देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के इन फैसलों का सीधा असर प्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों, खिलाड़ियों, अधिवक्ताओं, स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े कर्मचारियों पर पड़ेगा। बैठक में सबसे बड़ी राहत एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों को मिली, जिनके स्टाइपेंड में बड़ा इजाफा किया गया है। वहीं खेल प्रतिभाओं को सरकारी नौकरी में अवसर देने के लिए विभिन्न विभागों में 283 पद खिलाड़ियों के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। हरिद्वार में ESI अस्पताल के लिए 15 एकड़ जमीन देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। वहीं सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण और सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट तथा अधीनस्थ न्यायालयों में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का रास्ता भी साफ हो गया है।
इंटर्न डॉक्टरों को बड़ी राहत, ₹17 हजार से बढ़कर ₹25 हजार हुआ स्टाइपेंड
कैबिनेट बैठक का सबसे चर्चित फैसला एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को लेकर रहा। सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों को दिए जाने वाले मासिक स्टाइपेंड को ₹17,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने की मंजूरी दे दी है। लंबे समय से इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आवाज उठा रहे थे।
इंटर्न डॉक्टरों की ओर से स्टाइपेंड को ₹30,000 प्रतिमाह किए जाने की मांग की जा रही थी। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में डॉक्टरों ने प्रदर्शन भी किया था। चिकित्सा शिक्षा निदेशक की ओर से भी इंटर्न डॉक्टरों को उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया था। अब कैबिनेट के फैसले के बाद उनका स्टाइपेंड ₹25 हजार प्रतिमाह हो जाएगा। हालांकि डॉक्टरों की मूल मांग ₹30 हजार थी, ऐसे में यह फैसला उनके लिए राहत के साथ-साथ आगे की मांगों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खिलाड़ियों के लिए बड़ा फैसला, 283 सरकारी पद होंगे आरक्षित
धामी सरकार ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। खेल नीति 2021 के तहत विभिन्न विभागों में कुल 283 पद खिलाड़ियों के लिए आरक्षित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
इन पदों का लाभ प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के अवसर के रूप में मिलेगा। जिन विभागों में खिलाड़ियों के लिए पद आरक्षित किए गए हैं, उनमें खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और वन विभाग सहित अन्य विभाग शामिल हैं।
सरकार के इस फैसले को प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद रिजर्व
खिलाड़ियों के लिए एक और महत्वपूर्ण फैसला माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़ा है। कैबिनेट ने सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित करने को मंजूरी दी है।
इस फैसले से खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए रोजगार का नया रास्ता खुलेगा। सरकार की ओर से खेल प्रतिभाओं को नौकरी के अवसर देने की नीति के तहत इसे महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
वकीलों को भी मिली बड़ी खुशखबरी
कैबिनेट बैठक में अधिवक्ताओं से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। सरकार ने शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है।
इस निर्णय से सरकारी मामलों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं को आर्थिक रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से शुल्क और मानदेय की दरों में संशोधन की जरूरत महसूस की जा रही थी।
हरिद्वार में खुलेगा ESI अस्पताल, 15 एकड़ जमीन देने पर मुहर
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लिया है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के अस्पताल के लिए हरिद्वार में 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
हरिद्वार में ESI अस्पताल बनने से औद्योगिक क्षेत्रों और विभिन्न प्रतिष्ठानों में काम करने वाले बीमित कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है। अस्पताल की स्थापना से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
गढ़वाल सभा को 972 गज जमीन देने का फैसला
कैबिनेट ने जीएमवीएन की पार्किंग में 972 गज भूमि गढ़वाल सभा को देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह फैसला गढ़वाल क्षेत्र से जुड़े सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऊर्जा विभाग की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
कैबिनेट ने ऊर्जा विभाग और वैकल्पिक ऊर्जा विभाग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को भी विधानसभा में प्रस्तुत करने को मंजूरी दी गई है।
कारागार विभाग में अपर महानिदेशक का पद संवर्गीय ढांचे में शामिल
उत्तराखंड कारागार विभाग से जुड़े प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने निर्णय लिया है। विभाग की सेवा नियमावली के तहत अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में रखने को मंजूरी दी गई है।
विधिक माप विज्ञान विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन
कैबिनेट ने खाद्य विभाग के अधीन विधिक माप विज्ञान से जुड़ी सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इससे विभागीय सेवाओं और पदों से संबंधित नियमों में आवश्यक बदलाव का रास्ता साफ होगा।
एक नजर में धामी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले
- एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड ₹17,000 से बढ़ाकर ₹25,000 किया गया।
- माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद पदक विजेताओं के लिए आरक्षित किए गए।
- खेल नीति 2021 के तहत विभिन्न विभागों में 283 पद खिलाड़ियों के लिए आरक्षित किए गए।
- ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखने को मंजूरी।
- उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखने की अनुमति।
- कारागार विभाग में अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने की मंजूरी।
- सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों का पुनर्निर्धारण और अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी।
- खाद्य एवं विधिक माप विज्ञान विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन।
- जीएमवीएन की पार्किंग में 972 गज जमीन गढ़वाल सभा को देने की मंजूरी।
- हरिद्वार में ESI अस्पताल के लिए 15 एकड़ जमीन देने पर कैबिनेट की मुहर।
कुल मिलाकर धामी कैबिनेट की यह बैठक कई वर्गों के लिए राहत और नए अवसर लेकर आई है। खास तौर पर इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, खिलाड़ियों के लिए 283 सरकारी पदों का आरक्षण और 33 सहायक अध्यापक व्यायाम के पद पदक विजेताओं के लिए सुरक्षित किए जाने को प्रदेश में युवा प्रतिभाओं और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण फैसले के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं वकीलों के मानदेय में बढ़ोतरी और हरिद्वार में ESI अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध कराने का फैसला भी सरकार के अहम निर्णयों में शामिल रहा।
