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देहरादून में ‘लोकायुक्त’ के लिए महासंग्राम: बीजेपी दफ्तर कूच कर रही राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी को पुलिस ने रोका, कार्यकर्ताओं ने सरकार को भेंट किए ‘बादाम’

देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘लोकायुक्त’ गठन की मांग एक बार फिर से गर्मा गई है। गुरुवार, 7 मई 2026 को राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) के कार्यकर्ताओं ने सरकार को उसके चुनावी वादे की याद दिलाने के लिए भाजपा प्रदेश मुख्यालय का घेराव करने की कोशिश की। नेहरू कॉलोनी स्थित फवारा चौक से शुरू हुआ यह आक्रोश मार्च जब भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ा, तो पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को बीच रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

वादाखिलाफी का आरोप: 9 साल बाद भी ‘लोकायुक्त’ का इंतजार

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने प्रदेश की जनता से वादा किया था कि सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर सशक्त लोकायुक्त का गठन किया जाएगा।

सेमवाल ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, आज 9 साल बीत चुके हैं और प्रदेश में भाजपा की लगातार दूसरी बार सरकार है, लेकिन लोकायुक्त का वादा आज भी फाइलों में दबा हुआ है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार आखिर लोकायुक्त बनाने से क्यों डर रही है? हम यहाँ केवल शांतिपूर्ण तरीके से सरकार को उसकी सोई हुई याददाश्त वापस दिलाने आए थे।”

बादाम भेंट कर ‘याददाश्त’ बढ़ाने का अनूठा प्रदर्शन

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक दिलचस्प नजारा तब देखने को मिला जब RRP के नेताओं ने नायब तहसीलदार के माध्यम से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के लिए ‘बादाम’ का एक विशेष गिफ्ट हैंपर भेजा। पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने इस पर तंज कसते हुए कहा, हमने बादाम भेंट कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा अपनी याददाश्त दुरुस्त करे और जनता से किए गए वादों को न भूले। अगर इस प्रतीकात्मक विरोध के बाद भी लोकायुक्त का गठन नहीं किया गया, तो हमारा आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप लेगा।

मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार सुरेश सेमवाल ने पार्टी का ज्ञापन और बादाम का हैंपर स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि इसे उच्चाधिकारियों और संबंधित दल के नेतृत्व तक पहुँचाया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ही कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त किया।

महिला शक्ति और आंदोलनकारियों का हुंकार

उत्तराखंड आंदोलन प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला पटवाल ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि बिना सशक्त लोकायुक्त के उत्तराखंड आंदोलन की मूल भावना के साथ न्याय नहीं हो सकता। उन्होंने अन्य राजनैतिक दलों और जनसंगठनों से भी अपील की है कि वे राज्य के व्यापक हित में इस मांग का समर्थन करें।

प्रदर्शन में समानता पार्टी की महिला अध्यक्ष ऊषा डोभाल, सैनिक प्रकोष्ठ के भगवती प्रसाद नौटियाल, भगवती प्रसाद गोस्वामी और जिला अध्यक्षों सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की मांग ने पकड़ा तूल

गौरतलब है कि उत्तराखंड में लोकायुक्त का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रहा है। भ्रष्टाचार के बड़े मामलों की जांच के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी की कमी महसूस की जा रही है। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी द्वारा किए गए आज के इस सफल कार्यक्रम ने सत्ता पक्ष के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि यदि सरकार जल्द ही इस पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाती, तो आने वाले समय में यह मुद्दा विपक्ष के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकता है।

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