाता है और इसका इस्तेमाल निवेश के लिए बार या सिक्कों आदि के रूप में किया जाता है।
क्या आगे भी जारी रहेगी गिरावट?
सोना और चांदी आगे किस दिशा में जाएंगे, यह कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करेगा। वैश्विक बाजार में डॉलर की चाल, ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंकों की नीतियां, बॉन्ड यील्ड, भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और निवेशकों की मांग आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सोमवार की तेज गिरावट को देखते हुए बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि एक दिन की गिरावट को देखते हुए लंबी अवधि के पूरे रुझान का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। निवेशकों और ग्राहकों के लिए स्थानीय बाजार का ताजा भाव और खरीदारी के समय मिलने वाला अंतिम बिल देखना जरूरी है।
कुल मिलाकर, 28 सितंबर 2026 का दिन सोना-चांदी बाजार के लिए तेज उतार-चढ़ाव वाला रहा। रिकॉर्ड तेजी के बाद चांदी करीब ₹6,000 और सोना ₹2,651 तक टूट गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में कमजोरी रही। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि यह गिरावट महज मुनाफावसूली साबित होती है या आने वाले कारोबारी सत्रों में सोना-चांदी पर दबाव और बढ़ता है।
